Betul Collector Action: बैतूल में कुपोषण पर सख्त हुए कलेक्टर, कई बीएमओ और सीडीपीओ को शोकॉज नोटिस
Betul Collector Action: Collector takes strict action on malnutrition in Betul, show cause notices to several BMO and CDPO

Betul Collector Action: बैतूल जिले में कुपोषण और मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन अब और ज्यादा सख्त नजर आ रहा है। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की संयुक्त समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं से जुड़ी सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में कुपोषित बच्चों की पहचान से लेकर उपचार, मातृत्व स्वास्थ्य, टीकाकरण और आंगनवाड़ी सुविधाओं तक कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कुपोषित बच्चों के सर्वे और मॉनिटरिंग पर जोर
समीक्षा बैठक में कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने जिले के सभी कुपोषित बच्चों का शत-प्रतिशत सर्वे कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों की सही और अद्यतन जानकारी निर्धारित संपर्क एप पर दर्ज की जाए, ताकि उनकी स्वास्थ्य स्थिति की लगातार निगरानी की जा सके। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कुपोषण की समस्या को केवल आंकड़ों तक सीमित न रखें, बल्कि उसके वास्तविक कारणों को समझकर समाधान की दिशा में काम किया जाए।
सीडीपीओ को दिए फील्ड विजिट के निर्देश
कलेक्टर ने सभी सीडीपीओ को निर्देशित किया कि वे फील्ड भ्रमण के दौरान कुपोषण के वास्तविक कारणों की जानकारी जुटाएं। उन्होंने कहा कि कई बार पोषण की कमी के पीछे सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी कारण भी जिम्मेदार होते हैं। इन कारणों को समझकर ही प्रभावी कार्ययोजना बनाई जा सकती है।
उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा कार्यकर्ताओं को बच्चों का सही वजन लेने और फील्ड स्तर पर बेहतर कार्य करने के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया। साथ ही पोषण पुनर्वास केंद्रों में सभी बेड भरे रहने, कुपोषित बच्चों का लगातार 12 सप्ताह तक फॉलोअप करने और आंगनवाड़ियों में बच्चों को थर्ड मील अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मातृत्व स्वास्थ्य को बताया बड़ी चुनौती
बैठक में डॉ. आशीष ठाकुर ने जानकारी दी कि बच्चों के अत्यधिक कम वजन के पीछे मातृत्व स्वास्थ्य की अनदेखी एक प्रमुख कारण बन रही है। उन्होंने कहा कि गर्भधारण से लेकर प्रसव तक महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। इस पर कलेक्टर ने मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
सीएमईएम कार्यक्रम की समीक्षा में मिली कमियां
कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने सीमेम कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान कई क्षेत्रों में प्रगति संतोषजनक नहीं पाई। भूख जांच, एमोक्सिलिन दवा परीक्षण और अन्य गतिविधियों में कमी मिलने पर प्रभातपट्टन की सीडीपीओ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
वहीं समुदाय आधारित गतिविधियों, नाश्ता और गर्म पका भोजन कार्यक्रम में खराब प्रदर्शन पर शाहपुर, भैंसदेही और घोड़ाडोंगरी की सीडीपीओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने साफ कहा कि यदि प्रगति में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
आंगनवाड़ी भवन और शौचालय निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत प्रस्तावित 66 आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने भूमि आवंटन की प्रक्रिया जल्द पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। साथ ही बाल सुलभ शौचालयों की प्रशासकीय स्वीकृति दो दिन के भीतर जारी करने को कहा।
उन्होंने लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत सभी पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने और लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
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एएनसी पंजीयन में लापरवाही पर नोटिस
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान गर्भवती महिलाओं के एएनसी पंजीयन में कम प्रगति मिलने पर भीमपुर, चिचोली और बैतूल के बीएमओ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, फॉलोअप और सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्थित ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने को कहा।
मातृत्व मृत्यु पर जीरो टॉलरेंस नीति
कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मातृत्व मृत्यु के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि मॉडरेट और सीवियर एनीमिया से पीड़ित सभी गर्भवती महिलाओं की पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जाए। कोई भी महिला चिन्हांकन से छूटनी नहीं चाहिए।
उन्होंने होम बेस्ड न्यू बॉर्न केयर की सभी एंट्री समय पर दर्ज करने और उनकी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी बीएमओ को टीकाकरण अभियान की नियमित निगरानी करने को कहा। टीकाकरण में लापरवाही मिलने पर भीमपुर बीएमओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा चाइल्ड डेथ रिव्यू शत-प्रतिशत करने के लिए भी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए।
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एसएनसीयू टीम के कार्य की सराहना
बैठक के दौरान एसएनसीयू में प्री-मैच्योर और अतिकम वजन वाले बच्चों के सफल उपचार और डिस्चार्ज की समीक्षा भी की गई। इस दौरान कलेक्टर ने नोडल अधिकारी डॉ. आशीष ठाकुर और उनकी पूरी टीम के कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम करने से सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं पर आम लोगों का भरोसा मजबूत होता है।
बैठक में सहायक कलेक्टर पुष्पराज खोट, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज हुरमाड़े, सिविल सर्जन डॉ. जगदीश घोरे, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास गौतम अधिकारी सहित जिले के सभी बीएमओ, सीडीपीओ और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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