Betul Crime News: ट्रेन में फर्जी आईडी के सहारे चल रहे थे अवैध वेंडर, रेलवे की टीम ने पकड़ कर आरपीएफ को सौंपा
Betul Crime News: Illegal vendors were running in the train with the help of fake IDs, the railway team caught them and handed them over to RPF
Betul Crime News: यदि आप ट्रेन में सफर कर रहे हैं और खाने पीने के लिए कुछ खरीद रहे हैं तो जरा सावधानी बरतें। गर्मी की छुट्टी के चलते इन दिनों ट्रेनों में काफी भीड़ चल रही है। ऐसे में कई अवैध वेंडर भी सक्रिय होकर ट्रेनों में खान पान की सामग्री धड़ल्ले से बेच रहे हैं। इनके द्वारा बेची जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता भी संदेह के दायरे में रहती है। रेलवे द्वारा चलाए गए अभियान में ऐसे ही कई अवैध वेंडर पकड़े गए हैं।
दरअसल विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस की पूर्व संध्या पर मध्य रेलवे के नागपुर मंडल ने खानपान स्टालों के स्वच्छता मानकों की जांच के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया। मंडल रेल प्रबंधक तुषार कान्त पाण्डेय ने नागपुर सहित मंडल के सभी प्रमुख स्टेशनों पर समन्वित निरीक्षण का निर्देश दिया था। उन्हीं के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया। इसके तहत नागपुर में आईआरसीटीसी के स्थानीय अधिकारियों के साथ नरेश लेखारिया सहायक वाणिज्य प्रबंधक (सीओजी), खाद्य सुरक्षा अधिकारी नागपुर, 4 वाणिज्य निरीक्षक और 14 वाणिज्य कर्मचारियों के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम ने अभियान चलाया।
इस टीम ने कंचन रेस्टोरेंट और कैटरर्स, इटारसी से अनाधिकृत विक्रेताओं के साथ ट्रेन नंबर 09716 और 05216 से भोजन और बड़ी मात्रा में पानी की बोतलें, फलों के रस की बोतलें और अस्वास्थ्यकर पकाए गए अनधिकृत ब्रांडों को जब्त किया। दिलचस्प बात यह है कि इन समर स्पेशल ट्रेनों में कंचन रेस्टोरेंट और कैटरर्स के पास वेंडिंग परमिशन नहीं है और वेंडर्स से छीने गए आईकार्ड भी जाली थे। अनाधिकृत वेंडरों को उपयुक्त कार्रवाई के लिए आरपीएफ नागपुर को सौंप दिया गया था और वाणिज्य विभाग ने कंचन रेस्टोरेंट और कैटरर्स के खिलाफ संविदात्मक मानदंडों का उल्लंघन करने के लिए भी कार्रवाई शुरू कर दी। इसके अलावा, नागपुर रेलवे स्टेशन के दो खानपान स्टालों के भोजन के नमूने गुणवत्ता मानदंडों के परीक्षण के लिए सरकारी प्रयोगशाला में भेजे गए।
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वर्धा में इसी तरह के अभियान में वाणिज्यिक विभाग की निरीक्षण टीम का दौरा कर एक अनधिकृत वेंडर को आरपीएफ को सौंप दिया गया था। सभी अनुभागीय वाणिज्यिक निरीक्षकों ने बैतूल, चंद्रपुर, बल्लारशाह और सेवाग्राम रेलवे स्टेशनों पर भी इसी तरह का अभियान चलाया। आशुतोष श्रीवास्तव ने नागपुर रेलवे स्टेशन को ‘ईट राइट रेलवे स्टेशन’ घोषित करने के लिए प्रक्रिया शुरू करने की भी जानकारी दी, जिसमें थर्ड पार्टी एजेंसी द्वारा कड़े गुणवत्ता ऑडिट और कैटरिंग यूनिट ठेकेदार द्वारा तैनात सभी कर्मचारियों को उच्चतम स्तर पर स्वच्छ मानक सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षण शामिल है। वर्तमान में मध्य रेलवे में सीएसएमटी और इगतपुरी केवल दो ‘ईट राइट’ स्टेशन हैं।



