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Farm Loan Due Date: किसानों को बड़ी राहत: अब पूरे साल के ऋण के लिए एक ही ड्यू डेट, मंत्रि-परिषद ने कई अहम फैसलों को दी मंजूरी

Farm Loan Due Date: Major relief for farmers—now a single due date for the entire year's loans; Council of Ministers approves several key decisions.

Farm Loan Due Date: किसानों को बड़ी राहत: अब पूरे साल के ऋण के लिए एक ही ड्यू डेट, मंत्रि-परिषद ने कई अहम फैसलों को दी मंजूरी
Farm Loan Due Date: किसानों को बड़ी राहत: अब पूरे साल के ऋण के लिए एक ही ड्यू डेट, मंत्रि-परिषद ने कई अहम फैसलों को दी मंजूरी

Farm Loan Due Date: भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों को राहत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब अल्पावधि फसल ऋण लेने वाले किसानों को खरीफ और रबी सीजन के लिए अलग-अलग तिथियों पर ऋण चुकाने की आवश्यकता नहीं होगी। राज्य सरकार ने ऋण व्यवस्था को सरल बनाते हुए वार्षिक एकल ऋण सीमा लागू करने का निर्णय लिया है, जिससे किसानों को ऋण प्रबंधन में आसानी होगी। यह फैसला मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में लिया गया।

बैठक में किसानों, महिलाओं, विद्यार्थियों और जनजातीय क्षेत्रों के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के लिए कुल 5 हजार 960 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मंजूर की गई है। साथ ही मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने, स्कूलों के उन्नयन, नए विधि महाविद्यालय की स्थापना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की निरंतरता जैसे अनेक जनहितकारी निर्णय लिए गए।

किसानों के लिए ऋण व्यवस्था में बड़ा बदलाव

राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज पर अल्पावधि फसल ऋण उपलब्ध कराने की योजना में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। अब तक किसानों को खरीफ और रबी दोनों सीजन के लिए अलग-अलग ड्यू डेट के आधार पर ऋण का भुगतान करना पड़ता था, लेकिन नई व्यवस्था में दोनों सीजन को जोड़ते हुए एक वार्षिक ऋण सीमा निर्धारित की जाएगी।

इस नई प्रणाली के अंतर्गत नकद और वस्तु ऋण की अलग-अलग उप-सीमाएं तय रहेंगी, जबकि ऋण की देय तिथि पहली बार ऋण निकासी की तारीख से 12 माह बाद निर्धारित होगी। इससे किसानों को भुगतान के लिए अधिक समय मिलेगा और वे फसल की स्थिति तथा बाजार भाव के अनुसार बेहतर वित्तीय योजना बना सकेंगे।

Farm Loan Due Date: किसानों को बड़ी राहत: अब पूरे साल के ऋण के लिए एक ही ड्यू डेट, मंत्रि-परिषद ने कई अहम फैसलों को दी मंजूरी
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समय पर भुगतान करने वाले किसानों को मिलेगा अतिरिक्त लाभ

राज्य सरकार ने किसानों को समय पर ऋण चुकाने के लिए प्रोत्साहित करने का भी निर्णय लिया है। योजना के तहत अल्पावधि फसल ऋण लेने वाले किसानों को सामान्य रूप से 1.25 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त जो किसान निर्धारित ड्यू डेट तक ऋण का भुगतान कर देंगे, उन्हें 4 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान प्रोत्साहन के रूप में मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे ऋण अदायगी की संस्कृति मजबूत होगी और किसानों को ब्याज के बोझ से राहत मिलेगी।

वर्ष 2012-13 से चल रही है शून्य ब्याज ऋण योजना

प्रदेश में जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों से जुड़ी बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। यह योजना वर्ष 2012-13 से लगातार संचालित है।

योजना के अंतर्गत तीन लाख रुपये तक का अल्पावधि फसल ऋण लेने वाले किसानों से कोई ब्याज नहीं लिया जाता, बशर्ते वे निर्धारित समय सीमा के भीतर ऋण का भुगतान कर दें। राज्य सरकार प्रत्येक वर्ष बेस रेट और अन्य शर्तों का निर्धारण करती है तथा केंद्र सरकार से मिलने वाली ब्याज सहायता के बाद शेष राशि स्वयं वहन करती है। इसी व्यवस्था के कारण किसानों को बिना ब्याज के ऋण उपलब्ध हो पाता है।

Farm Loan Due Date: किसानों को बड़ी राहत: अब पूरे साल के ऋण के लिए एक ही ड्यू डेट, मंत्रि-परिषद ने कई अहम फैसलों को दी मंजूरी
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महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा, विवाह योजनाओं को मिली मंजूरी

मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना और कल्याणी विवाह सहायता योजना को आगामी पांच वर्षों तक जारी रखने का निर्णय लिया है। इसके लिए 1 हजार 740 करोड़ 57 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।

यह योजना 1 अप्रैल 2006 से संचालित है और इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की विवाह योग्य कन्याओं, विधवाओं और परित्यक्ताओं को सहायता प्रदान करना है। सामूहिक विवाह कार्यक्रमों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को प्रति कन्या 55 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।

वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक इस योजना के माध्यम से 1 लाख 72 हजार 905 हितग्राहियों को 989 करोड़ 80 लाख 62 हजार रुपये से अधिक की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है।

