काम की बात : LPG कनेक्शन के साथ मिलता है 50 लाख रूपये तक का बीमा कवर, कब और कैसे मिलता है क्लेम, देखें पूरी जानकारी

▪️ हरीश चौधरी, इंदौर
LPG Insurance : जब भी कोई ग्राहक LPG गैस कनेक्शन लेता है तो उस गैस कनेक्शन के साथ ग्राहक को 50 लाख रूपये तक का बीमा कवर भी मिलता है। यह कंज्यूमर राइट के अंतर्गत आता है। इस बात की जानकारी हर ग्राहक को होना चाहिए।
देश के लगभग हर घर में आज LPG गैस कनेक्शन मौजूद हैं परन्तु बहुत काम लोगों को गैस कनेक्शन को लेकर उनके अधिकारों की जानकारी होती है। यह अधिकार कंज्यूमर राइट के अंतर्गत आते हैं। वैसे तो यह जानकारी आपको आपके गैस डीलर द्वारा ही बता दी जानी चाहिए परन्तु कई मामलों में आपके गैस डीलर द्वारा यह जानकारी नहीं दी जाती है। इसलिए ग्राहकों को अपने अधिकारों की जानकारी खुद पता करनी चाहिए।
कंज्यूमर राइट के अनुसार LPG गैस कनेक्शन पर ग्राहकों को 50 लाख रूपये तक का बीमा प्रदान किया जाता है। इस बीमा पॉलिसी को LPG इंश्योरेंस कवर कहते हैं। यह कवर LPG गैस सिलेंडर के कारण किसी भी प्रकार की दुर्घटना या हानि होने पर बीमा कवर प्रदान करती है। इसमें जान-माल की हानि को कवर किया जाता है। जब भी आप गैस कनेक्शन लेते हैं वैसे ही यह इंश्योरेंस स्टार्ट हो जाता है।
पॉलिसी की जानकारी | LPG Insurance
जब भी आप LPG गैस सिलेंडर खरीदते हैं तो वैसे ही यह LPG इंश्योरेंस पॉलिसी शुरू हो जाती है। इसलिए आपको हमेशा सिलेंडर एक्सपायरी डेट देख कर ही खरीदना चाहिए। क्योंकि LPG इंश्योरेंस पॉलिसी सिलेंडर की एक्सपायरी डेट से लिंक होती है। आपका 40 लाख रुपए का एक्सीडेंटल बीमा LPG गैस कनेक्शन लेते ही शुरू हो जाता है। इसके साथ ही सिलिंडर फटने से हुई दुर्घटना में किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो उसे 50 लाख रुपये का बीमा क्लेम दिया जा सकता है। इस बीमा कवर के लिए आपको कोई मंथली प्रीमियम नहीं देना होता है।

बीमा का लाभ लेने क्लेम कैसे करें |LPG Insurance
बीमा क्लेम का फायदा लेने से पहले आपको कई बातों का ध्यान रखना होगा। सब से पहले यह जाँच लें कि आपका गैस चूल्हा, पाइप और रेगुलेटर पर आईएसआई (ISI) है या नहीं। साथ ही सिलेंडर और चूल्हा का समय-समय पर चेकअप कराते रहे। अगर कोई दुर्घटना होती है तो आपको 30 दिनों के भीतर अपने डिस्ट्रीब्यूटर और पुलिस स्टेशन में सूचना देनी होगी। पुलिस स्टेशन में दुर्घटना की FIR जरूर करें और उसकी एक कॉपी अपने पास रख ले। FIR कॉपी के साथ हॉस्पिटल का बिल, मेडिकल की रसीद, मृत्यु होने पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डेथ सर्टिफिकेट इन सब डॉक्यूमेंट की जरूत आपको क्लेम के समय पड़ेगी। यह सारे दस्तावेज आपको आपके डिस्ट्रीब्यूटर के आपस जमा करने होते हैं।
क्लेम कहां से मिलता है?
क्लेम के लिए आपका डिस्ट्रीब्यूटर ऑयल कंपनी और इंश्योरेंस कंपनी को सूचना देता है। दुर्घटना होने पर क्लेम का पैसा ऑयल कंपनी (Indian OIL, HPCL, BPCL) और उनकी इंश्योरेंस कंपनी को देना होता है।



