प्रतिभा: छोटे से ढाने में जन्मी और पढ़ी, चुनालोहमा में ब्याही और अब पाई यह बड़ी कामयाबी

बैतूल के भीमपुर विकासखंड के ग्राम चुनालोहमा की प्रमिला गोहे ने यूजीसी नेट परीक्षा में सफलता हासिल की है। इसके साथ ही गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय ने एमए (हिन्दी) में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने पर प्रमिला को गोल्ड मेडल के लिए भी नामांकित किया गया है। आदिवासी बहुल ब्लॉक के छोटे से गांव में जन्मी प्रमिला की इस बड़ी उपलब्धि से ग्रामवासी भी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
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प्रमिला का जन्म और पालन-पोषण के साथ ही प्रारंभिक शिक्षा खामापुर (थाना ढाना) में हुई है। उनका विवाह चुनालोहमा निवासी और गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर छत्तीसगढ़ में हिन्दी विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रमेश कुमार गोहे से हुआ। प्रमिला गोहे वर्तमान में हिन्दी विभाग, गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर छत्तीसगढ़ में डॉ. गौरी त्रिपाठी सह प्राध्यापक के निर्देशन में शोध कार्य कर रही हैं।
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प्रमिला ने बताया कि घर में शैक्षिक वातावरण के चलते ही उन्होंने अग्रिम पंक्ति में रहने का निरंतर प्रयास किया है। प्रतियोगिता भावना और कठोर परिश्रम के प्रतिफल में यह सफलता मिली है। इस सफलता पर उन्हें माता-पिता विमला-गेंदु पुवारे, सास-ससुर रैना देवी-अमृतलाल गोहे, जेठ डॉ. सुरेश गोहे (दिल्ली), देवर बाकेबिहारी गोहे, भाई शिव पुवारे, सुरेश पुवारे (शोधार्थी बीएचयू), मुकेश पुवारे (शोधार्थी डीयू) ने बधाई प्रेषित की है।
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