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LPG Subsidy: 14.2 किलो वाले हर सिलेंडर पर मिल रही ₹300 की राहत, जानें 5 किलो वालों के लिए क्या है नियम

LPG Subsidy: A relief of ₹300 is being provided on every 14.2 kg cylinder; find out the rules for 5 kg cylinders.

LPG Subsidy: 14.2 किलो वाले हर सिलेंडर पर मिल रही ₹300 की राहत, जानें 5 किलो वालों के लिए क्या है नियम
LPG Subsidy: 14.2 किलो वाले हर सिलेंडर पर मिल रही ₹300 की राहत, जानें 5 किलो वालों के लिए क्या है नियम

LPG Subsidy: रसोई गैस के बढ़ते खर्च के बीच प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जुड़े परिवारों के लिए सरकार की ओर से दी जा रही सब्सिडी बजट को संभालने में मदद करती है। पात्र लाभार्थियों को 14.2 किलोग्राम वाले LPG सिलेंडर पर ₹300 की टारगेटेड सब्सिडी दी जा रही है। हालांकि, यह लाभ पूरे साल कितनी बार मिलेगा, इसकी भी एक तय सीमा है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने अधिकतम 9 रिफिल तक सब्सिडी देने की मंजूरी दी थी। ऐसे में पूरे 9 रिफिल पर लाभ मिलने की स्थिति में सालभर में कुल ₹2,700 तक की बचत हो सकती है।

हर सिलेंडर पर ₹300 की सब्सिडी का प्रावधान

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना यानी PMUY के पात्र उपभोक्ताओं को 14.2 किलोग्राम LPG सिलेंडर पर ₹300 की टारगेटेड सब्सिडी मिलती है। केंद्र सरकार ने अगस्त 2025 में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इस व्यवस्था को आगे जारी रखने की मंजूरी दी थी।

इस योजना का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं को यह समझना जरूरी है कि ₹300 की सहायता हर रिफिल पर लागू हो सकती है, लेकिन इसकी कोई असीमित संख्या तय नहीं है। सरकार ने एक वित्त वर्ष में अधिकतम 9 रिफिल को सब्सिडी के दायरे में रखा है। इसलिए केवल यह कहना सही नहीं होगा कि उज्ज्वला कनेक्शन रखने वाले हर परिवार को हर सिलेंडर पर हमेशा ₹300 की राहत मिलेगी।

9 रिफिल पर कितनी होगी कुल बचत

यदि किसी पात्र उज्ज्वला उपभोक्ता ने एक वित्त वर्ष में 14.2 किलोग्राम वाले LPG सिलेंडर के कुल 9 रिफिल कराए और सभी संबंधित रिफिल पर ₹300 की सब्सिडी लागू हुई, तो गणना के अनुसार उसे कुल ₹2,700 की सहायता मिलेगी।

इसका हिसाब इस तरह समझा जा सकता है:

₹300 की सब्सिडी × 9 रिफिल = ₹2,700… इसलिए अधिकतम स्थिति में सालभर में ₹2,700 तक की टारगेटेड सब्सिडी का लाभ मिल सकता है। लेकिन इसे हर उज्ज्वला लाभार्थी को निश्चित रूप से मिलने वाली ₹2,700 की राशि नहीं समझना चाहिए। वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि संबंधित उपभोक्ता ने कितने रिफिल लिए और उन रिफिल पर सब्सिडी लागू हुई या नहीं।

12 सिलेंडर वाली पुरानी व्यवस्था से क्या बदला

उज्ज्वला योजना की सब्सिडी व्यवस्था में समय के साथ बदलाव भी किए गए हैं। सरकार ने मई 2022 में उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए 14.2 किलोग्राम LPG सिलेंडर पर ₹200 की सब्सिडी देने की शुरुआत की थी। उस समय एक वर्ष में अधिकतम 12 रिफिल तक यह सहायता देने का प्रावधान था।

इसके बाद अक्टूबर 2023 में प्रति सिलेंडर सब्सिडी की राशि बढ़ाकर ₹300 कर दी गई। बाद में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सब्सिडी वाले रिफिल की अधिकतम संख्या 9 प्रति वर्ष निर्धारित की गई। इसलिए मौजूदा व्यवस्था को समझते समय पुरानी 12 रिफिल वाली सीमा और वर्तमान 9 रिफिल की सीमा में अंतर रखना जरूरी है।

