विधायक निलय डागा ने 35 मार्गों के निर्माण के लिए लिखा पत्र

बैतूल-आठनेर क्षेत्र में 35 मार्गों के निर्माण कार्य की स्वीकृति के लिए कांग्रेस विधायक निलय विनोद डागा ने प्रमुख सचिव एवं विभागीय मंत्री को पत्र लिखा है। उन मार्गों में से प्राथमिकता के आधार पर 18 मार्गों का चयन कर मुख्य बजट में शामिल करने का प्रस्ताव प्रेषित किया है।
माह दिसंबर में विधायक ने इन मार्गों को अनूपूरक बजट में शामिल करने की मांग पत्र क्रमांक 1981 के माध्यम से की थी। अब श्री डागा ने पुन: प्रमुख सचिव एवं विभागीय मंत्री को पत्र लिखकर खस्ताहाल मार्गों के निर्माण को मुख्य बजट में शामिल कर स्वीकृति प्रदान करने की मांग की है।
इन मार्गों का चयन कर प्रेषित किया प्रस्ताव
विधायक ने शाहपुर से लम्टी मार्ग हनुमान मंदिर तक, काजी जामठी से जैतापुर मार्ग, माचना नदी पर ब्रिज सहित रतनपुर से बुण्डाला मार्ग, जूनावानी जोड़ से चारबन पहुंच मार्ग, मिलानपुर से गर्जन्या मार्ग, ग्राम सूरगांव में पण्डरी महाजन के खेत से रोंढा पहुंच मार्ग, खापा जोड़ से छिंदवाड़ सवासन रोंढा से भवानीतेढ़ा मार्ग, खेड़ी अचलपुर नाके से कोसमी औद्योगिक क्षेत्र तक, हाईवे से ग्राम साकादेही तक, रामनगर माचना से बाजपुर तक, उमरी से बैतूल मलकापुर मुख्य मार्ग तक, केलापुर से बैतूल मलकापुर मुख्य मार्ग तक, सिंगनवाडी से बाजपुर तक, बाजपुर से आरूल मलकापुर मार्ग, ग्राम सानेर से भीवापुर मार्ग, बोथी से सिहारढाना तक, आठनेर से गुप्तेश्वर मार्ग का प्रस्ताव प्रेषित किया है।
कई बार उठाया डामरीकरण का मुद्दा
विधायक श्री डागा ने पूर्व में कई बार विधानसभा क्षेत्र की खस्ताहाल सड़कों पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव एवं विभागीय मंत्री को पत्र प्रेषित कर खस्ताहाल सड़कों की स्थिति से अवगत कराया है, लेकिन मामले में अब तक कार्यवाही होती नहीं देख उन्होंने पुन: डामरीकरण का मुद्दा जोर शोर से उठाते हुए इसे मुख्य बजट में शामिल करने की मांग की है।
खस्ताहाल सड़कों से परेशान हैं ग्रामीण
बैतूल एवं आठनेर ब्लॉक के दर्जनों ग्रामों में खस्ताहाल सड़कों से ग्रामीण परेशान हैं। सरकार की अनदेखी का खामियाजा कदम-कदम पर यहां के ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। सरकार की अनदेखी के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में खस्ताहाल मुख्य मार्ग इन दिनों ग्रामवासियों की परेशानी का सबब बना हुआ है। खस्ताहाल सड़क से परेशान ग्रामीणों की सुध लेते हुए विधायक निलय डागा ने डामरीकरण कराने की मांग की है।



