MP Infrastructure Inspection: एमपी में निर्माण कार्यों में धांधली पर बड़ी कार्रवाई, कई कंपनियों को किया ब्लैकलिस्ट, अधिकारियों पर भी गिरी गाज
MP Infrastructure Inspection: Major action taken against irregularities in construction works in MP, several companies blacklisted, officials also punished

MP Infrastructure Inspection: मध्यप्रदेश में सड़कों, पुलों और भवनों के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। लोक निर्माण विभाग द्वारा चलाए जा रहे औचक निरीक्षण अभियान में कई जिलों में निर्माण कार्यों में गंभीर खामियां सामने आने के बाद संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान जहां कई परियोजनाओं में गुणवत्ता संबंधी कमियां मिलीं, वहीं कुछ मामलों में निर्माण एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने तक के निर्देश जारी किए गए। सरकार का कहना है कि अधोसंरचना विकास में गुणवत्ता और जवाबदेही से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
प्रदेश में निर्माणाधीन और पूर्ण हो चुके अधोसंरचना कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लोक निर्माण विभाग लगातार औचक निरीक्षण कर रहा है। इसी क्रम में 5 जून 2026 को मुख्य अभियंताओं के सात विशेष निरीक्षण दलों ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में पहुंचकर निर्माण कार्यों का विस्तृत परीक्षण किया। इस दौरान रायसेन, सिवनी, दतिया, बड़वानी, शहडोल, रतलाम और पन्ना जिलों में चल रहे तथा पूर्ण हो चुके कार्यों का मौके पर निरीक्षण किया गया।
35 निर्माण कार्यों का किया गया परीक्षण
निरीक्षण अभियान के तहत कुल 35 निर्माण कार्यों का चयन कर उनकी गुणवत्ता, तकनीकी मानकों के पालन, कार्य की प्रगति और रखरखाव की स्थिति की जांच की गई। इनमें 21 कार्य लोक निर्माण विभाग के सड़क एवं पुलों से जुड़े थे। इसके अलावा 6 भवन निर्माण कार्य परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू) के, 7 कार्य मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) तथा एक कार्य मध्यप्रदेश भवन विकास निगम (एमपीबीडीसी) से संबंधित था।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई समीक्षा
निरीक्षण पूरा होने के बाद मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक भरत यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी निरीक्षण दलों की रिपोर्ट की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में प्रमुख अभियंता (सड़क एवं पुल) के.पी.एस. राणा, प्रमुख अभियंता (भवन) एस.आर. बघेल, प्रमुख अभियंता (एमपीबीडीसी) अजय श्रीवास्तव और तकनीकी सलाहकार आर.के. मेहरा सहित प्रदेशभर के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
गुणवत्ता को लेकर सरकार का स्पष्ट संदेश
बैठक में भरत यादव ने कहा कि प्रदेश में मजबूत और टिकाऊ अधोसंरचना का निर्माण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की तकनीकी लापरवाही, निम्नस्तरीय सामग्री का उपयोग या अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनका कहना था कि निरीक्षण का उद्देश्य केवल कमियों को उजागर करना नहीं, बल्कि निर्माण गुणवत्ता में निरंतर सुधार सुनिश्चित करना भी है।
शहडोल में सड़क निर्माण कार्य पर कार्रवाई
शहडोल जिले में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत बन रही भामौरी से पटना सड़क के निरीक्षण में गंभीर गुणवत्ता संबंधी खामियां सामने आईं। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने और निर्माण एजेंसी मेसर्स आशीष गुप्ता को मुख्य अभियंता रीवा परिक्षेत्र द्वारा ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए।
पन्ना जिले में तीन परियोजनाओं पर गिरी गाज
पन्ना जिले में करिया से महोद खुर्द सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाई गई। इस मामले में निर्माण एजेंसी मेसर्स आर.के. ट्रेडर्स एंड इलेक्ट्रॉनिक्स, पन्ना को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए।
इसी जिले में करिया से महोदकला सड़क निर्माण कार्य के निरीक्षण में भी गंभीर तकनीकी कमियां मिलीं। इसके बाद संबंधित उपयंत्री को नोटिस जारी करने और निर्माण एजेंसी मेसर्स कुमार कंस्ट्रक्शन कंपनी, छतरपुर को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा मोहेंद्र-गोलही-पलोही मार्ग, जो अभी परफॉर्मेंस गारंटी अवधि में है, उसकी स्थिति भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं पाई गई। इस पर निर्माण एजेंसी मेसर्स आर.एस. इन्फ्रा, सतना के खिलाफ ब्लैकलिस्टिंग की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए।
रायसेन जिले में कई कार्यों में मिली कमियां
रायसेन जिले में एसएच-15 से बासा-धामनपानी-कुचवाड़ा-किटुआ मार्ग के निर्माण में गंभीर तकनीकी खामियां सामने आने पर निर्माण एजेंसी मेसर्स जगदीप सिंह एंड कंपनी, उत्तर प्रदेश के खिलाफ ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
