wheat rates : बाजार और मंडी में मिल रहे गेहूं के ज्यादा रेट, समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का शायद ही पूरा हो टारगेट

बैतूल जिले में सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी चार अप्रैल से की जाएगी। इसके पहले ही मंडी में गेहूं की लगातार बंपर आवक होने के साथ ही समर्थन मूल्य से अधिक दाम भी किसानों को मिल रहे हैं। इससे समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी लक्ष्य तक पहुंच पाएगी या नहीं इसे लेकर संदेह हो रहा है।
सोमवार को बडोरा स्थित कृषि उपज मंडी में 17 हजार 111 बोरा गेहूं की आवक हुई। उस दिन गेहूं की खरीदी व्यापारियों के द्वारा 2110 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की गई है। इसके बाद मंगलवार को 10 हजार 418 बोरे गेहूं की आवक हुई। इस दिन 2155 रुपए प्रति क्विंटल तक गेहूं खरीदा गया। जबकि सरकार द्वारा गेहूं का समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। इस बार राज्य सरकार ने बोनस की घोषणा नहीं की है।
2015 रुपये समर्थन मूल्य पर सरकार ने शर्त भी लगाई है कि गेहूं का छन्ना करवाकर गेहूं खरीदेगी। एक क्विंटल गेहूं की छनाई पर किसान को 20 रुपये खर्च आता है जिससे उसकी उपज का उसे 1995 रुपए ही मिलेगा। इसके अलावा समर्थन मूल्य पर बेचने में भुगतान भी एक सप्ताह के भीतर होता है। ऐसे में समर्थन मूल्य से जब ज्यादा कीमत खुले बाजार में मिल रही है तो किसान को वहां बेचने में ही ज्यादा फायदा है। जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए इस साल 40 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है।
अनाज व्यापारी प्रमोद अग्रवाल ने बताया कि बैतूल से गेहूं दक्षिण भारत भेजा जा रहा है। अगर रूस-यूक्रेन युद्ध जारी रहा तो अन्य देशों में गेहूं का संकट आ सकता है। इसे देखते हुए बड़ी मात्रा में गेहूं की खरीदी ऊंचे दामों पर की जा रही है। निर्यात के लिए सरकार द्वारा दिए जा रहे प्रोत्साहन से भी व्यापारियों को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि समर्थन मूल्य पर खरीदी प्रारंभ होने के बाद भी मंडी में गेहूं के दामों में गिरावट आने की कोई संभावना नहीं है।



