MP Police Medals 2026: मध्यप्रदेश पुलिस के 20 अफसर-कर्मचारियों को मिलेगा सम्मान, दो वनरक्षकों को गज गौरव अवार्ड
MP Police Medals 2026: 20 Madhya Pradesh Police officers and personnel to be honored; two forest guards to receive the 'Gaj Gaurav Award'.

MP Police Medals 2026: भोपाल। स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले मध्यप्रदेश पुलिस और वन विभाग के लिए सम्मान की बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश के चार पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक तथा 16 पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को सराहनीय सेवा पदक देने की घोषणा की गई है। वहीं शहडोल दक्षिण वन मंडल के दो वनरक्षकों को मानव-हाथी संघर्ष प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य के लिए गज गौरव अवार्ड श्रेणी-I से संयुक्त रूप से सम्मानित किया गया है। पुलिस पदकों का औपचारिक वितरण अगले वर्ष 15 अगस्त 2027 के स्वतंत्रता दिवस समारोह में किया जाएगा। पुरस्कारों की घोषणा पर डीजीपी कैलाश मकवाणा ने सभी पदक प्राप्त करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को शुभकामनाएं दी हैं। इधर वन विभाग के 2 वनरक्षकों को दो वनरक्षकों को गज गौरव अवार्ड दिया जाएगा।
चार अफसरों को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक
राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक के लिए पुलिस उप महानिरीक्षक सुनील कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, निरीक्षक अनिल कुमार भदौरिया और आरक्षक राज लोचन प्रसाद दुबे का चयन किया गया है। पुलिस सेवा में उल्लेखनीय योगदान और बेहतर कार्य के लिए इन अधिकारियों एवं कर्मचारी को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया जाएगा।
16 पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को सराहनीय सेवा पदक
सराहनीय सेवा पदक के लिए पुलिस उप महानिरीक्षक सिमाला प्रसाद, पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत, पुलिस अधीक्षक विजय कुमार भगवानी, निरीक्षक हरनारायण जायसवाल, निरीक्षक विजय चौधरी, निरीक्षक अमित जैन, निरीक्षक अनीता कदम और निरीक्षक रजनी तिवारी का चयन हुआ है।
इसी श्रेणी में उप निरीक्षक डॉ. संतोष यादव, सहायक उप निरीक्षक दिनेश चंद नागर, सहायक उप निरीक्षक भूपेन्द्र सिंह बैस, प्रधान आरक्षक भास्कर प्रताप सिंह, प्रधान आरक्षक भाग सिंह तोमर, प्रधान आरक्षक सत्य नारायण यादव, आरक्षक संतोष कुमार नायक और आरक्षक संतोष कुमार परिहार को भी सम्मानित किया जाएगा।

दो वनरक्षकों को गज गौरव अवार्ड
शहडोल दक्षिण वन मंडल के बुढ़ार रेंज में तैनात वनरक्षक समहरूदीन बैगा और राकेश बैगा को हाथियों की सुरक्षा तथा मानव-हाथी संघर्ष को नियंत्रित करने में किए गए सराहनीय कार्य के लिए गज गौरव अवार्ड श्रेणी-I में संयुक्त सम्मान दिया गया है। दोनों वनकर्मियों ने हाथियों की निगरानी के साथ ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए भी लगातार काम किया।
दिन-रात हाथियों की गतिविधियों पर रखी नजर
वर्ष 2025-26 के दौरान बुढ़ार रेंज में हाथियों के झुंडों की लगातार आवाजाही और लंबे समय तक मौजूदगी बनी रही। इस दौरान समहरूदीन बैगा और राकेश बैगा ने दिन के साथ रात में भी गश्त कर हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी बनाए रखी। दोनों ने संवेदनशील इलाकों में लगातार मौजूद रहकर संभावित खतरे को कम करने का प्रयास किया।
ग्रामीणों के साथ बनाया बेहतर समन्वय
हाथियों की मौजूदगी के दौरान वनरक्षकों ने ग्रामीणों से लगातार संपर्क बनाए रखा। लोगों को हाथियों से सुरक्षित रहने के तरीकों की जानकारी दी गई और उनकी गतिविधियों की सूचना समय पर ग्रामीणों तथा संबंधित विभागों तक पहुंचाई गई। खतरे वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में भी दोनों वनकर्मियों ने सहयोग किया।
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मुआवजा दिलाने में विभागों के बीच समन्वय
हाथियों से प्रभावित परिवारों को राहत और मुआवजा दिलाने के लिए दोनों वनरक्षकों ने राजस्व विभाग के साथ समन्वय किया। उनका प्रयास रहा कि प्रभावित लोगों के प्रकरणों का समय पर निराकरण हो और उन्हें सरकारी सहायता मिलने में परेशानी न आए। लगातार मैदानी निगरानी के कारण हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखना आसान हुआ।
हाथियों और लोगों दोनों की सुरक्षा में मिली सफलता
वनरक्षकों की सक्रियता और समय पर किए गए हस्तक्षेप से हाथियों को सुरक्षित तरीके से अनूपपुर क्षेत्र की ओर आगे बढ़ने में मदद मिली। इस दौरान किसी व्यक्ति की मौत या घायल होने की घटना नहीं हुई। साथ ही हाथियों को नुकसान से बचाने और ग्रामीणों की संपत्तियों को होने वाले नुकसान को सीमित रखने में भी सफलता मिली।
गज गौरव अवार्ड से बढ़ा वनकर्मियों का सम्मान
गज गौरव अवार्ड देश के विभिन्न राज्यों में हाथी संरक्षण, हाथियों की सुरक्षा और मानव-हाथी संघर्ष कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वनकर्मियों को दिया जाता है। मध्यप्रदेश के दोनों वनरक्षकों का संयुक्त चयन मैदानी स्तर पर किए जा रहे वन्यजीव संरक्षण कार्य की अहमियत को दर्शाता है। उनके साहस, निरंतर निगरानी और ग्रामीणों के साथ समन्वय को देखते हुए उन्हें इस सम्मान के लिए चुना गया है।
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