Heavy Rain Alert in Madhya Pradesh: मध्यप्रदेश के कई जिलों में आज भारी बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
Heavy Rain Alert in Madhya Pradesh: मध्यप्रदेश में मानसून की दस्तक के बाद से मौसम का मिजाज लगातार बदलता रहा है। कहीं आसमान से बरसात की झड़ी लगी तो कहीं धूप ने लोगों को परेशान किया। बुधवार को भी प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर और बालाघाट में अगले 24 घंटे के भीतर ढाई से साढ़े चार इंच तक पानी गिरने की चेतावनी दी गई है।
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि वर्तमान समय में मानसून ट्रफ मध्यप्रदेश के ऊपर से गुजर रही है। यही कारण है कि राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी है। हालांकि बड़े पैमाने पर सक्रिय सिस्टम प्रदेश से दूर हैं, जिसकी वजह से सभी जिलों में समान रूप से बारिश नहीं हो रही।
मानसून ट्रफ और लो प्रेशर सिस्टम की स्थिति
मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा ने बताया कि इस समय प्रदेश में लो प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ का असर कमजोर हो गया है। यही वजह है कि कई हिस्सों में धूप खिल रही है, जबकि कुछ जगहों पर ही पानी बरस रहा है। यह स्थिति लगभग 15 सितंबर तक रहने की संभावना है। उसके बाद नया और मजबूत सिस्टम सक्रिय हो सकता है, जिससे पूरे प्रदेश में फिर से झमाझम बारिश का दौर शुरू होने का अनुमान है।

तवा डैम के तीन गेट खोले गए
इटारसी के कैचमेंट एरिया में लगातार हो रही बारिश के कारण तवा डैम का जलस्तर बढ़कर 1165.80 फीट तक पहुंच गया। पानी की मात्रा बढ़ने के चलते बुधवार सुबह साढ़े सात बजे से बांध के तीन गेट पांच-पांच फीट खोले गए। इन गेटों से करीब 26 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे नदी के किनारे बसे गांवों में एहतियात बरतने की अपील की गई है।
भोपाल में डैमों से पानी का डिस्चार्ज
राजधानी भोपाल के बड़े तालाब पर बने भदभदा डैम का एक गेट मंगलवार दोपहर करीब एक बजे खोला गया। शाम तक वहां से सात एमसीएफटी पानी छोड़ा गया। इससे पहले 6 सितंबर को भी तालाब का जलस्तर तय सीमा तक पहुंचने पर गेट खोला गया था।
इसी तरह कलियासोत डैम के दो गेट रात को करीब साढ़े आठ बजे खोले गए। उमरिया जिले के जोहिला डैम में भी दो गेट आधे-आधे मीटर तक खोले गए। अचानक हुई बारिश से राजधानी भोपाल के कई इलाकों में पानी भरने की स्थिति बन गई। बाणगंगा चौराहे पर सड़क पर इतना पानी भर गया कि राहगीरों और वाहन चालकों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी।

बीते 24 घंटे में इन जिलों में बारिश
प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान अच्छी बारिश दर्ज की गई। पचमढ़ी में साढ़े तीन इंच पानी बरस गया। भोपाल में 1.7 इंच, सागर में 1.2 इंच, जबकि रायसेन, दमोह, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, नरसिंहपुर, उमरिया, बैतूल, मंडला, नर्मदापुरम और सतना में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई।
प्रदेश में इस साल बारिश की स्थिति
इस साल मानसून 16 जून को मध्यप्रदेश पहुंचा था। इसके बाद से अब तक औसतन 41.4 इंच पानी गिर चुका है, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि तक 33.7 इंच पानी गिरना चाहिए था। यानी अब तक लगभग 7.7 इंच अतिरिक्त वर्षा हो चुकी है। प्रदेश की सामान्य वार्षिक औसत बारिश 37 इंच मानी जाती है, जो पिछले सप्ताह ही पूरी हो चुकी है। इस समय तक 4.4 इंच ज्यादा पानी दर्ज किया जा चुका है।
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इन जिलों में पूरा हुआ वर्षा का कोटा
अब तक प्रदेश के करीब 30 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। इनमें भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया शामिल हैं।
कई जिलों में बारिश का आंकड़ा 150 प्रतिशत से भी अधिक हो गया है। उदाहरण के लिए श्योपुर में अब तक 213 प्रतिशत बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य से दोगुनी से ज्यादा है।
प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों का हाल
जब से मानसून ने प्रवेश किया है, तब से पूर्वी मध्यप्रदेश यानी जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में भारी वर्षा हुई। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़ और उमरिया जैसे जिलों में तो बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। ग्वालियर और चंबल क्षेत्रों में भी जमकर पानी बरसा और वहां के सभी आठ जिलों में कोटे से ज्यादा बारिश दर्ज हुई। इनमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर शामिल हैं।
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सबसे ज्यादा और सबसे कम बारिश यहां
अगर पूरे प्रदेश के आंकड़ों पर नजर डालें तो गुना जिला इस साल अब तक सबसे ज्यादा पानी पाने वाला जिला बना है। यहां कुल 65 इंच बारिश दर्ज की गई है। इसके बाद श्योपुर दूसरे नंबर पर है, जहां 56.3 इंच पानी गिरा। तीसरे नंबर पर मंडला है, जहां 56.2 इंच, चौथे नंबर पर शिवपुरी है, जहां 54.3 इंच और पांचवें नंबर पर अशोकनगर है, जहां 54.1 इंच वर्षा दर्ज की गई।
वहीं सबसे कम बारिश खरगोन जिले में हुई है, जहां सिर्फ 25.7 इंच पानी गिरा है। बुरहानपुर में 25.9 इंच, खंडवा और शाजापुर में 26.8-26.8 इंच और बड़वानी में 26.9 इंच बारिश दर्ज की गई।
15 से फिर एक्टिव होगा नया सिस्टम
मौसम विभाग का कहना है कि 15 सितंबर तक अधिकांश जिलों में मौसम इसी तरह धूप और हल्की-फुल्की बारिश के बीच बना रहेगा। उसके बाद एक नया सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है, जो पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर वर्षा करा सकता है। यह बरसात खरीफ की फसलों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है। किसानों को अभी तक पर्याप्त पानी मिल चुका है और आगे और बारिश से खेती के हालात और बेहतर हो सकते हैं।
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