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Moong kharidi MP: एमपी में एमएसपी पर मूंग खरीदी की बढ़ी उम्मीद, सीएम ने कही यह बात

Moong kharidi MP: मध्यप्रदेश में इस साल जहरीली बताकर मूंग खरीदी नहीं की जा रही है। इसके चलते किसान संगठनों और कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनके द्वारा लगातार मूंग खरीदी किए जाने की मांग की जा रही है। इस बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऐसे कुछ संकेत दिए हैं कि जल्द ही प्रदेश में भी मूंग खरीदी शुरू हो सकती है।

गुरुवार देर शाम को जारी बयान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार सदैव किसान हितैषी निर्णय लिए जाने के लिए जानी जाती है। ऐसे में मूंग खरीदी को लेकर कोई विषय आया है। इस सिलसिले में कृषि मंत्री से बात कर रहे हैं और किसान संघ से भी बात करेंगे। हमारी सरकार संवेदनशील सरकार है और सभी मामले संवाद के माध्यम से हल करेंगे।

मुख्यमंत्री के बयान से उम्मीद बंधी (Moong kharidi MP)

मुख्यमंत्री के इस बयान से किसानों को उम्मीद बंधी है कि प्रदेश सरकार अपने पूर्व के फैसले को बदलकर केंद्र सरकार को मूंग खरीदी का प्रस्ताव भेज सकती है और केंद्र से अनुमति मिलते ही प्रदेश में भी समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी की जाएगी। जिससे किसानों को उनकी उपज के वाजिब दाम मिल सकेंगे।

यहां सुनें क्या बोले मुख्यमंत्री डॉ. यादव… (Moong kharidi MP)

इन राज्यों में खरीदी का लिया निर्णय (Moong kharidi MP)

गौरतलब है कि कल ही केंद्र सरकार ने ग्रीष्मकालीन मूंग और मूंगफली की खरीदी समर्थन मूल्य पर किए जाने को लेकर फैसला लिया है। सरकार ने ग्रीष्मकालीन फसल सीजन 2025-26 के लिए हरियाणा, उत्तर प्रदेश और गुजरात राज्यों में मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत कुल 54,166 मीट्रिक टन मूंग की खरीद को मंजूरी दी है।

उत्तरप्रदेश में मूंगफली की भी खरीदी (Moong kharidi MP)

दूसरी ओर सरकार ने ग्रीष्मकालीन फसल सीजन 2025-26 के लिए उत्तर प्रदेश में मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत 50,750 मीट्रिक टन मूंगफली की खरीद को मंजूरी दी है। यहां बड़े पैमाने पर मूंगफली का उत्पादन होता है और किसान खरीदी का बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।

प्रदेश से भेजा ही नहीं गया प्रस्ताव (Moong kharidi MP)

मूंग खरीदी नहीं किए जाने को लेकर भारतीय किसान संघ ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। संघ का प्रतिनिधि मंडल केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान से भी इस मुद्दे को लेकर मिल चुका है। केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया है कि यदि प्रदेश सरकार मूंग-उड़द खरीदी का प्रस्ताव भेजती है तो केंद्र सरकार मंजूरी देने को तैयार है।

Moong purchased at MSP

चार दिनों का दिया है अल्टीमेटम (Moong kharidi MP)

इस पर भारतीय किसान संघ ने राज्य सरकार को 4 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। संघ का साफ कहना है कि यदि राज्य सरकार 4 दिनों के भीतर केंद्र सरकार को प्रस्ताव नहीं भेजती है तो भारतीय किसान संघ भोपाल में सीएम हाउस का घेराव करेगा। अब सीएम के बयान के बाद उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही प्रस्ताव भेजा जा सकता है।

प्रदेश में इतने रकबे में होती बुआई (Moong kharidi MP)

मध्यप्रदेश के 30 जिलों में ग्रीष्मकालीन मूंग उगाई जाती है। केंद्र व राज्य सरकारों ने ही देश में दाल की कमी को दूर करने के लिए किसानों को मूंग-उड़द उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया था। इस साल प्रदेश में 15 लाख हेक्टेयर में मूंग और उड़द की बुआई की गई थी। इससे 18.75 लाख टन मूंग-उड़द के उत्पादन का अनुमान है।

अभी नहीं मिल रहे वाजिब दाम (Moong kharidi MP)

समर्थन मूल्य पर खरीदी नहीं होने से किसानों को मूंग की उपज औने-पौने दामों पर बेचना पड़ रहा है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए मूंग का समर्थन मूल्य 8768 रुपये और उड़द का 7800 रुपये तय किया है। सरकारी खरीदी नहीं होने से मंडियों में मूंग 6200 रुपये और उड़द 6000 रुपये की दर से बिक रहा है। इससे किसानों को तगड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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