Patalpani Kalakund Heritage Train: घने जंगलों और झरनों के बीच दौड़ी हेरिटेज ट्रेन: सिर्फ ₹20 में करें 9.5 किमी के रोमांचक सफर का आनंद
Patalpani Heritage Train, Kalakund Heritage Train, Mhow Tourism, Indore Heritage Train, Indian Railways Heritage Route, Patalpani Waterfall

Patalpani Kalakund Heritage Train: मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के महू में प्रकृति प्रेमियों के लिए एक शानदार खबर सामने आई है। बारिश के मौसम में विंध्याचल की वादियां पूरी तरह से हरी-भरी हो चुकी हैं, चारों तरफ धुंध छाई हुई है और पहाड़ियों से गिरते झरने हर किसी का मन मोह रहे हैं। इस प्राकृतिक सुंदरता और रोमांच का आनंद देने वाली मशहूर पातालपानी से कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन एक बार फिर पटरियों पर दौड़ने लगी है। रेलवे ने शनिवार से इस ऐतिहासिक 155 साल पुरानी ट्रेन सेवा की दोबारा शुरुआत कर दी है, जिसका पर्यटक लंबे समय से बेसबरी से इंतजार कर रहे थे।
सप्ताह में 3 दिन और 2 घंटे का अद्भुत अहसास
पश्चिम रेलवे द्वारा हरी झंडी मिलने के बाद अब यह ट्रेन हर हफ्ते शुक्रवार, शनिवार और रविवार को चलाई जाएगी। पातालपानी स्टेशन से सुबह 11:05 बजे चलकर यह गाड़ी दोपहर 1:05 बजे कालाकुंड पहुंचेगी। फिर वापसी में कालाकुंड से दोपहर 3:34 बजे रवाना होकर शाम 4:30 बजे पातालपानी वापस आ जाएगी। इस लगभग दो घंटे की यात्रा के दौरान यात्रियों को जंगलों और पहाड़ियों का ऐसा अविस्मरणीय नजारा देखने को मिलेगा जो जिंदगी भर के लिए याद बन जाएगा।
किराया एकदम किफायती और टिकट व्यवस्था
सैलानियों की सुविधा के लिए इस ट्रेन में दो तरह के कोच जोड़े गए हैं। अगर आप आराम से बैठकर एयर कंडीशनर का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो एसी चेयरकार का टिकट ₹265 प्रति व्यक्ति रखा गया है। वहीं सामान्य नॉन-एसी क्लास में सफर करने वालों के लिए टिकट मात्र ₹20 प्रति यात्री रखा गया है। ध्यान देने वाली बात यह है कि यात्रियों को जाने और आने के लिए अलग-अलग टिकट खरीदना होगा।
41 पुल, 4 सुरंगे और 24 तीखे मोड़
महज 9.5 किलोमीटर लंबे इस रेलवे ट्रैक की बनावट अपने आप में अनोखी है। मीटरगेज की यह लाइन घने जंगलों, गहरी खाइयों और ऊंची पहाड़ियों के बीच से निकलती है। रास्ते में ट्रेन 4 अंधेरी सुरंगों, 24 खतरनाक मोड़ों और 41 छोटे-बड़े पुलों से होकर गुजरती है। बरसात के दिनों में जब ट्रेन बादलों के बीच से निकलती है तो सैलानियों को एक अलग ही जादुई अहसास होता है।
- यह भी पढ़ें : MP Employee Health Scheme: कर्मचारियों के लिए हेल्थ स्कीम कब होगी लागू? 60 रुपए में 5 लाख के पुलिस बीमा मॉडल का सुझाव
पुराने रूप में यह हो सकता है आखिरी सीजन
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में इस रूट का कायाकल्प किया जाना प्रस्तावित है। इस लाइन को आधुनिक रूप देने की योजना है, जिसके तहत आने वाले सालों में यहां पारदर्शी कांच की छतों वाले विस्ताडोम कोच और ओपन डिब्बे लगाए जाएंगे। इसलिए ऐसा माना जा रहा है कि इस पुराने पारम्परिक अंदाज में यात्री आखिरी बार इस सफर का आनंद ले रहे हैं।
सोशल मीडिया पर बैतूल अपडेट की खबरें पाने के लिए फॉलो करें-
- हमारे यूट्यूब चैनल पर खबरें देखने के लिए : यहां क्लिक करें
- वाट्सअप चैनल पर खबरें पाने के लिए : यहां क्लिक करें
- फेसबुक ग्रुप पर खबरें पाने के लिए : यहां क्लिक करें
- फेसबुक पेज पर खबरें पाने के लिए : यहां क्लिक करें
- एक्स पर खबरें पाने के लिए: यहां क्लिक करें
देश–दुनिया की ताजा खबरें (Hindi News Madhyapradesh) अब हिंदी में पढ़ें| Trending खबरों के लिए जुड़े रहे betulupdate.com से| आज की ताजा खबरों (Latest Hindi News) के लिए सर्च करें betulupdate.com



