Betul Samachar : संत शिरोमणि पूज्य गुरू श्री रविदास जी समरसता यात्रा पहुंची बैतूल, भारत भारती में भव्य स्वागत
Betul News: Saint Shiromani Pujya Guru Shri Ravidas Ji Samarsata Yatra Deputy Betul, grand welcome in Bharat-Bharti

Betul Samachar : (बैतूल)। प्रदेश सरकार सन्त शिरोमणि पूज्य रविदास जी महाराज के भव्य मंदिर का निर्माण सागर जिले में लगभग 102 करोड़ रूपए की लागत से करने जा रही है। मन्दिर निर्माण और समरसता का सन्देश जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा निकाली जा रही सन्त शिरोमणि श्री रविदास जी समरसता यात्रा मंगलवार को बैतूल जिले में पहुँची। यात्रा का रात्रि पड़ाव भारत भारती आवासीय विद्यालय होने से यात्रा रात्रि 8 बजे भारत भारती परिसर पहुँचने पर पुष्प वर्षा के साथ भारत भारती के बैण्ड दल द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक धुनों के साथ स्वागत किया गया। यात्रा के स्वागत में 101 दीपक जलाये गये।
भारत भारती के सचिव मोहन नागर द्वारा सन्त शिरोमणि की पादुका का पूजन कर यात्रा में सम्मिलित सन्तों व अतिथियों का स्वागत किया गया। विद्या भारती जनजाति शिक्षा के राष्ट्रीय सह संयोजक बुधपाल सिंह ठाकुर, विद्यालय के प्राचार्य जितेंद्र परसाई, प्रधानाचार्य वैभव जोशी, कार्यलय प्रमुख जितेंद्र तिवारी, छात्रावास प्रमुख मुकेश दवन्डे, आईटीआई के प्राचार्य विकास विश्वास सहित आचार्य परिवार व छात्रों द्वारा सन्त शिरोमणि की पादुका का पूजन किया गया।
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यात्रा में सम्मिलित अनुसूचित जाति एवं वित्त विकास निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर ने इस अवसर पर बताया कि मध्यप्रदेश के सागर में संत शिरोमणि श्री रविदास जी मंदिर एवं कला संग्रहालय के निर्माण के लिए प्रदेश के विभिन्न स्थानों से समरसता यात्राएं रवाना हुई है। यह यात्राएं प्रदेश के विभिन्न स्थानों से होते हुए 12 अगस्त को सागर पहुंचेगी, जहां संत शिरोमणि श्री रविदास जी के मंदिर का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया जाएगा। यात्रा के प्रभारी सूरज केरो ने कहा कि संत शिरोमणि श्री रविदास जी राष्ट्र की धरोहर है। उन्होंने हिन्दू संस्कृति व परम्परा को आगे बढ़ाया है। यात्रा का उद्देश्य सभी में समरसता की भावना पैदा करना है।

समरसता यात्रा के माध्यम से संत शिरोमणि श्री रविदास जी के मंदिर के निर्माण के लिए पवित्र जल एवं मिट्टी भी कलशों में एकत्रित की जा रही है। कार्यक्रम के पश्चात अतिथियों व यात्रियों ने विद्यालय परिवार के साथ भोजन किया। यात्रा ने प्रातः 8 बजे आमला के लिए प्रस्थान किया।



