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Live (देखें वीडियो)… यूक्रेन में फंसे बैतूल के छात्र ने बताए वहां के हालात, बोला- बहुत बुरे हैं हाल, आसपास ही हो रहे धमाके…

  • उत्तम मालवीय, बैतूल
    यूक्रेन (Ukraine) पर रुस के हमले के बाद इंडिया में भी हड़कंप मचा हुआ है। इंडिया के कई छात्र यूक्रेन में फंसे हुए है। इनमें बैतूल जिले के पाढर क्षेत्र का रहने वाला एक छात्र भी शामिल है। उसने वहां के खौफनाक हालात के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही वे वहां कैसे रह रहे हैं, इसके कुछ वीडियो भी भेजे हैं।

    पाढर निवासी दीपांशु विश्वकर्मा यूक्रेन के विन्नित्सया शहर में नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस कर रहा है। छात्र की 27 फरवरी को इंडिया लौटने की फ्लाइट थी, लेकिन उससे पहले युद्ध शुरु होने से छात्र वहीं फंस गया है। छात्र ने वहां के हालात साझा किए। दीपांशु ने बताया 24 फरवरी की सुबह शहर के वायुसेना कैंप में धमाका होने के बाद बंकर में रात बिताई।

    प्राथमिक शाला पीसाजोड़ी में पदस्थ शिक्षक उमेश विश्वकर्मा का सबसे छोटा पुत्र दीपांशु विश्वकर्मा यूक्रेन के विन्नित्स्या शहर से एमबीबीएस कर रहा है। उसका यह चौथा साल है। दीपांशु नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस कर रहा है। छात्र ने बताया 24 फरवरी को रात तीन बजे युद्ध का सायरन बजा। इसके बाद सुबह 7 बजे विन्नित्स्या में स्थित वायुसेना कैंप पर 24 फरवरी की सुबह धमाका होने के बाद सभी यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले सभी छात्रों को बंकर में ले जाया गया।

    वहां पर रात बिताने के बाद 25 फरवरी की सुबह फ्लैट में जाने की इजाजत दी। उसके बाद शाम को फिर बंकर में ले जाया गया। छात्र ने बताया यूनिवर्सिटी का ही बंकर हैं। इसमें उनके ग्रुप के दस छात्र है, जिसमें इंदौर के दो छात्र भी शामिल है। उन्होंने बताया हमारे शहर से यूक्रेन की राजधानी कीव 400 किमी दूर है।

    स्टॉक कर लिया पांच छह दिन का सामान
    छात्र दीपांशु ने बताया यहां पर हालात बेहद खराब है। इसके कारण पांच छह दिन का सामान रख लिया है। एटीएम के सामने दो किमी की लंबी लाइन लगी है। वहां पर धमाके के बाद सारे रुट बंद हो गए है। यातायात का कोई भी साधन नहीं है।

    रक्षाबंधन से घर नहीं आया छात्र
    पाढर का रहने वाला छात्र दीपांशु रक्षाबंधन पर अपने घर आया था। उसके बाद से घर नहीं लौट सका। छात्र की 27 फरवरी को इंडिया लौटने की फ्लाइट में टिकट बुक हो चुकी थी। लेकिन उससे पहले ही युद्ध शुरु होने के कारण फ्लाइट बंद हो गई है। इसके कारण वह घर पर लौट नहीं पाया। घरवाले पल-पल में उसका अपडेट ले रहे है। हालांकि दीपांशु ने बताया वह सुरक्षित है, लेकिन खतरा बना हुआ है।

    दूतावास ने दिलाया भरोसा
    दीपांशु ने बताया भारतीय दूतावास ने मेल भेजकर इंडिया के सभी छात्रों से कहा अभी जहां है, वहीं रहे। जल्द ही उनको देश भेजा जाएगा। दूतावास ने आश्वासन दिया है कि मालदीप, पोलैंड बॉर्डर से इंडिया ले जाया जाएगा, लेकिन उनको कब इंडिया भेजा जाएगा, इसकी जानकारी अभी तक नहीं दी गई है।

  • उत्तम मालवीय

    मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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