MP Hostel Admission 2026: MP में शासकीय छात्रावासों में एडमिशन शुरू: अब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन, 30 मार्च तक करें आवेदन
मध्यप्रदेश के 597 सरकारी छात्रावासों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू, e-Hostel सिस्टम से सीट आवंटन और आवेदन पूरी तरह डिजिटल

MP Hostel Admission 2026: मध्यप्रदेश में शासकीय छात्रावासों में वर्ष 2026 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस बार पूरी व्यवस्था डिजिटल माध्यम से संचालित की जा रही है, जिससे प्रवेश प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सरल बन सके। स्कूल शिक्षा विभाग के राज्य शिक्षा केंद्र ने इसके लिए एक विशेष ई-हॉस्टल प्रबंधन प्रणाली तैयार की है। इस व्यवस्था के तहत विद्यार्थी और अभिभावक घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। प्रथम चरण में आवेदन की अंतिम तिथि 30 मार्च तय की गई है, जबकि रिक्त सीटों के लिए दूसरे चरण में 6 अप्रैल से 10 जून तक आवेदन किए जा सकेंगे।
पूरी तरह ऑनलाइन हुई प्रवेश प्रक्रिया
राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा संचालित शासकीय छात्रावासों में इस वर्ष प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने एजुकेशन पोर्टल 3.0 के माध्यम से ई-हॉस्टल प्रबंधन प्रणाली तैयार की है। इस डिजिटल प्रणाली का उद्देश्य छात्रावासों में प्रवेश की प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है, ताकि पात्र विद्यार्थियों को आसानी से प्रवेश मिल सके।
राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह के अनुसार प्रदेश में संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालक-बालिका छात्रावासों में वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए यह व्यवस्था शुरू की गई है। इससे छात्रावासों में प्रवेश, सीट आवंटन और रिकॉर्ड प्रबंधन का काम अब ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा।
ई-हॉस्टल प्रबंधन प्रणाली से होगा संचालन
नई व्यवस्था के तहत ई-हॉस्टल प्रबंधन प्रणाली को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है। इसके माध्यम से छात्रावासों में प्रवेश प्रक्रिया, सीटों का आवंटन, विद्यार्थियों के अभिलेख और प्रशासनिक कार्यों का संचालन ऑनलाइन किया जाएगा। यह प्रणाली विशेष रूप से कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावासों के प्रबंधन को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई है। यह व्यवस्था कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय टाइप-1 और टाइप-3 के साथ-साथ नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालक और बालिका छात्रावासों के लिए लागू की गई है।
30 मार्च तक कर सकेंगे आवेदन
छात्रावासों में कक्षा 6 और अन्य कक्षाओं की खाली सीटों पर प्रवेश के लिए पहले चरण में 30 मार्च 2026 तक आवेदन किए जा सकेंगे। यदि पहले चरण के बाद सीटें खाली रहती हैं तो दूसरे चरण में फिर से आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी। दूसरे चरण के लिए आवेदन 6 अप्रैल 2026 से 10 जून 2026 तक किए जा सकेंगे।
ऑनलाइन आवेदन के लिए विद्यार्थियों और अभिभावकों को स्कूल शिक्षा विभाग की वेबसाइट https://educationportal3.in पर जाना होगा। आवेदन एमपी ऑनलाइन कियोस्क सेंटर के माध्यम से भी किया जा सकता है। यदि किसी अभिभावक या विद्यार्थी को फॉर्म भरने में परेशानी होती है तो वे संबंधित छात्रावास के वार्डन की मदद से भी आवेदन कर सकते हैं।
छात्रावासों में उपलब्ध सीटें
