Top Soyabean Variety: रिकॉर्ड तोड़ उत्पादन देती हैं सोयाबीन की यह 5 वैरायटी, कम समय में होगा बंपर मुनाफा
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Top Soyabean Variety: भारत में सोयाबीन की बुवाई बहुत बड़े क्षेत्रफल में की जाती हैं। इसकी बुवाई मानसून के आते ही शुरू हो जाती है। सोयाबीन की बुवाई से पहले जान लेना चाहिए कि सबसे अच्छी किस्म कौन-सी हैं। किसान इस बार मानसून में देरी से सोयाबीन की उन्नत किस्मों की बुवाई करके भी कम समय में अधिक पैदावार पा सकते हैं। हम आपको सोयाबीन की अधिक उत्पादन देने वाली उन्नत किस्मों की जानकारी दे रहे हैं, जिसे जानकर किसान भाई अनुकूल किस्म का चयन करके समय पर सोयाबीन की बुवाई कर सकें। भारत में सबसे ज्यादा सोयाबीन की खेती मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान में होती है। मध्य प्रदेश का सोयाबीन उत्पादन में 45 प्रतिशत है। तो आइए जानते हैं सोयाबीन की कुछ खास किस्मों के बारे में…..
जैसा कि मौसम वैज्ञानिक अनुमान लगा रहे हैं कि मानसून इस वर्ष देर से आया है एवं इसकी रवानगी भी लेट हो सकती है। मतलब साफ है कि सितंबर, अक्टूबर में पानी गिरेगा। ऐसी स्थिति में किसान ज्यादा दिन में पकने वाली सोयाबीन की वैरायटी लगा सकते हैं।
सोयाबीन की 5 उन्नत किस्मे (Top Soyabean Variety)

प्रताप सोया-45 (आरकेएस-45 ) सोयाबीन किस्म
प्रताप सोया-45 (आरकेएस-45 सोयाबीन की वैरायटी की बढ़वार काफी अच्छी होती है। इसके फूल सफेद होते हैं। इसके बीज का रंग पीला होता और भूरे रंग का हिलम होता है। यह किस्म राजस्थान के लिए अनुशंसित है। यह किस्म 90-98 दिन में पककर तैयार हो जाती है। यह किस्म पानी की कमी को कुछ हद तक सहन कर सकती है। वहीं सिंचित क्षेत्र में उर्वरकों के साथ अच्छी प्रतिक्रिया देती है। यह किस्त यलो मोजेक वाइरस के प्रति कुछ हद तक प्रतिरोधी है।
आर.वी.एस. 2001-4
आर.वी.एस. 2001-4 किस्म की फसल को पकने में 100 दिनों का समय लगता हैं। इस किस्म की उपज 22 से 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की हैं। सोयाबीन के इस किस्म के फूल सफेद रंग के होते है। यह गर्डल बीटल एवं सेमीलूपर कीट एवं रोगों के प्रति सहनशील हैं।

जेएस 2034 सोयाबीन किस्म
सोयाबीन की जेएस 2034 किस्म में दाने का रंग पीला, फूल का रंग सफेद तथा फलिया फ्लैट होती है। यह किस्म कम वर्षा होने पर भी अच्छा उत्पादन देती है। सोयाबीन जेएस 2034 किस्म का उत्पादन करीब एक हेक्टेयर में 24-25 क्विंटल तक होता हैं। फसल की कटाई 80-85 दिन में हो जाती हैं। इस किस्म की बुवाई के लिए बीज मात्रा 30-35 किलों बीज प्रति एकड़ पर्याप्त हैं।

जेएस- 335 (Top Soyabean Variety)
सोयाबीन के जेएस- 335 किस्म की उपज 25 से 30 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की हैं। सायाबीन के इस किस्म के फूल बैंगनी रंग के होते है तथा इसका दाना का रंग पीला होता हैं। यह किस्म फलियों के चटकने के प्रति सहनशील हैं। यह अधिक उपज देने वाली किस्म हैं। इस किस्म की पकने की अवधि 100 दिनों की हैं।
बीएस 6124 सोयाबीन किस्म
बीएस 6124 किस्म की बुवाई के लिए बीज की मात्रा 35-40 किलों बीज प्रति एकड़ पर्याप्त होती है। बात करें इसके उत्पादन की तो इस किस्म से एक हेक्टेयर में करीब 20-25 क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। इस किस्म से सोयाबीन की फसल 90-95 दिनों में तैयार हो जाती है। इस किस्म में फूल बैंगनी रंग के और पत्ते लंबे होते हैं।


