forest rights act: सामुदायिक वन अधिकारों पर बड़ा फैसला: बैतूल कलेक्टर ने एसडीएम और फॉरेस्ट अधिकारियों को दी चेतावनी
Forest Rights Act: Major decision on community forest rights; Betul Collector issues warning to SDM and forest officials.

forest rights act: बैतूल। सामुदायिक वन संसाधन अधिकार का उद्देश्य वन संसाधनों के उपयोग के साथ उनका स्थायी विकास एवं संरक्षण सुनिश्चित करना है। जिले में इसे आजीविका सृजन के साथ वन संरक्षण एवं पुनरुद्धार का मॉडल बनाया जाए। यह निर्देश कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित जिला स्तरीय वन अधिकार समिति की बैठक में सभी एसडीएम, एसडीओ फॉरेस्ट एवं संबंधित अधिकारियों को दिए।
बैठक में अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य मंगल सिंह धुर्वे, वन मंडल अधिकारी लक्ष्मीकांत वासनिक, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्रीमती वत्सला शिवहरे, रेंज ऑफिसर रविन्द्र पाटीदार सहित समिति के सदस्य उपस्थित रहे। सभी एसडीएम, एसडीओ फॉरेस्ट एवं अन्य संबंधित अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
बैठक में भीमपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत गुरुवा के ग्राम गुरुवा एवं ग्राम पंचायत चिचली के बालू के सामुदायिक वन संसाधन अधिकार दावों का अनुमोदन किया गया। कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने कहा कि दक्षिण, उत्तर एवं पश्चिम वन मंडल के शेष सामुदायिक वन संसाधन अधिकार दावों का भी आगामी सप्ताह आयोजित होने वाली बैठक में अनुमोदन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि दावों की संख्या से अधिक महत्वपूर्ण यह है कि वन अधिकारों के उद्देश्य के अनुरूप उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो। उन्होंने सामुदायिक वन संसाधन अधिकार दावों के निराकरण में संतोषजनक प्रगति नहीं लाने पर एसडीएम भैंसदेही अजीत मरावी और एसडीओ फॉरेस्ट साउथ देवानन्द पांडे को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि प्रगति नहीं लाने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी।

अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य मंगल सिंह धुर्वे ने भी वन अधिकार दावों के समयबद्ध निराकरण पर जोर दिया। कलेक्टर ने एसडीएम भैंसदेही, एसडीएम शाहपुर एवं संबंधित एसडीओ फॉरेस्ट को विशेष ध्यान देते हुए वन अधिकार संसाधन दावों का जिला स्तरीय समिति से शीघ्र निराकरण कराने के निर्देश दिए।
कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने कहा कि वन अधिकार दावों के निराकरण की प्रक्रिया में ग्राम समिति, उपखंड समिति एवं जिला स्तरीय समिति तक अनुमोदन की प्रक्रिया का गंभीरता से पालन किया जाए। सभी अनुमोदन एवं कमियों से संबंधित विषयों को कार्यवाही विवरण में दर्ज किया जाए, ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
सरल और सुगम रूप से पहुंचाएं वन अधिकार का लाभ
कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वन अधिकार दावों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि कोई भी पात्र व्यक्ति वन अधिकार पट्टे के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि वन अधिकार पात्र व्यक्तियों का अधिकार है। सभी एसडीएम, एसडीओ फॉरेस्ट एवं संबंधित अधिकारी पात्र व्यक्तियों तक सरल एवं सुगम रूप से वन अधिकार का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने अमान्य दावों के निरस्तीकरण की प्रक्रिया नियमानुसार पूर्ण करने तथा पात्र दावों का पुनः परीक्षण कर उनका निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में समिति द्वारा 100 वन अधिकार दावों का निराकरण किया गया तथा शेष दावों के समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए गए।
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पट्टों को राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने के निर्देश
बैठक में कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने स्वीकृत वन अधिकार पट्टों को राजस्व अभिलेखों में दर्ज किए जाने की कार्यवाही की भी समीक्षा की। उन्होंने एसडीएम भैंसदेही एवं शाहपुर को स्वीकृत वन अधिकार पट्टों को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए।
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