Betul Court Order : नाबालिग किशोरी के अपहरण और बलात्कार के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा
Betul Court Order: Life imprisonment to the accused of kidnapping and rape of a minor girl.
Betul Court Order : बैतूल। एक 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी का व्यपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म कर उसे गर्भवती करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास एवं जुर्माने से दंडित किया गया है। बैतूल के अनन्य विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) ने यह सजा सुनाई है।
आरोपी संदीप पिता जीवन मण्डल, उम्र-24 वर्ष, निवासी हीरापुर नंबर 01, थाना चोपना, जिला-बैतूल को यह सजा दी गई है। आरोपी को धारा 5(जे)(पप)/6 पॉक्सो एक्ट समाविष्ट धारा 376(3), 376(2)(एम) भादंवि, धारा 3/4 पॉक्सो एक्ट में आजीवन कारावास एवं 5,000 रुपये का जुर्माना, धारा 363 भादंवि में 03 वर्ष का कठोर कारावास एवं 1,000 रुपये के जुर्माने तथा धारा 506 (भाग-दो) भादंवि में 02 वर्ष का कठोर कारावास एवं 1,000 रुपये के जुर्माने से दण्डित किया गया है। (Betul Court Order)
प्रकरण में शासन की ओर से जिला अभियोजन अधिकारी एसपी वर्मा के निर्देशन में वरिष्ठ सहायक जिला अभियोजन अधिकारी/अनन्य विशेष लोक अभियोजक ओमप्रकाश सूर्यवंशी द्वारा पैरवी की गई। सहकर्मी वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी वंदना शिवहरे द्वारा प्रकरण की पैरवी में आवश्यक महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया गया। (Betul Court Order)
घटना का विवरण इस प्रकार है कि 25 जून 2021 को पीड़िता के पिता द्वारा आरक्षी केन्द्र चोपना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी पुत्री पीड़िता कक्षा 9वीं में पढ़ती थी। वह कभी मोटर साइकिल से, कभी साइकिल एवं कभी बस से स्कूल जाती थी। पीड़िता जब साइकिल से स्कूल जाती थी, तब ग्राम हीरापुर का रहने वाला संदीप मण्डल उसे परेशान करता रहता था। यह बात पीड़िता ने उसे पहले भी बताई थी। (Betul Court Order)
आज से लगभग 9 माह पहले उसकी पुत्री पीड़िता को आरोपी संदीप ने जबरदस्ती भगाकर अपने गांव हीरापुर नंबर 01 ले गया था। तब वह आरोपी के घर जाकर उसकी पुत्री को वापस लेकर आया था। उन्होंने बदनामी के डर के कारण पहले रिपोर्ट लेख नहीं करायी थी। (Betul Court Order)
पीड़िता ने दिया बच्चे को जन्म (Betul Court Order)
आरोपी द्वारा उसकी पुत्री के साथ घटना करने से वह गर्भवती हो गयी थी। उसकी पुत्री ने भी डर के कारण घटना के संबंध में घर में नहीं बतायी थी। 19 जून 2021 को रात में जब उसकी पुत्री पीड़िता को पेट में दर्द होने लगा तो वह पीड़िता को पाढर अस्पताल ले जाने लगे। रास्ते में ही पीड़िता ने एक बच्चे को जन्म दे दिया। वे पीड़िता व बच्चे को घोड़ाडोंगरी अस्पताल में ले गये, जहां पीड़िता का तीन दिन तक इलाज चला। (Betul Court Order)
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बदनामी के डर से नहीं दी जानकारी (Betul Court Order)
आरोपी उसकी पुत्री पीड़िता को बहला-फुसलाकर भगाकर ले गया और उसके साथ जबरदस्ती गलत काम किया और किसी को बताने पर उसे जान से मारने की धमकी दी थी। मगर बदनामी के डर के कारण उसकी पुत्री पीड़िता ने उन्हें पहले घटना के बारें में कुछ नहीं बताया था। बच्चा होने के बाद उसकी पुत्री ने आरोपी द्वारा ग्राम हीरापुर नंबर 01 ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म करने वाली बात बताई थी। जिसके कारण ही वह गर्भवती हुई थी। (Betul Court Order)
आरोपी को किया गया गिरफ्तार (Betul Court Order)
पीड़िता के पिता की शिकायत के आधार पर आरोपी संदीप मण्डल के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। आरोपी को गिरफ्तार किया गया, उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। आरोपी, पीड़िता एवं उसके नवजात शिशु का ब्लड सैम्पल लिया जाकर प्रकरण में जप्तशुदा सैम्पलों को डीएनए जांच हेतु एफएसएल भेजा गया। अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष विचारण हेतु प्रस्तुत किया गया। (Betul Court Order)
डीएनए रिपोर्ट से भी हुई पुष्टि (Betul Court Order)
पीड़िता ने स्पष्ट रूप से बताया कि आरोपी द्वारा उसके साथ जबरदस्ती गलत काम (बलात्कार) किया गया। जिसके कारण वह गर्भवती हुई और उसने बच्चे को जन्म दिया। जिसका पिता आरोपी है। पीड़िता की बात का समर्थन पीड़िता के पिता द्वारा भी अपनी साक्ष्य में किया गया। डीएनए परीक्षण रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गयी, जिसमें पीड़िता के नवजात शिशु का जैविक पिता आरोपी को होना पाया गया है। (Betul Court Order)
अभियोजन ने सिद्ध किया अपराध (Betul Court Order)
इन सभी से यह स्पष्ट हो गया कि आरोपी द्वारा ही पीड़िता के नाबालिग रहने के दौरान शारीरिक संबंध स्थापित किये गये थे। जिससे पीड़िता गर्भवती हुई और उसने एक नवजात शिशु को जन्म दिया। अभियोजन का मामला युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित पाकर न्यायालय द्वारा आरोपी को दंडित किया गया। (Betul Court Order)



