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MP Cabinet Decisions: एमपी में 1431 नए नियमित पदों को मंजूरी, मिलेगी नौकरी, यहां देखें कैबिनेट के आज के महत्वपूर्ण निर्णय

MP Cabinet Decisions: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कम्पनी की संगठनात्मक संरचना में संशोधन का प्रस्ताव पारित किया गया है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि प्रस्ताव में कम्पनी के लिये 1431 नवीन नियमित पद सृजित करने का अनुमोदन किया गया है। स्वीकृत पदों पर भर्ती के लिये ऊर्जा विभाग को अधिकृत किया गया है। इसके अलावा और भी कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंत्रि-परिषद ने हरी झंडी दी है।

ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा है कि सरकार के इस निर्णय से कम्पनी के कार्यों में गुणात्मक सुधार होगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में ट्रांसमिशन कम्पनी की कुल क्षमता 35 हजार मेगावॉट थी और अब 80 हजार मेगावॉट से अधिक हो गयी है। इसके बावजूद पदों की संख्या में वृद्धि नहीं हुई थी। इससे कार्य प्रभावित हो रहा था।

संविदा कर्मचारियों की सेवा जारी रहेगी

ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कम्पनी में संविदा के आधार पर कार्यरत कार्मिक निर्धारित आयु सीमा के पूरा होने अथवा नियमित सीधी भर्ती के पद पर चयनित होने अथवा परफार्मेंस के आधार पर संविदा अनुबंध का नवीनीकरण नहीं होने तक कार्य करते रहेंगे। इस तरह से उनकी सेवा नियमानुसार जारी रहेगी। कम्पनी द्वारा नियमित तौर पर सीधी भर्ती के रिक्त पदों की गणना करते समय समकक्ष पद पर उस समय कार्यरत संविदा कार्मिकों की संख्या घटाकर, शेष रिक्त पदों पर सीधी भर्ती की जायेगी।

तीन वनमंडलों का किया जाएगा पुनर्गठन

मंत्रि-परिषद द्वारा वर्तमान में छिंदवाड़ा वन वृत्त (छिंदवाड़ा जिला एवं नवगठित पांढुर्णा जिला) अंतर्गत तीन वनमंडलों पूर्व/पश्चिम/दक्षिण छिंदवाडा को पुनर्गठित किये जाने का निर्णय लिया गया हैं। निर्णय अनुसार दक्षिण छिंदवाड़ा वनमंडल के 662.742 वर्ग कि.मी. वनक्षेत्र को नवगठित पांढुर्णा वनमंडल में तथा शेष 293.944 वर्ग कि.मी. वनक्षेत्र को पूर्व व पश्चिम छिंदवाड़ा वनमंडलों में शामिल किया जायेगा एवं वनमंडल दक्षिण छिंडवाड़ा को समाप्त किया जायेगा। दक्षिण छिन्दवाड़ा वनमण्डल से पुनर्गठित पांढुर्णा तथा पूर्व व पश्चिम छिंडवाड़ा वनमण्डलों में पदों का पुर्न आवंटन किया जायेगा।

नौनिहालों के लिए 30.56 करोड़ की मंजूरी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा केन्द्र प्रवर्तित सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना अन्तर्गत पोषण भी- पढ़ाई भी प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं भारत सरकार के मापदंडों अनुसार इसके आयोजन के लिए 30 करोड़ 56 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी। इसका उद्देश्य बाल्यावस्था के प्रथम एक हजार दिवस में प्रांरभिक उद्दीपन, 3 से 6 वर्ष के आयु वर्ग के लिए ईसीसीई (देखभाल व शिक्षा) को बढ़ावा देना, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को ईसीसीई एवं शैक्षिणक दृष्टिकोण की बुनियादी समझ विकसित करना, खेल आधारित उच्च गुणवत्ता प्रदान करना है। इसका लक्ष्य, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का क्षमता संवर्धन एवं परियोजना में एक बाल विकास परियोजना अधिकारी 3 पर्यवेक्षकों को मास्टर ट्रेनर बनाना हैं।

गेहूं का उपार्जन रूपये 2,600 प्रति क्विंटल पर

मंत्रि-परिषद द्वारा रबी विपणन वर्ष 2025-26 में किसानों को गेहूं उपार्जन पर बोनस भुगतान एवं सरप्लस गेंहू के निस्तारण के संबंध में गेंहू उपार्जन पर बोनस राशि रुपये 125/- प्रति क्विंटल के स्थान पर राशि में वृद्धि करते हुए राशि रूपये 175/- प्रति क्विंटल किये जाने का निर्णय लिया गया हैं। निर्णय अनुसार गेहूं का उपार्जन रूपये 2,600 प्रति क्विंटल पर किया जायेगा। उपार्जन कार्य 15 मार्च से प्रारंभ हो जायेगा। गेंहू की एमएसपी दर रूपये 2,425 प्रति क्विंटल पर उपार्जन पर रूपये 175 प्रति क्विंटल बोनस दिया जायेगा। 80 लाख मीट्रिक टन गेंहू के उपार्जन पर 1,400 करोड़ रूपये राज्य के कोष से व्यय किया जायेगा।

धान उपार्जन पर 4000 रुपए प्रति हेक्टेयर प्रोत्साहन राशि

धान उपार्जन अंतर्गत खरीफ मार्केटिंग सीजन 2024 में धान का विक्रय करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 4000 राशि के मान से 6.70 लाख किसानों को 12.20 लाख हेक्टेयर में पैदा की गई धान पर राज्य सरकार 480 करोड़ रूपये की राशि व्यय करेगी।

राजस्व भू-अभिलेखों के लंबित डिजिटाइजेशन के लिए 138 करोड़ 41 लाख रूपये स्वीकृत

मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार के डिजिटल इंडिया लैण्ड रिकार्ड मॉर्डनाईजेशन प्रोग्राम के तहत प्रदेश में राजस्व भू-अभिलेखों के लंबित डिजिटाइजेशन के लिए स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार राजस्व भू-अभिलेखों के लंबित डिजिटाइजेशन के लिए प्राक्कलित कुल राशि 138 करोड़ 41 लाख रूपये (कर सहित) की स्वीकृति प्रदान की गई। डिजिटाइजेशन के कार्य को म.प्र. भू-अभिलेख प्रबंधन समिति (एमपीएलआरएस) द्वारा खुली निविदा के माध्यम से क्रियान्वित किया जायेगा।

उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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