UPSC Success Story: ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेगे… तीनों दोस्‍त ने रचा इतिहास, 2 बने IAS और 1 हैं IPS अधिकारी

UPSC Success Story : फिल्म ‘शोले’ का चर्चित गाना तो आपने सुना ही होगा, ‘ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे…’। दोस्ती की कई कहानियां हैं। आज आपको तीन आईएएस-आईपीएस दोस्तों की एक कहानी बताते हैं। तीनों एक साथ रहे, एक साथ पढ़े और एक साथ ही IAS और IPS अफसर बने। ये दोस्त हैं IPS साद मियां खान, IAS विशाल मिश्रा और IAS गौरव विजयराम। तीनों ने साल 2017 में यूपीएससी क्रैक किया था।

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के रहने वाले साद मियां खान ने विशाल मिश्रा के साथ ही बीटेक की डिग्री ली थी। जबकि, आईएएस विशाल मिश्रा उत्तराखंड से हैं। उन्होंने आईआईटी कानपुर से इंजीनियरिंग की है।

जानते हैं IAS अधिकारी विशाल मिश्रा के बारे में

IAS विशाल मिश्रा उत्तराखंड से हैं और उन्होंने कानपुर में साद मियां खान के साथ पढ़ाई की है। वह पेशे से इंजीनियर हैं और उन्होंने आईआईटी कानपुर से एमटेक की डिग्री ली और फिर यूपीएससी की तैयारी शुरू की। यूपीएससी सीएसई 2017 में उन्होंने 49वीं रैंक के साथ परीक्षा पास की थी। जिसके बाद वह आईएएस अधिकारी बन गए।

जानते हैं IAS अधिकारी गौरव विजयराम कुमार के बारे में

गौरव विजयराम कुमार ने साल 2017 में यूपीएससी की परीक्षा पास की थी। जिसमें उन्होंने 34वीं रैंक हासिल की थी। एक इंटररव्यू में जब गौरव कुमार से उनकी तैयारी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “मैं अपने दोस्तों के साथ सभी योजनाओं, मुद्दों और प्रश्नों पर चर्चा करता था। उन्होंने मुझे बेहतर रणनीति बनाने में मेरी काफी मदद की” बता दें, गौरव ने चौथे प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा पास की थी।

साद मियां के बारे में जानें

साद मियां खान ने साल 2013 में यूपीएससी की परीक्षा पहली बार दी थी। जिसमें वह असफल रहें। इसके बाद वह चार बार यूपीएससी सीएसई में उपस्थित और साल 2017 में अपने पांचवें प्रयास में सफल हुए। जिसमें उन्होंने 25वीं रैंक हासिल की थी। यूपीएससी में इतनी अच्छी रैंक होने के बाद भी साद IAS की बजाय IPS का पद चुना।

UPSC Success Story: ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेगे... तीनों दोस्‍त ने रचा इतिहास, 2 बने IAS और 1 हैं IPS अधिकारी
Credit – Social Media

कई बार हुए असफल (UPSC Success Story)

साद और विशाल मिश्रा साल ग्रेजुएशन के बाद यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली चले आए। जहां इन दोनों की मुलाकात गौरव विजयराम से हुई, जिसके बाद ये तीनों अच्छे दोस्त बन गए। तीनों ने दिल्ली में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी एक साथ शुरू कर दी। हालांकि, इन तीनो दोस्तों ने पहले भी यूपीएससी के एग्जाम दिए, लेकिन कामयाब नहीं हो सके। फिर तीनों ने लगकर एकसाथ मेहनत की और नतीजों ने किसी को भी निराश नहीं होने दिया।

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दोस्तों के साथ मिलकर करते थे किसी भी मुद्दे पर चर्चा (UPSC Success Story)

दिल्ली में तीनों ने यूपीएससी सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू कर दी थी। साद मियां खान ने साल 2013 में यूपीएससी की परीक्षा पहली बार दी थी, जिसमें वह असफल रहें। इसके बाद वह चार बार यूपीएससी सीएसई में उपस्थित हुऐ और पांचवें प्रयास में सफल हुए। जिसमें उन्होंने 25वीं रैंक आई।

यूपीएससी में इतनी अच्छी रैंक होने के बाद भी साद IAS की बजाय IPS का पद चुना। वहीं गौरव विजयराम कुमार ने साल 2017 में यूपीएससी की परीक्षा पास की थी, उन्होंने 34वीं रैंक हासिल की थी।गौरव ने एग्जाम की तैयारी को लेकर बताया कि मैं अपने दोस्तों के साथ सभी योजनाओं, मुद्दों और प्रश्नों पर चर्चा करता था। उन्होंने मुझे बेहतर रणनीति बनाने में मेरी काफी मदद की।

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