Madhya Pradesh DA Hike: एमपी में DA बढ़ा लेकिन लक्ष्य से पीछे सरकार, 12 लाख कर्मचारियों-पेंशनर्स को अभी और करना पड़ सकता है इंतजार
Madhya Pradesh DA Hike: 3% DA बढ़कर 58% हुआ, लेकिन वित्त विभाग के 64% लक्ष्य से पीछे; कर्मचारियों को अगली बढ़ोतरी का इंतजार

Madhya Pradesh DA Hike: मध्य प्रदेश में महंगाई भत्ते को लेकर बनी वित्त विभाग की योजना फिलहाल अपेक्षित गति से आगे बढ़ती नहीं दिख रही है। राज्य सरकार ने हाल ही में कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में तीन प्रतिशत बढ़ोतरी की घोषणा की है, लेकिन इसके बावजूद विभाग की तय योजना के मुकाबले सरकार पीछे नजर आ रही है। इस स्थिति में प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को पूरी राहत मिलने में अभी और समय लग सकता है।
महंगाई भत्ते में तीन प्रतिशत बढ़ोतरी
राज्य सरकार की घोषणा के अनुसार सातवें वेतनमान के अंतर्गत कर्मचारियों का महंगाई भत्ता अब बढ़कर कुल 58 प्रतिशत हो जाएगा। यह वृद्धि तीन प्रतिशत की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह बढ़ा हुआ भत्ता अप्रैल महीने के वेतन में जोड़ा जाएगा और इसका वास्तविक भुगतान मई से किया जाएगा। हालांकि वित्त विभाग की पहले से बनी योजना के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक महंगाई भत्ता 64 प्रतिशत तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया था। मौजूदा बढ़ोतरी के बाद भी यह लक्ष्य अभी पूरा होता नजर नहीं आ रहा है।
करीब 12 लाख लोगों पर असर
प्रदेश में महंगाई भत्ता और महंगाई राहत का लाभ बड़ी संख्या में कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलता है। आंकड़ों के अनुसार लगभग साढ़े सात लाख नियमित अधिकारी और कर्मचारी इसके दायरे में आते हैं, जबकि करीब साढ़े चार लाख पेंशनर्स को भी इसका लाभ मिलता है। इस तरह प्रदेश में करीब 12 लाख लोग इस निर्णय से प्रभावित होते हैं। लक्ष्य के मुकाबले कम बढ़ोतरी होने के कारण इन सभी को पूरी राहत मिलने में अभी और समय लग सकता है।
पिछली बार लगा था आठ महीने का समय
यह भी माना जा रहा है कि यदि केंद्र सरकार मार्च में महंगाई भत्ते में फिर से वृद्धि करती है तो उसका लाभ राज्य कर्मचारियों को तुरंत मिलना आसान नहीं होगा। पिछली बार केंद्र द्वारा महंगाई भत्ता बढ़ाने के बाद राज्य में वही दर लागू होने में लगभग आठ महीने का समय लगा था। इसी कारण कर्मचारियों के बीच यह आशंका बनी हुई है कि अगली वृद्धि का लाभ भी तुरंत नहीं मिल पाएगा।
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वित्त विभाग ने तैयार की थी योजना
वित्त विभाग ने महंगाई भत्ते को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाने की एक लंबी योजना भी तैयार की थी। इसके अनुसार वर्ष 2026-27 तक महंगाई भत्ता 74 प्रतिशत, वर्ष 2027-28 तक 84 प्रतिशत और वर्ष 2028-29 तक 94 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह योजना फिलहाल तय रफ्तार से आगे नहीं बढ़ती दिख रही है।
अन्य वेतनमान के लिए भी तय है बढ़ोतरी
सिर्फ सातवें वेतनमान ही नहीं बल्कि अन्य वेतनमानों के कर्मचारियों के लिए भी चरणबद्ध बढ़ोतरी की रूपरेखा बनाई गई है। छठवें वेतनमान के कर्मचारियों को अभी 252 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है, जिसे हाल की घोषणा के बाद 255 प्रतिशत किया जाना है। आगे चलकर इसे 265, 280 और 295 प्रतिशत तक ले जाने की योजना है। इसी तरह पांचवें वेतनमान के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता वर्तमान में 315 प्रतिशत है, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 345 प्रतिशत तक ले जाने का प्रस्ताव है।
कर्मचारी संगठनों ने उठाई यह मांग
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यदि समय पर बढ़ोतरी की जाती तो मार्च 2026 से पहले ही 64 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता था। उनका आरोप है कि फिलहाल सरकार अपने तय लक्ष्य से लगभग छह प्रतिशत पीछे चल रही है। संगठनों ने मांग की है कि जब भी केंद्र सरकार महंगाई भत्ता बढ़ाए, उसी समय राज्य में भी समान दर लागू की जाए ताकि कर्मचारियों और पेंशनर्स को समय पर लाभ मिल सके।
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