MP Sambal Yojana: सीएम मोहन यादव ने सिंगल क्लिक से ट्रांसफर किए ₹203 करोड़, 9149 परिवारों को मिली बड़ी राहत
MP Sambal Yojana: CM Mohan Yadav transferred ₹203 crore with a single click; 9,149 families received major relief.

MP Sambal Yojana: श्रमिकों का सम्मान, कल्याण और समृद्धि मध्य प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारे मेहनती श्रमिक अपनी लगन और खून-पसीने से विकसित प्रदेश की मजबूत बुनियाद तैयार कर रहे हैं। संकट के किसी भी दौर में श्रमिकों की हर परेशानी को दूर करना हमारी संवेदनशील सरकार का परम कर्तव्य है। किसी भी श्रमिक परिवार पर जब अचानक कोई विपत्ति आती है, किसी प्रियजन का असामयिक निधन होता है या आर्थिक संकट का पहाड़ टूट पड़ता है, तब भले ही लोग दूरी बना लें, लेकिन हमारी सरकार हर स्थिति में ढाल बनकर उनके साथ खड़ी रहेगी।
मुख्यमंत्री संबल योजना 2.0 ऐसे कठिन और चुनौतीपूर्ण दौर में श्रमिक परिवारों को बड़ा आर्थिक संबल प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास से आयोजित राज्य स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश भर के श्रमिक भाइयों और बहनों को संबोधित करते हुए यह महत्वपूर्ण बात कही।
श्रावण सोमवार पर मिली ₹203 करोड़ की बड़ी राहत
पवित्र श्रावण मास के अंतिम सोमवार और रक्षाबंधन के पावन पर्व से ठीक पहले श्रम विभाग ने मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) 2.0 योजना के तहत अनुग्रह सहायता राशि जारी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक सिंगल क्लिक के माध्यम से 11वीं किश्त के रूप में ₹203 करोड़ की विशाल राशि सीधे पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में अंतरित की। इस निर्णय से प्रदेश के 9 हजार 149 संबल हितग्राही परिवारों के घरों में खुशियों का नया सवेरा आया है।
इस जनकल्याणकारी योजना के जरिए अब तक प्रदेश के 1 करोड़ 84 लाख से भी अधिक श्रमिकों को सीधा आर्थिक लाभ और सहारा मिल चुका है। उन्होंने कहा कि जब विपत्ति के समय सारे रास्ते बंद प्रतीत होते हैं, तब संबल योजना एक उम्मीद की किरण बनती है। जेब में आर्थिक संबल होने से किसी भी संकट से मुकाबला करने का साहस मिलता है। सरकार पुराने सभी बैकलॉग को खत्म करते हुए हर वर्ग तक समय पर वित्तीय सहायता पहुंचाने का कार्य कर रही है।
श्रमिकों की सुरक्षा और गरिमा के लिए ऐतिहासिक कदम
राज्य सरकार ने श्रमजीवियों के सम्मान और कार्यस्थल पर उनकी सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए अनेक नवोन्मेषी कदम उठाए हैं। मध्य प्रदेश पूरे देश में पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए ‘श्रम शक्ति संहिता’ को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। इसके साथ ही कार्यस्थलों पर बेहतर माहौल और सुरक्षा मानक सुनिश्चित करने हेतु ‘श्रम स्टार रेटिंग’ व्यवस्था की शुरुआत की गई है। श्रमिकों के कौशल को निखारने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ‘श्रमणा’ योजना के जरिए सहकारिता मॉडल से जोड़ा जा रहा है, ताकि वे सम्मान के साथ प्रगति की राह पर आगे बढ़ सकें।
गिग वर्कर्स और बच्चों की उच्च शिक्षा की जिम्मेदारी
डिजिटल दौर में रोजगार के बदलते स्वरूप को देखते हुए सरकार ने अपनी योजनाओं के दायरे का विस्तार किया है। ऐप और ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स के जरिए अपनी आजीविका चलाने वाले नौजवानों और गिग वर्कर्स को भी अब संबल 2.0 योजना में शामिल कर लिया गया है। गरीब श्रमिक परिवारों को इलाज की चिंता से मुक्त करने के लिए उन्हें आयुष्मान भारत निरामयम् योजना का सीधा लाभ दिया जा रहा है। इतना ही नहीं, यदि किसी श्रमिक का बच्चा मेडिकल, इंजीनियरिंग, लॉ या पॉलिटेक्निक जैसी उच्च व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहा है, तो उसकी पूरी फीस का आर्थिक भार भी राज्य सरकार स्वयं वहन कर रही है।
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गर्भवती बहनों को वित्तीय मदद और दिव्यांगता पर सुरक्षा कवच
संबल योजना के जरिए श्रमिक बहनों के स्वास्थ्य और सुरक्षित मातृत्व का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। योजना के अंतर्गत पात्र गर्भवती श्रमिक महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान आर्थिक तंगी से बचाने और बेहतर पोषण के लिए ₹16,000 की सहायता राशि दी जा रही है। इसके अतिरिक्त, यदि कोई श्रमिक दुर्घटना का शिकार होकर अस्थायी रूप से दिव्यांग हो जाता है, तो उसकी रोजी-रोटी न प्रभावित हो, इसके लिए ₹1 लाख की राशि प्रदान की जाती है। वहीं permanent disability (स्थायी दिव्यांगता) की दुखद स्थिति में ₹2 लाख की आर्थिक सहायता सीधे उपलब्ध कराई जा रही है।
योजना के तहत बांटी गई सहायता राशि का पूरा विवरण
कार्यक्रम में शामिल हुए श्रम मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने बताया कि सरकार संबल योजना के सभी पुराने बकायों को तेजी से चुकता कर रही है और आज हितग्राहियों को 1 जनवरी 2026 तक की स्थिति का पूरा भुगतान कर दिया गया है। 11वीं किश्त के तहत सामान्य मृत्यु अनुग्रह सहायता के रूप में 8,027 परिवारों, दुर्घटना में मृत्यु पर 1,034 परिवारों, आंशिक स्थायी दिव्यांगता के 66 मामलों और स्थायी दिव्यांगता के 22 मामलों में अनुग्रह राशि जारी की गई है। योजना के प्रावधानों के अनुसार, अंत्येष्टि सहायता हेतु ₹5,000, सामान्य मृत्यु पर ₹2 लाख तथा दुर्घटना में अकाल मृत्यु होने पर पीड़ित परिवार को ₹4 लाख की अनुग्रह राशि प्रदान की जाती है।
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