प्रदेश के छात्रावासों में अलग-अलग क्षमता के अनुसार सीटें निर्धारित की गई हैं। इनमें 50, 100, 150, 175, 200, 220 और 275 सीटों वाले छात्रावास शामिल हैं। कक्षा 6 से 8 तक की बालिकाओं को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय टाइप-1 और नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालिका छात्रावासों में प्रवेश दिया जाता है। वहीं कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय टाइप-3 में प्रवेश दिया जाता है।
- यह भी पढ़ें : Vastu Tips for Home: बिना खर्च के दूर करें घर का वास्तु दोष, इन आसान उपायों से आएगी सकारात्मक ऊर्जा
आरक्षित सीटों की व्यवस्था
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में प्रवेश के लिए सीटों का आरक्षण भी तय किया गया है। छात्रावास की मार्गदर्शिका के अनुसार 75 प्रतिशत सीटें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग की बालिकाओं के लिए आरक्षित हैं। शेष 25 प्रतिशत सीटें गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों की बालिकाओं के लिए निर्धारित हैं। चयन प्रक्रिया में दिव्यांग, अनाथ और बेसहारा बालिकाओं को प्राथमिकता दी जाती है।
बालक छात्रावासों में भी प्रवेश
प्रदेश में संचालित 66 नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालक छात्रावासों में कक्षा 3 से 8 तक के पात्र बालकों को प्रवेश दिया जाता है। इन छात्रावासों का उद्देश्य ऐसे बच्चों को शिक्षा से जोड़ना है जो स्कूल से दूर हो गए हैं या किसी कारण से पढ़ाई छोड़ चुके हैं। ऐसे विद्यार्थियों को उनकी उम्र के अनुसार कक्षा में दाखिला देकर विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे वे सामान्य शिक्षा की धारा में वापस आ सकें।
- यह भी पढ़ें : Aadhaar Mobile Number Update: अब घर बैठे आधार में मोबाइल नंबर करें अपडेट, UIDAI ऐप से 10-15 दिन में पूरा होगा काम
वंचित बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का प्रयास
इन छात्रावासों में विशेष रूप से उन बच्चों को प्राथमिकता दी जाती है जो रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड के आसपास रहने वाले, कचरा या पन्नी बीनने वाले, पलायन करने वाले परिवारों से जुड़े या घर से भटके हुए होते हैं। इसके अलावा विमुक्त जनजाति, आदिम जनजाति और वन ग्राम पट्टाधारी परिवारों के बच्चों को भी छात्रावास में रहने और पढ़ाई की सुविधा दी जाती है। इन बच्चों को आवासीय सुविधा के साथ शिक्षा उपलब्ध कराकर मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।
प्रदेश में 597 छात्रावास संचालित
राज्य शिक्षा केंद्र के अंतर्गत मध्यप्रदेश में कुल 597 शासकीय छात्रावास संचालित किए जा रहे हैं। इनमें 207 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, 324 नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालिका छात्रावास और 66 नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालक छात्रावास शामिल हैं। इन छात्रावासों का उद्देश्य ऐसे बालक-बालिकाओं को शिक्षा उपलब्ध कराना है जो किसी कारण से स्कूल से दूर हैं या पारिवारिक परिस्थितियों के कारण नियमित रूप से पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। छात्रावास में उन्हें रहने और पढ़ने की सुविधा देकर उनकी प्रारंभिक शिक्षा सुनिश्चित की जाती है।
सोशल मीडिया पर बैतूल अपडेट की खबरें पाने के लिए फॉलो करें-
- हमारे यूट्यूब चैनल पर खबरें देखने के लिए : यहां क्लिक करें
- वाट्सअप चैनल पर खबरें पाने के लिए : यहां क्लिक करें
- फेसबुक ग्रुप पर खबरें पाने के लिए : यहां क्लिक करें
- फेसबुक पेज पर खबरें पाने के लिए : यहां क्लिक करें
- एक्स पर खबरें पाने के लिए: यहां क्लिक करें
देश-दुनिया की ताजा खबरें (Hindi News Madhyapradesh) अब हिंदी में पढ़ें| Trending खबरों के लिए जुड़े रहे betulupdate.com से| आज की ताजा खबरों (Latest Hindi News) के लिए सर्च करें betulupdate.com



