Shiv Puja Vrat Upay 2026: सावन का आखिरी सोमवार: किस्मत चमकाएंगे ये 5 विशेष उपाय, दूर होंगी आर्थिक तंगहाली
Shiv Puja and Fasting Remedies 2026: Last Monday of Sawan – 5 Special Remedies to Boost Your Fortune and Alleviate Financial Hardship

Shiv Puja Vrat Upay 2026: पवित्र श्रावण मास अब अपनी समाप्ति की ओर अग्रसर है और 24 अगस्त 2026 का दिन शिव भक्तों के लिए आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होने वाला है। इस दिन सावन महीने का चौथा तथा अंतिम सोमवार पड़ रहा है। भगवान भोलेनाथ की विशेष कृपा पाने और जीवन में चल रही परेशानियों से मुक्ति प्राप्त करने का यह इस वर्ष का अंतिम सुनहरी अवसर है। इसके उपरांत शिव भक्तों को सावन के पावन सोमवार की पूजा के लिए पूरे एक वर्ष का लंबा इंतजार करना पड़ेगा। यदि आप अपने परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और प्रगति की कामना रखते हैं, तो इस विशेष तिथि पर सही समय और विधि से महादेव का पूजन करके अपनी मनोकामनाएं पूरी कर सकते हैं।
सावन के अंतिम सोमवार का धार्मिक महत्व और शुभ मुहूर्त
सावन के अंतिम सोमवार के अवसर पर कई अत्यंत दुर्लभ और शुभ योगों का निर्माण हो रहा है, जो पूजा-अर्चना के फल को कई गुना बढ़ा देते हैं। इस पावन अवसर पर महादेव के पूजन और जलाभिषेक के लिए शास्त्रों में कुछ विशिष्ट समय बेहद उत्तम बताए गए हैं।
सर्वप्रथम अभिजीत मुहूर्त की बात करें तो यह सुबह 11 बजकर 59 मिनट से प्रारंभ होकर दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। इस समयावधि में की गई भगवान शिव की आराधना अत्यंत फलदायी और शीघ्र शुभ फल देने वाली मानी जाती है। इसके अतिरिक्त शाम के समय सूर्यास्त के आसपास का प्रदोष काल भी शिव उपासना तथा रुद्राभिषेक संपन्न करने के लिए सबसे श्रेष्ठ माना गया है।
महादेव को प्रसन्न करने के लिए 5 विशेष और अचूक उपाय
जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और शिव जी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए अंतिम सावन सोमवार पर यह पांच कार्य किए जा सकते हैं।
पंचामृत से करें शिवलिंग का अभिषेक
श्रावण मास के अंतिम सोमवार के दिन शिवलिंग पर दूध, दही, देसी घी, शहद और शक्कर को मिलाकर तैयार किए गए पंचामृत से अभिषेक करना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि इस प्रक्रिया से व्यक्ति के जीवन में फैली नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और चारों ओर सकारात्मकता का संचार होने लगता है।
सफेद रंग की वस्तुओं का करें दान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार का दिन भगवान आशुतोष और चंद्र देव दोनों से संबंध रखता है। इस दिन किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को चावल, दूध, चीनी अथवा सफेद वस्त्र भेंट करने से मानसिक क्लेश दूर होते हैं और मन को स्थिरता प्राप्त होती है।
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चंदन से ‘ॐ नमः शिवाय’ लिखकर बेलपत्र करें अर्पित
शिव पूजा में बेलपत्र का विशेष महत्व है। अंतिम सोमवार पर बेलपत्र के तीनों पत्तों पर चंदन की सहायता से ‘ॐ नमः शिवाय’ लिखें और उसे श्रद्धापूर्वक शिवलिंग पर चढ़ाएं। माना जाता है कि इस कार्य से लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने लगते हैं और अटका हुआ धन भी प्राप्त होता है।
गेहूं और गन्ने के रस से जलाभिषेक
इस शुभ दिन पर सर्वप्रथम शिवलिंग पर गेहूं अर्पित करें और उसके बाद गन्ने के रस से भोलेनाथ का जलाभिषेक करें। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस उपाय को करने से घर में धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती और व्यापार तथा नौकरी में उन्नति के नए मार्ग प्रशस्त होते हैं।
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चावल और दूध की खीर का लगाएं भोग
अंतिम सावन सोमवार की पूजा के दौरान भगवान शिव को चावल और शुद्ध दूध से निर्मित खीर का प्रसाद अर्पित करें। इसके बाद इस प्रसाद को अपने परिवार के सदस्यों और अन्य श्रद्धालुओं में वितरित कर दें। इससे पारिवारिक रिश्तों में मिठास बढ़ती है और जीवन में सफलता के नए अवसर मिलते हैं।
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