अजब-गजब : जब तहसीलदार को कटवाना पड़ा फसल, हरदू गांव का मामला, इसलिए बनी यह स्थिति
• नवील वर्मा, शाहपुर
अभी तक आपने तहसीलदार को प्रशासनिक काम काज निपटाते तो देखा होगा, लेकिन जिले में एक तहसील में कुछ ऐसी स्थिति बनी कि तहसीलदार को खेत की फसल कटवाना पड़ा। जमीन को लेकर दो पक्षों में चल रहे विवाद के चलते यह स्थिति बनी। ऐसे में एसडीएम के आदेश पर तहसीलदार ने खुद उपस्थित रहकर खेत की फसल कटवाई।
यह अजीबोगरीब मामला बैतूल जिले की शाहपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम हरदू का है। यहां एक खेत को लेकर दो पक्षों में विवाद को देखते हुए तहसीलदार को अपनी मौजूदगी में फसल कटवाना पड़ा। इस दौरान पुलिस और प्रशासनिक अमला भी मौजूद रहा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मन्नाबाई पति चुन्नीलाल आरसे निवासी बेहडीढाना तहसील घोडाडोंगरी ने एसडीएम कार्यालय में मुनियाबाई पिता पन्ना पति मददू, सविता, ललिता और हरिशंकर वल्द चिस्सू निवासी माली सिलपटी तहसील शाहपुर के विरुद्ध आवेदन दिया था। आवेदिका मन्नाबाई द्वारा धारा 145 के तहत प्रस्तुत आवेदन प्रस्तुत कर कहा था कि हरदू स्थित भूमि खसरा नंबर 74/2 रकबा 1.198 80 राजस्व अभिलेख में सुगवती पुत्री सम्मू मन्ना पुत्री पन्ना, मुनिया पुत्री मन्ना जाति कतिया के नाम दर्ज है।

आवेदक द्वारा उक्त भूमि पर फसल लगाना बताया गया है। जबकि अनावेदक जबरदस्ती फसल काट रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच विवादित भूमि पर कब्जे को लेकर काफी मनमुटाव है। जिससे शांति भंग होना सम्भाव्य था। चूंकि उक्त भूमि पर वर्तमान में गेहूं की फसल पक कर तैयार खड़ी है, जिसे तत्काल कटवाना आवश्यक है।
इस स्थिति को देखते हुए एसडीएम द्वारा तहसीलदार को आदेशित किया गया कि वे खुद अपनी मौजूदगी में उक्त भूमि से फसल कटवाए और उसका विक्रय कर राशि नाजिर शाखा में जमा कराए।
इस पर आज शाहपुर तहसीलदार एंटोनियो एक्का वानखेड़े प्रशासनिक अमले और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और फसल की कटवाई करवाई। फसल विक्रय से प्राप्त राशि प्रकरण का निराकरण होने के पश्चात उसे दी जाएगी जिसके पक्ष में फैसला आएगा।



