IAS Success Story: पिता का सपना पूरा करने डॉक्‍टरी छोड़ शुरू की UPSC की तैयारी, फिर मुद्रा गैरोला ऐसे बनीं IPS अफसर

IAS Success Story: पिता का सपना पूरा करने डॉक्‍टरी छोड़ शुरू की UPSC की तैयारी, फिर मुद्रा गैरोला ऐसे बनीं IPS अफसर
IAS Success Story: पिता का सपना पूरा करने डॉक्‍टरी छोड़ शुरू की UPSC की तैयारी, फिर मुद्रा गैरोला ऐसे बनीं IPS अफसर

IAS Success Story: IAS जीवन में हर एक इंसान कई सारी मुश्किलों का सामना करते हुए सफलता को हासिल करता है। ऐसी बहुत सी सक्सेस स्टोरी है जिन्होंने कड़ी मेहनत के दम पर सर्विस परीक्षा पास कर ली है। यूपीएससी की ओर से हर वर्ष आयोजित की जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा देश की कठिन परीक्षाओं में से एक है। देश के कई युवा बचपन से इस परीक्षा को पास कर IAS बनने का सपना देखेते हैं। लोगों को कई बार असफलता मिलने के बाद भी हार न मानते हुए मेहनत करते है और सफलता के शिखर तक पहुंचते है। इस बात पर अमल करने वाले लोग अक्सर मिसाल बन जाते हैं। ऐसी ही कहानी है, आईएएस अफसर मुद्रा गैरोला की। जिनकी मेहनत और लगन ने ना केवल उनके परिवार का बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है। आइए जानते है आईएएस अफसर मुद्रा गैरोला की सफलता की कहानी के बारे में…

IAS Success Story: पिता का सपना पूरा करने डॉक्‍टरी छोड़ शुरू की UPSC की तैयारी, फिर मुद्रा गैरोला ऐसे बनीं IPS अफसर
IAS Success Story: पिता का सपना पूरा करने डॉक्‍टरी छोड़ शुरू की UPSC की तैयारी, फिर मुद्रा गैरोला ऐसे बनीं IPS अफसर

IAS मुद्रा गैरोला की पढ़ाई (IAS Success Story)

दरअसल, आईएएस अफसर मुद्रा गैरोला उत्तराखंड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग की रहने वाली हैं। हालांकि, अभी उनका परिवार दिल्ली में रहता है। वह बचपन से ही होशियार है। मुद्रा ने 10 कक्षा में 96% अंकों को हासिल किया। साथ ही 12वीं की बोर्ड परीक्षा में उन्होंने 97% नंबरों को पाया। 12वीं पास करने के बाद उन्होंने मुंबई के एक मेडिकल कॉलेज में बीडीएस यानी डेंटल में दाखिला लिया। खास बात ये है कि, मुद्रा ने यहां भी गोल्ड मेडल हासिल किया।

IAS Success Story: पिता का सपना पूरा करने डॉक्‍टरी छोड़ शुरू की UPSC की तैयारी, फिर मुद्रा गैरोला ऐसे बनीं IPS अफसर
IAS Success Story: पिता का सपना पूरा करने डॉक्‍टरी छोड़ शुरू की UPSC की तैयारी, फिर मुद्रा गैरोला ऐसे बनीं IPS अफसर

तीसरी बार मिली सफलता (IAS Success Story)

आईएएस अफसर मुद्रा गैरोला ने ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद दिल्ली में एमडीएस में दाखिला लिया। हालांकि, उनके पिता चाहते थे कि, वह आईएएस अफसर बने। बस फिर क्या था इस बात को जहन में बिठाते हुए उन्होंने अपना ध्यान यूपीएससी की परीक्षा में लगाया। और डॉक्टरी छोड़कर तैयारी शुरू कर दी। साल 2018 में उन्होंने पहली बार यूपीएससी सिविल सर्विस की परीक्षा दी। जिसमें वह इंटरव्यू राउंड तक पहुंचीं। 2019 में फिर से यूपीएससी इंटरव्यू दिया। इस बार भी उनका फाइनल सेलेक्शन नहीं हुआ। 2020 में वह मेन्स एग्जाम क्रैक नहीं कर सकीं।

2021 में सपना किया पूरा (IAS Success Story)

हार न मानते हुए आईएएस अफसर मुद्रा गैरोला ने साल 2021 में एक बार फिर से यूपीएससी की परिक्षा को दिया। इस बार उनकी मेहनत थोड़ी रंग लाई और उन्होंने 165वीं रैंक के साथ यूपीएससी क्लीयर किया और आईपीएस बन गईं। हालांकि, उन्हें आईएएस से कम कुछ मंजूर नहीं था। साल 2022 में 53वीं रैंक के साथ यूपीएससी क्लीयर करके वह आईएएस बनने में कामयाब रहीं। जानकारी के मुताबिक, मुद्रा के पिता अरुण भी आईएएस बनना चाहते थे। इसके लिए उनके पिता ने साल 1973 में यूपीएससी की परीक्षा को भी दिया था। हलांकि, वह इंटरव्यू में सफल नहीं हो पाए थे। आज उनके ये अधूरा सपना बेटी ने पूरा कर दिखाया है।

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