Ladli Behna Yojana: लाड़ली बहना योजना की 34वीं किस्त जारी, महिलाओं के खातों में 1836 करोड़ ट्रांसफर, CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान
नवरात्रि से पहले लाड़ली बहनों को बड़ी सौगात, हर महीने 1500 रुपये मिलने का फायदा

Ladli Behna Yojana: ग्वालियर जिले के घाटीगांव स्थित शबरी माता मंदिर परिसर में आयोजित राज्य स्तरीय महिला सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की महिलाओं के सशक्तिकरण और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण ऐलान किए। इस अवसर पर उन्होंने लाड़ली बहना योजना की 34वीं किस्त जारी करते हुए प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में 1836 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं और कई क्षेत्रों में देश के लिए उदाहरण बन रही हैं।
आत्मनिर्भरता हो रही हैं महिलाएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बनने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं। प्रदेश में पांच लाख से अधिक स्व-सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे लगभग 65 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इन समूहों के माध्यम से बड़ी संख्या में महिलाओं को रोजगार और आय के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब 12 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी के रूप में काम कर रही हैं। राज्य सरकार महिला उद्यमिता को भी बढ़ावा दे रही है, जिसके कारण कई महिलाएं उद्योग और फैक्ट्री संचालन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शुरू होने वाले नए स्टार्टअप में लगभग 47 प्रतिशत का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं, जो उनके बढ़ते आत्मविश्वास और क्षमता का प्रमाण है।
महिलाओं के कल्याण के लिए मिशन मोड में काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए मिशन मोड में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में केंद्र और राज्य में एक ही दल की सरकार होने से विकास कार्यों को गति मिली है। इसी कारण प्रदेश की महिलाओं को लाड़ली लक्ष्मी योजना और लाड़ली बहना योजना के रूप में दोहरी खुशियां मिल रही हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने में प्रदेश की महिलाएं भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
नवरात्रि से पहले बहनों को आर्थिक सौगात
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि के पहले प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक सहायता की सौगात दी जा रही है। उन्होंने लाड़ली बहना योजना की 34वीं किस्त जारी करते हुए 1 करोड़ 25 लाख 27 हजार से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में 1836 करोड़ रुपये की राशि भेजी। इस योजना के अंतर्गत ग्वालियर जिले की 3 लाख 16 हजार से अधिक महिलाएं भी लाभान्वित हुई हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब इस योजना के अंतर्गत हर पात्र महिला को प्रतिमाह 1500 रुपये की सहायता राशि दी जा रही है।
अब तक 52 हजार करोड़ से अधिक राशि
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि लाड़ली बहना योजना शुरू होने के बाद से अब तक महिलाओं के खातों में 52 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी जा चुकी है। उन्होंने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि इस राशि का उपयोग वे अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने और किसी छोटे व्यवसाय या काम-धंधे की शुरुआत के लिए करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि महिलाएं इस राशि को सही दिशा में लगाती हैं तो इससे परिवार और समाज दोनों को लाभ होगा और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण में भी मदद मिलेगी।
ग्वालियर जिले को विकास कार्यों की सौगात
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्वालियर जिले को 121 करोड़ 95 लाख रुपये की लागत वाले 54 विकास कार्यों की सौगात भी दी। उन्होंने एक क्लिक के माध्यम से लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत वाले 35 कार्यों का भूमि पूजन किया और करीब 62 करोड़ रुपये की लागत से बने 19 कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें कुलैथ घाटीगांव में लगभग 39 करोड़ 86 लाख रुपये की लागत से तैयार शासकीय सांदीपनि विद्यालय के नए भवन का लोकार्पण भी शामिल है।
तीन साल में जीवन में आया बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि दो महीने बाद लाड़ली बहना योजना को तीन वर्ष पूरे हो जाएंगे। इन तीन वर्षों में प्रदेश की महिलाओं के जीवन में बड़ा परिवर्तन देखने को मिला है। उन्होंने बताया कि जनवरी 2024 से फरवरी 2026 के बीच लगभग 42 हजार 308 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि महिलाओं के खातों में भेजी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के साथ-साथ उन्हें आत्मविश्वास भी दिया है। अब महिलाएं पहले की तरह मजबूर नहीं बल्कि मजबूत बन चुकी हैं और अपने जीवन में नए अवसर तलाशने का साहस कर रही हैं।
ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर मध्यप्रदेश की गौरवशाली पहचान है। यह क्षेत्र शक्ति की आराधना और सांस्कृतिक परंपराओं के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र राज्य के साथ-साथ देश की आर्थिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कभी बीहड़ों के कारण चर्चा में रहने वाला यह क्षेत्र अब औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनता जा रहा है। राज्य सरकार के प्रयासों से यहां उद्योग और निवेश को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं।
