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Betul Weather: आंधी, तूफान और ओलों ने मचाई तबाही, कई गांवों में गिरे आंवले से बड़े आकार के ओले

Betul Weather: Storm, storm and hail caused havoc, hailstones bigger than gooseberry fell in many villages

Betul Weather: आंधी, तूफान और ओलों ने मचाई तबाही, कई गांवों में गिरे आंवले से बड़े आकार के ओले

▪️ प्रकाश सराठे, रानीपुर

Betul Weather: घोड़ाडोंगरी तहसील के कई गांवों में रविवार को मौसम के बिगड़े मिजाज ने कई गांवों में भारी तबाही मचाई। ओलावृष्टि के कारण फसलों को जहां भारी नुकसान पहुंचा वहीं मकानों को भी खासी क्षति पहुंची है। ओले गिरने से कई मकानों के कवेलू फूट गए। खराब मौसम के कारण किसानों को संभलने का मौका भी नहीं मिल पा रहा है।

क्षेत्र के ग्राम कुही, हीरावाड़ी, मयावानी, जांगड़ा, केरिया, सीताकामत, जाजबोडी, कोलगाव सहित 1 दर्जन से अधिक गांवों में रविवार सुबह से ही तेज बारिश का दौर प्रारंभ हो गया था। ग्राम पंचायत छुरी में सुबह 10 बजे तेज बारिश के साथ चने के आकार की ओलावृष्टि के पश्चात शाम 5 बजे के बाद आंवले से भी बड़े आकार के ओले गिरे। जिससे क्षेत्र में लगी मूंग की फसल पूर्ण रूप से नष्ट हो गई। इधर जुवाड़ी क्षेत्र के उन्नत किसान नरेंद्र महतो के खेत में लगी 30 एकड़ की मूंग की फसल एवं राजेश कुमार महतो के खेत में लगभग 40 एकड़ में लगी मूंग की फसल ओलावृष्टि के चपेट में आने से बर्बाद हो गई।

क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि से किसानों की हालत दुबले पर 2 आषाढ़ जैसी हो गई है। इन दिनों जहां किसान अपनी रबी की फसल को समेटने में लगा हुआ है, ऐसी स्थिति में ओलावृष्टि के कारण किसानों की फसलें बर्बाद हो रही है। जो फसल की दावन कर चुके हैं, उनकी फसल का दाना गीला होकर खराब हो रहा है। जिनकी फसल लेट है, ऐसे किसानों की फसलें ओलावृष्टि के कारण बर्बाद हो रही है।

Betul Weather: आंधी, तूफान और ओलों ने मचाई तबाही, कई गांवों में गिरे आंवले से बड़े आकार के ओले सरकारी खरीदी का कार्य भी प्रभावित (Betul Weather)

इन दिनों समर्थन मूल्य पर गेहूं, चना, सरसों की खरीदी का कार्य प्रारंभ है। जो बारिश के कारण बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बारिश के दौरान नम हवाओं से फसलों में नमी आई है और ऐसे में किसानों का गेहूं चना सरसों खरीदी केंद्र पर नहीं हो पा रही है। खरीदी केंद्रों पर शेड नहीं होने के कारण फसलों की तुलाई भी नहीं हो पा रही है।

पुनर्वास क्षेत्र चोपना में भी भारी नुकसान

पुनर्वास क्षेत्र चोपना से शिवपूजन ठाकुर ने बताया कि पुनर्वास क्षेत्र के चोपना, बादलपुर, शक्तिगढ़, गांधीग्राम में रविवार को ओले और बारिश के कारण ऐसे किसान जिनकी फसलें लेट बोई गई है, वह बर्बाद हो गई है। किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। ऐसे किसान जिनके पास अपनी फसल अपनी उपज को रखने के लिए स्थान नहीं है, उनकी भी फसलें बारिश के कारण गीली होकर खराब हो गई है।

पाढर क्षेत्र में किसानों को पहुंची खासी क्षति

पाढर क्षेत्र के शीतलझिरी, रामपुर क्षेत्र में भी भारी ओलावृष्टि रविवार शाम 5 बजे के करीब हुई। जिससे क्षेत्र के किसानों को भी नुकसान का सामना करना पड़ा है। इन दिनों किसानों के खेतों में मूंग की फसलें भी लगी हुई है। ओलावृष्टि के कारण खेतों में लगी मूंग की फसल बुरी तरह बर्बाद हुई है।

मूंग की फसल हो गई पूरी बर्बाद

रानीपुर क्षेत्र के किसान अशोक पटेल, राजकुमार मलैया, दिनेश पटेल, रामकेश पटेल, धनीराम खेरवा, सीताराम पटेल, विष्णु बघेल, अनिल पटेल, डॉक्टर भगवान दास सिनोटिया ने बताया कि रानीपुर क्षेत्र के हीरावाड़ी, कुही, बांका, भोपाली क्षेत्र में भी ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। मूंग की फसल भी बर्बाद हो गई है। गेहूं, चना, सरसो की फसलें को भी नुकसान हुआ है। जिससे किसान परेशान है।

बड़े आकार में ओलावृष्टि से मकानों के कवेलू फूटे

हीरावाड़ी, कुही सहित आस-पास के क्षेत्र में तूफानी बरसात में ओलावृष्टि के कारण कई मकानों के कवेलू टूट गए। वहीं किसानों की मूँग की फसल को भारी नुकसान हुआ। हीरावाड़ी ग्राम के प्रत्यक्षदर्शी जसमीत सिनोटिया, जमनादास सिनोटिया ने बताया कि आंवले के आकार में ओलावृष्टि के कारण मकानों के कवेलू टूट गए। साथ ही मूंग की फसल को भी भारी नुकसान की आशंका है l

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