सरकार का मानना है कि यह योजना न केवल गरीब परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है बल्कि बाल विवाह रोकने और विवाह की वैधानिक आयु सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा विस्तार, सैकड़ों स्कूल होंगे उन्नत

बैठक में विद्यार्थियों की शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने और ड्रॉप आउट दर कम करने के उद्देश्य से सरकारी स्कूलों के उन्नयन की योजना को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की गई।

निर्णय के अनुसार वर्ष 2026-27 में 75 माध्यमिक विद्यालयों को हाई स्कूल और 100 हाई स्कूलों को हायर सेकेंडरी विद्यालय में परिवर्तित किया जाएगा। यही प्रक्रिया आगामी दो वर्षों यानी 2027-28 और 2028-29 में भी जारी रहेगी। इस प्रकार तीन वर्षों में कुल 225 माध्यमिक विद्यालय हाई स्कूल तथा 300 हाई स्कूल हायर सेकेंडरी स्तर तक उन्नत किए जाएंगे।

इस योजना के लिए लगभग 635 करोड़ 24 लाख रुपये के अनुमानित व्यय को भी स्वीकृति दी गई है।

नामांकन बढ़ाने और ड्रॉप आउट कम करने पर फोकस

राज्य सरकार ने विकसित मध्यप्रदेश 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2029 तक शत-प्रतिशत सकल नामांकन दर प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्तमान में हाई स्कूल स्तर पर सकल नामांकन दर 75 प्रतिशत और हायर सेकेंडरी स्तर पर 55 प्रतिशत है।

कक्षा 8 से 9 में प्रवेश करने वाले विद्यार्थियों की दर 77 प्रतिशत तथा कक्षा 10 से 11 में यह आंकड़ा 68 प्रतिशत है। विद्यालयों की दूरी अधिक होने के कारण कई विद्यार्थी आगे की पढ़ाई छोड़ देते हैं या नियमित रूप से स्कूल नहीं पहुंच पाते। इसी समस्या को दूर करने के लिए विद्यालयों को विद्यार्थियों के निकट उपलब्ध कराने की रणनीति अपनाई गई है।

सांदीपनि विद्यालयों के कैचमेंट क्षेत्र में नहीं होगा उन्नयन

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन क्षेत्रों में सांदीपनि विद्यालय संचालित हैं, वहां के कैचमेंट एरिया में आने वाले विद्यालयों का उन्नयन नहीं किया जाएगा। यदि ऐसे क्षेत्रों के सभी विद्यार्थी सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश ले लेते हैं तो संबंधित विद्यालयों को आवश्यकता वाले अन्य क्षेत्रों में युक्तियुक्तकरण के आधार पर स्थानांतरित किया जा सकेगा।

विद्यालयों की वास्तविक आवश्यकता का निर्धारण गति शक्ति पोर्टल, जनसंख्या के आंकड़ों और यू-डाइस डेटा के आधार पर किया जाएगा।

शुजालपुर में खुलेगा नया शासकीय विधि महाविद्यालय

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी मंत्रि-परिषद ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप शाजापुर जिले के शुजालपुर में सत्र 2026-27 से नए शासकीय विधि महाविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दे दी गई है।

इसके लिए 9 शैक्षणिक और 8 अशैक्षणिक पदों सहित कुल 17 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। इस परियोजना पर 2 करोड़ 39 लाख 92 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। आवश्यक कार्रवाई के लिए उच्च शिक्षा विभाग को अधिकृत किया गया है।

फिलहाल जवाहरलाल नेहरू स्मृति शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, शुजालपुर में एलएलबी का तीन वर्षीय पाठ्यक्रम एक संकाय के रूप में संचालित हो रहा है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार विधि शिक्षा के लिए पृथक विधि महाविद्यालय आवश्यक है। इसी कारण नया कॉलेज स्थापित किया जा रहा है।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए 3,580 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी

मंत्रि-परिषद ने लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए 3 हजार 580 करोड़ 7 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। यह राशि परिवहन तथा कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की अवधि अर्थात 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक उपयोग की जाएगी।

इस निर्णय से राशन वितरण व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और हितग्राहियों तक खाद्यान्न पहुंचाने की प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी।

जनजातीय क्षेत्रों के विद्युतीकरण को भी मिला समर्थन

बैठक में प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) तथा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत विद्युतीकरण कार्यों को गति देने के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए अंशदान पर देय एसजीएसटी राशि राज्य सरकार वितरण कंपनियों को अंश पूंजी के रूप में उपलब्ध कराएगी।

इस कदम से जनजातीय क्षेत्रों में बिजली सुविधाओं के विस्तार और आधारभूत विकास कार्यों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

विकास और जनकल्याण पर केंद्रित रहे फैसले

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णयों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार किसानों, महिलाओं, विद्यार्थियों और जनजातीय समुदायों के कल्याण को प्राथमिकता दे रही है। विशेष रूप से किसानों के लिए ऋण भुगतान व्यवस्था को सरल बनाना और शिक्षा सुविधाओं का विस्तार करना ऐसे कदम हैं जिनका सीधा लाभ बड़ी संख्या में लोगों को मिलेगा। आगामी वर्षों में इन योजनाओं के प्रभाव से प्रदेश में सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलने की संभावना जताई जा रही है।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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