PMFME Scheme: नीमच की गृहिणी बनीं सफल उद्योगपति, PMFME योजना से हर महीने लाखों की कमाई
PMFME Scheme: 23.61 लाख से शुरू किया उद्योग, अब 7 लोगों को रोजगार; पीएमएफएमई योजना ने बदली किस्मत

PMFME Scheme: मध्यप्रदेश के नीमच जिले के छोटे से गांव बमोरा की रहने वाली प्रेमलता पाटीदार ने यह साबित कर दिया है कि अगर हौसला मजबूत हो तो हालात भी रास्ता दे देते हैं। कभी घर की जिम्मेदारियों में व्यस्त रहने वाली प्रेमलता आज अपने उद्योग के दम पर पहचान बना चुकी हैं और कई लोगों को रोजगार भी दे रही हैं।
सपनों को मिल गई सही राह
प्रेमलता पाटीदार हमेशा से अपना काम शुरू करना चाहती थीं, लेकिन आर्थिक सीमाएं और सही सलाह न मिलने से वे आगे नहीं बढ़ पा रही थीं। इसी दौरान उद्यानिकी विभाग के माध्यम से उन्हें प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के बारे में जानकारी मिली। योजना ने उनके सपनों को दिशा दी और उन्होंने खुद का उद्योग शुरू करने का निर्णय लिया।
23.61 लाख की लागत से शुरूआत
योजना के तहत प्रेमलता ने 23.61 लाख रुपये की लागत से ‘बालाजी उद्योग’ के नाम से खाद्य तेल प्रसंस्करण इकाई स्थापित की। इसके लिए उन्होंने नीमच जिले में भारतीय स्टेट बैंक की जीरन शाखा से 20 लाख रुपये का ऋण लिया। शासन की ओर से उन्हें 8.26 लाख रुपये की अनुदान राशि भी प्राप्त हुई। इस आर्थिक सहयोग ने उनके आत्मविश्वास को और मजबूत किया।
‘गोपाल कृष्ण’ ब्रांड से बाजार में पहचान
प्रेमलता ने ‘गोपाल कृष्ण’ नाम से कोकोनट ऑयल का पंजीयन कराया और अपने उत्पाद को बाजार में उतारा। गुणवत्ता पर विशेष ध्यान और निरंतर मेहनत के कारण उनका व्यवसाय तेजी से आगे बढ़ा। वर्तमान में उनका मासिक कारोबार लगभग 8 से 10 लाख रुपये तक पहुंच चुका है। हर महीने वे 2 से 3 लाख रुपये की शुद्ध आय अर्जित कर रही हैं, जबकि सालाना लाभ 30 लाख रुपये से अधिक हो गया है।
गांव के 7 लोगों को दिया रोजगार
प्रेमलता की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं है। उन्होंने अपने उद्योग में 7 स्थानीय लोगों को काम दिया है, जिससे गांव में रोजगार के अवसर बढ़े हैं। उनका कहना है कि योजना ने उन्हें शुरुआत करने का अवसर दिया, लेकिन आगे बढ़ने में मेहनत और विश्वास ने अहम भूमिका निभाई।
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जिले में बढ़ रही योजना की पहुंच
नीमच जिले में इस योजना का प्रभावी संचालन हो रहा है। अब तक 210 लाभार्थियों को योजना का फायदा मिल चुका है। चालू वित्तीय वर्ष में 125 नए उद्योग स्थापित किए गए हैं। इन उपलब्धियों के कारण नीमच जिला प्रदेश और संभाग के अग्रणी जिलों में गिना जा रहा है।
प्रेमलता पाटीदार की कहानी यह दर्शाती है कि यदि सही जानकारी और सरकारी सहयोग मिल जाए तो ग्रामीण महिलाएं भी सफल उद्यमी बन सकती हैं। यह उदाहरण महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम है।
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