5 किलो LPG सिलेंडर लेने वालों के लिए अलग गणना

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत केवल 14.2 किलोग्राम वाले कनेक्शन ही नहीं हैं। योजना में 5 किलोग्राम LPG कनेक्शन की सुविधा भी उपलब्ध है। ऐसे उपभोक्ताओं के लिए सब्सिडी की गणना 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर के मुकाबले अनुपात के आधार पर की जाती है।

इसका मतलब यह है कि 5 किलो का सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले उज्ज्वला लाभार्थी को प्रत्येक रिफिल पर सीधे ₹300 की पूरी सब्सिडी मिलने की बात नहीं मानी जानी चाहिए। छोटे सिलेंडर के लिए सहायता राशि अनुपात के आधार पर निर्धारित होती है।

सब्सिडी देने का सरकार का उद्देश्य क्या है

उज्ज्वला योजना के तहत दी जाने वाली टारगेटेड सब्सिडी का मुख्य उद्देश्य पात्र परिवारों के लिए LPG को अपेक्षाकृत किफायती बनाए रखना है। घरेलू LPG की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG की कीमतों का प्रभाव पड़ता है। ऐसे में वैश्विक बाजार में कीमतों में बदलाव का असर घरेलू LPG की लागत पर भी दिखाई दे सकता है।

सरकार की ओर से उज्ज्वला लाभार्थियों को लक्षित सब्सिडी देकर इस प्रभाव को कम करने की कोशिश की जाती है। इससे पात्र परिवारों को LPG रिफिल कराने में आर्थिक राहत मिलती है और खाना पकाने के लिए स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल जारी रखने में मदद मिलती है।

जरूरत का 55 प्रतिशत से ज्यादा आयात करता है भारत

LPG की कीमतों को समझने के लिए भारत की आयात पर निर्भरता भी महत्वपूर्ण है। सरकार के अनुसार भारत अपनी LPG की जरूरत का 55 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात करता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG के दाम में होने वाला उतार-चढ़ाव देश के घरेलू बाजार को प्रभावित कर सकता है।

इसी वजह से घरेलू LPG उपभोक्ताओं पर कीमतों के असर को कम करने के लिए अलग-अलग नीतिगत कदम उठाए जाते हैं। उज्ज्वला योजना के पात्र लाभार्थियों के लिए ₹300 की टारगेटेड सब्सिडी भी इसी राहत व्यवस्था का हिस्सा है।

देश में कितने PMUY कनेक्शन हैं

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की पहुंच अब देश के करोड़ों परिवारों तक हो चुकी है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के दिसंबर 2025 के अपडेट के अनुसार, 1 नवंबर 2025 तक देश में करीब 10.33 करोड़ PMUY कनेक्शन थे।

इससे पता चलता है कि योजना के तहत LPG कनेक्शन का दायरा काफी बड़ा हो चुका है। सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 25 लाख अतिरिक्त LPG कनेक्शन देने को भी मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य उन पात्र परिवारों तक भी LPG कनेक्शन की सुविधा पहुंचाना है, जो अभी तक इस योजना से नहीं जुड़ पाए हैं।

उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए सबसे जरूरी बात

उज्ज्वला योजना की सब्सिडी को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 14.2 किलोग्राम LPG सिलेंडर पर ₹300 की सहायता अधिकतम 9 रिफिल तक सीमित है। यदि कोई पात्र लाभार्थी पूरे वित्त वर्ष में सभी 9 रिफिल करता है और प्रत्येक संबंधित रिफिल पर सब्सिडी मिलती है, तो कुल सहायता ₹2,700 तक हो सकती है।

वहीं, 5 किलोग्राम वाले सिलेंडर के मामले में सब्सिडी की राशि अनुपात के आधार पर तय होती है। इसलिए हर सिलेंडर पर ₹300 की राशि को सभी प्रकार के उज्ज्वला कनेक्शन के लिए समान नहीं माना जा सकता।

कुल मिलाकर, LPG सिलेंडर की कीमतों का असर सीधे घरेलू बजट पर पड़ता है। ऐसे में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के पात्र परिवारों को दी जाने वाली टारगेटेड सब्सिडी उन्हें रिफिल के खर्च में राहत देती है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर ₹300 की सहायता और अधिकतम 9 रिफिल की सीमा के हिसाब से पात्र लाभार्थी को एक वर्ष में अधिकतम ₹2,700 तक का लाभ मिल सकता है, बशर्ते वह पूरे 9 रिफिल ले और प्रत्येक पर सब्सिडी लागू हो।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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