हितग्राहियों को किया गया लाभ वितरण
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर और कन्या पूजन के साथ की। इस दौरान उपस्थित मातृ शक्ति पर पुष्प वर्षा कर उनका सम्मान भी किया गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का गजमाला पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न हितग्राहियों को वन अधिकार पत्र, स्व-सहायता समूहों को चेक तथा मुद्रा योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को भी चेक वितरित किए।
रोजगार और कौशल विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रखना चाहती। सरकार का उद्देश्य उन्हें कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और परिवार तथा समाज के विकास में योगदान दे सकें। उन्होंने कहा कि इसी दिशा में सरकार लगातार नई योजनाएं और निर्णय लागू कर रही है।
औद्योगिक विकास से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्वालियर जिले में औद्योगिक विकास को गति दी जा रही है। वर्ष 2024 से अब तक यहां 220 औद्योगिक इकाइयों के लिए भूमि आवंटित की जा चुकी है। लगभग 12 हजार 500 करोड़ रुपये के निवेश से इन उद्योगों की स्थापना होगी, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। उन्होंने बताया कि सीतापुर में फुटवियर क्लस्टर विकसित किया जा रहा है, जबकि मुरैना में हाइड्रोजन उत्पादन के लिए नया कारखाना स्थापित किया जा रहा है।
पर्यटन और पर्यावरण के क्षेत्र में भी बढ़ती पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवपुरी स्थित कूनो नेशनल पार्क में चीते अपना कुनबा बढ़ा रहे हैं, जिससे यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहा है। वहीं माधव नेशनल पार्क अब बाघ, घड़ियाल और कछुए के संरक्षण के लिए जाना जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी लगातार काम कर रही है।
किसानों और पशुपालकों के लिए योजनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत सरकार ने गेहूं खरीद पर 40 रुपये बोनस देने का निर्णय लिया है। साथ ही पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनू योजना शुरू की गई है, जिससे किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
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आयोजन में यह की गई प्रमुख घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने भितरवार विधानसभा क्षेत्र में आरोन-पटई उद्वहन सिंचाई परियोजना को स्वीकृति देने की घोषणा की। लगभग 120 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह परियोजना क्षेत्र के किसानों के लिए लाभकारी साबित होगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि घाटीगांव, चिनौर और करैया में भी सांदीपनि विद्यालय खोले जाएंगे।
भितरवार के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उन्नत कर सिविल अस्पताल बनाया जाएगा और घाटीगांव के उप स्वास्थ्य केंद्र का भी उन्नयन किया जाएगा। युवाओं के कौशल विकास के लिए भितरवार और घाटीगांव में आईटीआई केंद्र स्थापित किए जाएंगे। घाटीगांव में शबरी माता के भव्य मंदिर और शबरी धाम के निर्माण के लिए भूमि का सर्वे भी कराया जाएगा। साथ ही भगवान देवनारायण के धाम का निर्माण और वहां प्रतिवर्ष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कराने की व्यवस्था भी की जाएगी।
विकास की लिखी जा रही नई कहानी
केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भितरवार क्षेत्र को माता शबरी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त है और यहां विकास की नई कहानी लिखी जा रही है। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहना योजना की 34वीं किस्त की राशि सीधे महिलाओं के खातों में पहुंच रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत 2047 का लक्ष्य रखा है और इसे हासिल करने में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की कई योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
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मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने भी रखे विचार
जल संसाधन मंत्री और ग्वालियर जिले के प्रभारी तुलसीराम सिलावट ने कहा कि सरकार ने जो वादे किए थे उन्हें पूरा किया है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश में लगभग साढ़े सात लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का विस्तार हुआ है और वर्ष 2029 तक 100 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल योजना पर तेजी से काम चल रहा है।
भितरवार विधायक मोहन सिंह राठौर ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में योजनाबद्ध विकास हो रहा है। उन्होंने बताया कि भितरवार विधानसभा क्षेत्र में लगभग 759 करोड़ रुपये के विकास कार्य किए जा चुके हैं। उन्होंने क्षेत्र में सिंचाई योजनाओं के विस्तार और हिम्मतगढ़ तालाब के जीर्णोद्धार की आवश्यकता भी बताई।
विधायक ने कहा कि जून 2023 में शुरू हुई लाड़ली बहना योजना महिलाओं के जीवन में आर्थिक मजबूती, आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान बढ़ाने का माध्यम बनी है। कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, पूर्व मंत्री इमरती देवी, जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्गेश कुंवर जाटव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, किसान और बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें उपस्थित थीं।
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