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Gwalior Kidney Transplant: एमपी के ग्वालियर में ऐतिहासिक सफलता, जानिए कैसे आयुष्मान कार्ड से संभव हुआ महंगा किडनी ट्रांसप्लांट

Gwalior Kidney Transplant: Historic success in Gwalior, MP; find out how the Ayushman card made the expensive kidney transplant possible.

Gwalior Kidney Transplant: एमपी के ग्वालियर में ऐतिहासिक सफलता, जानिए कैसे आयुष्मान कार्ड से संभव हुआ महंगा किडनी ट्रांसप्लांट
Gwalior Kidney Transplant: एमपी के ग्वालियर में ऐतिहासिक सफलता, जानिए कैसे आयुष्मान कार्ड से संभव हुआ महंगा किडनी ट्रांसप्लांट

Gwalior Kidney Transplant: मध्य प्रदेश के हर क्षेत्र में अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार लगातार कदम उठा रही है। इसी कड़ी में ग्वालियर स्थित गजराराजा मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में पहली बार गुर्दा प्रत्यारोपण का कार्य सफलता के साथ पूरा कर लिया गया है। ग्वालियर और चंबल संभाग के किसी भी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान के लिए यह एक बहुत बड़ी ऐतिहासिक सफलता मानी जा रही है।

उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने इस शानदार उपलब्धि पर पूरी डॉक्टर टीम और अस्पताल प्रशासन को दिल से शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में जटिल और अत्याधुनिक इलाज की सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन की पहली प्राथमिकता है। क्षेत्र के गरीब और जरूरतमंद मरीजों को अब इस सुविधा का सीधा लाभ मिलेगा और आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज मिलने से जनता को बहुत राहत पहुंचेगी।

पत्नी ने पति को दी नई जिंदगी

छतरपुर जिले के रहने वाले साठ वर्षीय कृष्णकांत गुप्ता की दोनों किडनियां खराब हो गई थीं। इस कठिन परिस्थिति में उनकी पचपन वर्षीया पत्नी मीना गुप्ता ने बिना किसी हिचकिचाहट के पति को गुर्दा दान करने का फैसला किया। मेडिकल टीम द्वारा मरीज और अंगदाता दोनों के कई दौर के जरूरी स्वास्थ्य परीक्षण, काउंसलिंग तथा मैचिंग टेस्ट सफलतापूर्वक पूरे किए गए। सभी कागजी और चिकित्सीय औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दोनों को उनतीस अगस्त को अस्पताल में दाखिल कर लिया गया। फिलहाल दोनों की स्थिति पूरी तरह से स्थिर बनी हुई है और विशेषज्ञ डॉक्टर लगातार उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए हैं।

साढ़े छह घंटे तक चला जटिल ऑपरेशन

रविवार की सुबह लगभग साढ़े आठ बजे प्रत्यारोपण की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ टीम ने दिल्ली के मणिपाल अस्पताल से आए जाने-माने ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ डॉक्टर विकास जैन के मार्गदर्शन में यह जटिल काम अंजाम दिया। दोपहर तीन बजे तक चला यह ऑपरेशन करीब साढ़े छह घंटे तक चला, जिसके दौरान मरीज और डोनर दोनों के स्वास्थ्य मानकों पर लगातार बारीकी से निगरानी रखी गई। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि संपूर्ण प्रक्रिया तय मेडिकल नियमों के अनुसार पूरी हुई।

आयुष्मान भारत योजना के तहत मिला मुफ्त इलाज

इस पूरी बेहद महंगी और जटिल चिकित्सा प्रक्रिया का खर्च आयुष्मान कार्ड के जरिए उठाया गया, जिससे पीड़ित परिवार को एक भी रुपया खर्च नहीं करना पड़ा। इससे यह साबित होता है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीज भी अब बड़े सरकारी अस्पतालों में जटिल और आधुनिक सर्जरी का लाभ बिना किसी वित्तीय बोझ के उठा सकते हैं। मरीज के परिजनों ने इस मानवीय सेवा के लिए डॉक्टरों की टीम और राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।

संक्रमण से सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम

ऑपरेशन पूरा होने के बाद मरीज को किसी भी प्रकार के बाहरी संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए विशेष प्रकार के आईसीयू कक्ष की व्यवस्था की गई है। अस्पताल में केंद्रीय एयर कंडीशनिंग सिस्टम होने के बावजूद इस खास कमरे के लिए अलग से तापमान नियंत्रण प्रणाली लगाई गई है, ताकि मरीज को पूरी तरह रोगाणुमुक्त वातावरण मिल सके। इस कक्ष में केवल अधिकृत डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को ही जाने की इजाजत दी गई है। चिकित्सकों की अलग-अलग टीमें बारी-बारी से पूरे चौबीस घंटे मरीज की सेहत की निगरानी कर रही हैं।

चिकित्सा टीम और परिजनों का अनुभव

मरीज के बेटे सुमित ने बताया कि इलाज के दौरान उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा और पूरा ऑपरेशन बिना किसी बाधा के संपन्न हुआ। मेडिकल कॉलेज के डीन डॉक्टर आर.के.एस. धाकड़ ने इसे पूरे अंचल के लिए एक गर्व का क्षण बताया। वहीं दिल्ली से आए विशेषज्ञ डॉक्टर विकास जैन ने भी ग्वालियर अस्पताल की व्यवस्थाओं, उपकरणों और वहां के स्थानीय स्टाफ के पेशेवर रवैये की जमकर सराहना की।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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