अमरावद-चांदपुरा-भिश्ती से मोकलवाड़ा-पालका-श्री मार्ग की सात किलोमीटर लंबी सड़क, जो अभी परफॉर्मेंस गारंटी अवधि में है, उसकी स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। इस मामले में वर्तमान और तत्कालीन अधिकारियों को नोटिस जारी करने तथा निर्माण एजेंसी मेसर्स चौधरी बिल्डर्स एंड डेवलपर्स, भोपाल को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए।
गैरतगंज स्थित विश्राम गृह निर्माण कार्य में भी गुणवत्ता संबंधी कमियां मिलने पर निर्माण एजेंसी मेसर्स शशि कंस्ट्रक्शन कंपनी, मुरैना के खिलाफ ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई करने को कहा गया।
सिवनी में स्कूल भवन निर्माण में मिली अनियमितताएं
सिवनी जिले में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के तहत निर्माणाधीन गवर्नमेंट एक्सीलेंस हायर सेकेंडरी स्कूल, धनोरा के निरीक्षण में भी कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। समीक्षा बैठक में वर्तमान और पूर्व अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही परियोजना से जुड़े कंसल्टेंट आईक्यूटी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कार्रवाई और निर्माण एजेंसी मेसर्स बी.आर. गोयल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, इंदौर को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश भी दिए गए।
29 कार्यों में सुधार के निर्देश
निरीक्षण के दौरान अधिकांश परियोजनाओं में सामान्य या आंशिक कमियां भी सामने आईं। ऐसे 29 कार्यों में संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा तय कर सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि आगामी निरीक्षण में यदि कमियों का निराकरण नहीं मिला तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
पुरानी निरीक्षण रिपोर्टों पर भी होगी समीक्षा
बैठक में यह भी तय किया गया कि पहले किए गए निरीक्षणों में जिन कमियों का उल्लेख किया गया था, उनका निराकरण अगली समीक्षा बैठक से पहले पूरा किया जाए। प्रत्येक निरीक्षण रिपोर्ट पर की गई कार्रवाई की अलग से समीक्षा होगी और लंबित मामलों में जिम्मेदारी तय की जाएगी।
- यह भी पढ़ें : Betul Collectorate Restrictions: कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी प्रतिबंधित, कलेक्टर ने जारी किए आदेश
सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के समाधान पर जोर
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से जुड़ी शिकायतों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि केवल कागजी कार्रवाई कर शिकायतें बंद न की जाएं। शिकायतकर्ताओं को वास्तविक समाधान उपलब्ध कराया जाए और उनकी संतुष्टि भी सुनिश्चित की जाए। विभाग की रैंकिंग सुधारने के लिए गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण पर विशेष जोर दिया गया।
मानसून से पहले सड़क और पुलों की तैयारी
आगामी वर्षाकाल को देखते हुए सभी जिलों में पुल-पुलियों की मरम्मत और सड़कों के गड्ढों की भराई को प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए गए। बैठक में कहा गया कि बारिश के दौरान लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन उपलब्ध कराना विभाग की जिम्मेदारी है।
साथ ही सभी जलमग्नीय पुलों पर चेतावनी संकेतक, जलस्तर की जानकारी और आपातकालीन सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1099 प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है।
- यह भी पढ़ें : Betul Mandi Bhav: बैतूल मंडी में 8198 बोरी उपज की आवक, जानिए गेहूं, सोयाबीन और मक्का के ताजा भाव
30 जून तक पूरे करने होंगे लोक कल्याण सरोवरों के लक्ष्य
बैठक में वर्ष 2026 के लिए निर्धारित लोक कल्याण सरोवरों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी निर्धारित लक्ष्य 30 जून 2026 तक शत-प्रतिशत पूरे किए जाएं। साथ ही निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखा जाए।
नियमित मॉनिटरिंग जारी रखने के संकेत
बैठक के अंत में एमडी भरत यादव ने कहा कि प्रदेश में निर्माणाधीन और पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं की निगरानी लगातार जारी रहेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक स्तर पर तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए ताकि प्रदेशवासियों को सुरक्षित, मजबूत और लंबे समय तक टिकने वाली अधोसंरचना सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने दोहराया कि गुणवत्ता के मामले में किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सोशल मीडिया पर बैतूल अपडेट की खबरें पाने के लिए फॉलो करें-
- हमारे यूट्यूब चैनल पर खबरें देखने के लिए : यहां क्लिक करें
- वाट्सअप चैनल पर खबरें पाने के लिए : यहां क्लिक करें
- फेसबुक ग्रुप पर खबरें पाने के लिए : यहां क्लिक करें
- फेसबुक पेज पर खबरें पाने के लिए : यहां क्लिक करें
- एक्स पर खबरें पाने के लिए: यहां क्लिक करें
देश–दुनिया की ताजा खबरें (Hindi News Madhyapradesh) अब हिंदी में पढ़ें| Trending खबरों के लिए जुड़े रहे betulupdate.com से| आज की ताजा खबरों (Latest Hindi News) के लिए सर्च करें betulupdate.com



