Ustrasana: तनाव कम करने के साथ मांसपेशियां भी मजबूत बनाता हैं ये योगासन
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Ustrasana: शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की फिटनेस को बेहतर बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को रोजाना योग-व्यायाम करने की सलाह देते हैं। योग की आदत बनाकर न सिर्फ शारीरिक निष्क्रियता को कम कर सकते हैं, साथ ही इसे कई तरह की बीमारियों के जोखिम को कम करने वाला भी माना जाता है। उष्ट्रासन योगा (Ustrasana Yoga) आपके शरीर में ऊर्जा का संचार करने के लिए काफी फायदेमंद है।
यह संस्कृत के दो शब्दों से मिलकर बना है, पहला उष्ट्र यानी ऊंट और दूसरा आसन यानी मुद्रा इसलिए इस योगासन को अंग्रेजी में Camel Pose भी कहा जाता है। उष्ट्रासन के अभ्यास से शरीर लचीला बनता है और शरीर का चौथा मुख्य चक्र अनाहत खुलता है। इस चक्र को हृदय चक्र भी कहते हैं। इस आध्यात्मिक चक्र के सक्रिय होने से व्यक्ति की ऊर्जा, चेतना व भावनाओं का विस्तार होता है। उष्ट्रासन से शरीर के तीन हिस्से काफी मजबूत हो जाते हैं, जिनके बारे में नीचे उष्ट्रासन के फायदों में जिक्र किया गया है. उष्ट्रासन योग को करने के आसान स्टेप्स और उसके फायदों के बारे में जानते हैं।
ऐसे करें उष्ट्रासन योग (Ustrasana)
1. आसन को शुरू करने के लिए योग मैट पर घुटनों के बल बैठ जाएं और अपने हाथ अपने हिप्स पर रख लेंं।
2. सुनिश्चित करें कि आपके घुटने और कंधे एक ही लाइन में हों और पैरों के तलवे छत की तरफ रहें।
3. सांस भीतर लें और रीढ़ की निचली हड्डी को आगे की तरफ जाने का दबाव डालें। इस दौरान पूरा दबाव नाभि पर महसूस होना चाहिए।
4. इसे करने के दौरान अपनी कमर को पीछे की तरफ मोड़ें। धीरे से हथेलियों की पकड़ पैरों पर मजबूत बनाएं।
5. अपनी गर्दन को ढीला छोड़ दें। गर्दन पर बिल्कुल भी तनाव न दें।
6. इस आसन को 30 से 60 सेकेंड तक बनाए रखें। इस अवधि के बाद सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आसन को छोड़ दें और पुरानी अवस्था में लौट आएं।
उष्ट्रासन के फायदे
1. उष्ट्रासन का अभ्यास आपके पूरे शरीर को खोलने में मदद करता है।
2. इससे शरीर के तीन हिस्से यानी कंधे, छाती और कमर बहुत मजबूत बनते हैं।
शरीर को लचीला बनाता है।
3. कमर के निचले हिस्से में दर्द की समस्या को कम करता है।
4. उष्ट्रासन थकान, चिंता आदि को दूर करता है।
5. फेफड़ों को खोलने में मदद करता है।
6. मासिक धर्म के दर्द से राहत प्रदान करता है।
7. उष्ट्रासन (camel pose in hindi) के अभ्यास से तनाव व चिंता से भी मुक्ति मिलती हैं
उष्ट्रासन योग में सावधानियां
1. अगर आप गंभीर कमर या पीठ दर्द से जूझ रहे हैं तो इस आसन का अभ्यास न करें।
2. गर्भावस्ता में इस आसन का अभ्यास न करें।
3. गर्दन व कंधे की चोट में भी इस आसन का अभ्यास न करें।
4. रक्तचाप की समस्या में उष्ट्रासन का अभ्यास न करें।
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