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Soyabeen Kharidi : सोयाबीन में 12% से अधिक नमी तो नहीं होगी खरीदी

Soyabeen Kharidi : मध्यप्रदेश में सरकार द्वारा पहली बार सोयाबीन की समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही है। सोयाबीन खरीदी की खबर तो किसानों के लिए राहत भरी थी, लेकिन जब खरीदी शुरू हुई तो उन्हें हकीकत कुछ और ही महसूस हुई। आलम यह है कि कई जिलों में आज तक एक भी किसान ने समर्थन मूल्य पर सोयाबीन नहीं बेची है।

Soyabeen Kharidi : सोयाबीन में 12% से अधिक नमी तो नहीं होगी खरीदी

Soyabeen Kharidi : मध्यप्रदेश में सरकार द्वारा पहली बार सोयाबीन की समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही है। सोयाबीन खरीदी की खबर तो किसानों के लिए राहत भरी थी, लेकिन जब खरीदी शुरू हुई तो उन्हें हकीकत कुछ और ही महसूस हुई। आलम यह है कि कई जिलों में आज तक एक भी किसान ने समर्थन मूल्य पर सोयाबीन नहीं बेची है।

दरअसल, सोयाबीन की समर्थन मूल्य पर खरीदी को लेकर सरकार ने सख्त निर्देश दिए हैं। वहीं कुछ मापदंड भी तय किए हैं। इन मापदंडों के मुताबिक ही खरीदी की जाना है। खरीदी के लिए जारी की गई गाइडलाईन इतनी सख्त है कि किसानों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है।

यही कारण है कि खरीदी प्रारंभ हुए एक सप्ताह का समय बीत गया है पर बैतूल जिले में अभी तक एक भी किसान खरीदी केन्द्रों पर उपज लेकर नहीं पहुंचा है। खरीदी केन्द्रों पर सन्नाटा छाया हुआ है।

इतने खरीदी केंद्र बनाए गए

समर्थन मूल्य पर सोयाबीन की खरीदी करने के लिए बैतूल जिले में 15 खरीदी केन्द्र बनाए गए हैं। वहीं उपज बेचने के लिए 3184 किसानों ने पंजीयन कराया है। 25 अक्टूबर से खरीदी प्रारंभ हो चुकी है। एक सप्ताह का समय बीत गया, लेकिन एक भी किसान खरीदी केन्द्र पर नहीं पहुंचा है।

हालांकि अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में खरीदी केन्द्रों पर किसान पहुंचना शुरु हो जाएंगे। 3184 किसानों में से केवल एक किसान ने उपज बेचने के लिए स्लॉट बुक किया है। ऐसा लग रहा है कि किसानों को समर्थन मूल्य पर सोयाबीन बेचने को लेकर दिलचस्पी नहीं है।

खरीदी को लेकर यह है मापदंड

सोयाबीन खरीदी को लेकर सख्त गाइड लाइन जारी की गई है। इस गाइड लाइन में साफ निर्देश दिए है कि उपज में 12 प्रतिशत से अधिक नमी पाई गई तो उपज को नहीं खरीदा जाएगा। किसानों को सुखाकर उपज लाना पड़ेगा।

दानें भी नहीं होने चाहिए अधिक टूटे

खरीदी के लिए तय मापदंडों में यह भी सख्त निर्देश है कि उपज में दाने अधिक टूटे हुए नहीं होना चाहिए। धूल, कचरा, पत्थर, मिट्टी ना हो। साफ सुथरी उपज को खरीदा जाएं। मापदंडों पर खरा नहीं उतरे तो उपज को रिजेक्ट कर दिया जाएगा।

कटाई होने तक होती रही बारिश

बैतूल जिले में सोयाबीन की कटाई तक बारिश होने के कारण में उपज में नमी बनी हुई है और उपज की चमक भी फींकी पड़ गई। जारी गाइड लाइन के अनुसार उपज बेचना किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गया है।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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