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Gehu ki Top Variety: जानिए गेहूं की सबसे अधिक उपज देनी वाली किस्‍म के बारे में और किस तरह करें खेती

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Gehu ki Top Variety: गेहूं की ये उन्‍नत किस्‍म से मिलेगी बंपर पैदावार, जानें इसकी खासियतGehu ki Top Variety: समय के साथ-साथ खेती करने का तरीका और खेतों में लगाई जाने वाली किस्में बदलती जा रही है और यह फसलों की किस्में किसानों की किस्मत बदल रही है। आज हम आपको गेहूं की एक ऐसी किस्म की बारे में बता रहे हैं, जिसके बारे में जानने के बाद किसान झूम उठेंगे, क्योंकि यह अन्नदाता पर पैसों की बरसात करने वाली खेती की तरह है। दरअसल, भारतीय गेहूं अनुसंधान संस्थान करनाल के वैज्ञानिकों ने असंभव को संभव कर दिखाया है। गेहूं की ऐसी किस्म तैयार की है, जो किसानों की किस्मत बदल देगी।

गेहूं की ये किस्म बदल देगी किसानों की किस्मत

गेहूं की किस्म DBW 327 आईसीएआर-भारतीय गेहूं और जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल द्वारा विकसित एक नई सर्वश्रेष्ठ उपज देने वाली गेहूं की किस्म है। मुख्य रूप से गेहूं की व DBW 327 (करण ऐश्वर्या) भारत देश के उत्तर-पश्चिमी मैदानों के लिए जारी की गई है। उत्तर पश्चिमी मैदानों में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान (कोटा और उदयपुर डिवीजनों को छोड़कर), पश्चिमी उत्तर प्रदेश (झांसी डिवीजन को छोड़कर), जम्मू और कश्मीर के कुछ हिस्सों (जम्मू और कठुआ जिला), हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों (ऊना जिला और पांवटा घाटी) उत्तराखंड (तराई क्षेत्र) शामिल हैं। गेहूं की नई किस्म डीबीडब्ल्यू 327 से किसानों की किस्मत बदलेगी।

गेहूं की डीबीडब्ल्यू 327 किस्म (Gehu ki Top Variety)

गेहूं की इस किस्म नाम डीबीडब्ल्यू 327 (DBW 327) है। गेहूं की यह किस्म आईसीएआर-आईआईडब्ल्यूबीआर (ICAR-IIWBR) करनाल के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित की गई है। गेहूं की यह किस्म वैज्ञानिकों के अनुसार बहुत अच्छी मानी जा रही है। यह किस्म पैदावर के लिए भी अच्छी है, साथ ही सेहत के लिए भी काफी लाभदायक मानी जा रही है। आइए गेहूं की इस किस्म की खासियत के बारे में जानते हैं।

डीबीडब्ल्यू 327 किस्म की बुवाई का समय

गेहूं की अच्छी उपज के लिए जरुरी है उसकी बुवाई, गुड़ाई और निराई का कार्य अच्छी तरह किया जाए। अगर किसान भाई इस किस्म की खेती करना चाहते हैं, तो 25 अक्टूबर से 5 नवम्बर के बीच का समय उचित माना जाता है।

डीबीडब्ल्यू 327 किस्म की पैदावार

गेहूं की यह किस्म किसानों के लिए अधिक फलदायी है। इस किस्म की सबसे बड़ी खासियत है कि यह किस्म 79.4 क्विंटल/हेक्टेयर उतपादन देती है।

डीबीडब्ल्यू 327 किस्म की सिंचाई का समय

गेहूं की इस किस्म सिंचाई की बात करें, तो पहली सिंचाई 20 से 25 दिन में करना है, तो वहीं दूसरी सिंचाई की प्रक्रिया 20 दिन के अंतराल में करनी चाहिए

जानिए क्यों है इतनी खास

गेहूं की इस डीबीडब्ल्यू 327 किस्म को सबसे ज्यादा पसंद कर रहे किसान, अगर आप गेहूं की खेती (Wheat Farming) करना कहते हैं तो आप इस किस्म की खेती कर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं जिससे आपकी मोटी कमाई होगी।

डीबीडब्ल्यू 327 किस्म के लिए क्षेत्र (Area For Variety DBW 327)

कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार गेहूं की यह किस्म की खेती पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान जैसे क्षेत्रों के लिए उचित मानी जा रही है। इसके अलवा यह पश्चिमी यूपी, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश जैसे क्षेत्रों के लिए भी उचित मानी जा रही है।

रोग प्रतिरोधी किस्‍म (Gehu ki Top Variety)

DBW 327 प्राकृतिक और कृत्रिम परिस्थितियों में स्ट्राइप और लीफ रस्ट के लिए अत्यधिक प्रतिरोधी है। इसने स्ट्राइप रस्ट की प्रमुख जातियों के विरुद्ध प्रतिरोध भी प्रदर्शित किया है। इस किस्म ने करनाल बंट के खिलाफ बेहतर प्रतिरोध दिखाया है।

DBW 327 गेहूं की खाशियत (DBW 327 Variety Features)

  • गेहूं की इस किस्म का औसत उत्पादन 79.4 क्विंटल से लेकर 87.7 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक रहेगा।
  • यह किस्म सूखे के प्रति सहनशील है, उच्च तापमान में भी उच्छा उत्पादन देती है।
  • गेहूं की इस खास किस्म में बुवाई के 98 दिनों में बालियां निकल जाती है।
  • DBW 327 गेहूं के पौधों कि ऊंचाई 98 सेमी है। गेहूं का आकार पतला और नुकीला होता है।
  • DBW 327 गेहूं के 1000 दानों का वजन 48 ग्राम होता है।
  • गेहूं की यह खास किस्म बुवाई के 155 दिनों बाद पककर तैयार हो जाती है।
  • डीबीडब्ल्यू-327- ये किस्म चपाती के लिए अच्छी मानी गई है। इस किस्म में आयरन की मात्रा 39.4 पीपीएम तथा जिंक की मात्रा 40.6 पीपीएम है। साथ ही यह अधिक उपज देने वाली गेहूं की क़िस्म है।
  • इस किस्म में जिंक (40.6pm) और आयरन (39.4ppm) और प्रोटीन 11.9% पाया जाता है। गेहूं की यह किस्म प्राकृतिक रूप से शुष्क परिस्थितियों के अनुकूल मानी जा रही है।

उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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