मासूम भांजी से किया था दुष्कर्म: मिली 20 साल सश्रम कारावास की सजा

एक मात्र 8 साल की मासूम बालिका से उसी के रिश्ते के मामा ने दुष्कर्म किया था। इस आरोपी को अनन्य विशेष न्यायाधीश बैतूल ने 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। शासन की ओर से जिला अभियोजन अधिकारी/विशेष लोक अभियोजक एसपी वर्मा एवं विशेष लोक अभियोजक ओमप्रकाश सूर्यवंशी के द्वारा पैरवी की गई। प्रकरण चिन्हित जघन्य एवं सनसनीखेज प्रकरण की सूची में था।
अवैध सागौन रखने वाले आरोपी को एक साल का सश्रम कारावास और 5000 रुपये जुर्माना
जानकारी के अनुसार 7 नवंबर 2018 को पीड़िता की मां ने थाना शाहपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 6 नवंबर 2018 को वह मजदूरी से लौटकर गांव आने के लिये भौंरा बस स्टैण्ड पर उतरी थी। उसके पति घर पर पीड़िता एवं पुत्र को छोड़कर मोटर सायकल से फरियादिया को लेने भौंरा आये थे। वे बाजार करके शाम 4.30 बजे घर पहुंचे। घर पहुंचे तो विधि का उल्लंघन करने वाला बालक जो फरियादिया का चचेरा भाई लगता है एवं पीड़िता का मामा लगता है, उनके घर से निकल कर भागते दिखा। उसके पीछे फरियादिया की जेठानी चिल्लाते हुये भागते आ रही थी। तभी बालक मोटर सायकल से भाग गया।
चाकू की नोंक पर किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल का कठोर कारावास
फरियादी की जेठानी ने फरियादी और उसके पति को बताया कि वह अपने घर पर काम कर रही थी। तभी पीड़िता के जोर-जोर से चीखने चिल्लाने की आवाज आने पर उसने पीड़िता के घर जाकर देखा तो विधि का उल्लंघन करने वाला बालक पीड़िता के साथ बलात्कार कर रहा था। पीड़िता से पूछने पर उसने बताया कि उसके पिता के भौंरा जाने के बाद बालक मोटर सायकल से उसके घर आया था और मोटर सायकल की चाभी पीड़िता के भाई को देकर बाहर खेलने जाने का कहकर उसके छोटे भाई को घर से बाहर भिजवा दिया था। इसके बाद बालक ने घर में पीड़िता को रसोई वाले कमरे में ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया।
पीड़िता रोने एवं चिल्लाने लगी तो उतने में फरियादिया की जेठानी पीड़िता के पास आ गई और बालक को एक तरफ हटा दिया। इसके बाद बालक वहां से भाग गया। पीड़िता की माता की शिकायत के आधार पर पुलिस थाना शाहपुर के द्वारा बालक के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पुलिस थाना शाहपुर द्वारा अनुसंधान उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। न्यायालय में अभियोजन द्वारा सशक्त पैरवी करते हुये अपना मामला युक्ति युक्त संदेह से परे प्रमाणित किया।
पीड़िता को मिलेगी एक लाख की राशि
न्यायालय ने बालक को दोषसिद्ध करने के साथ मध्यप्रदेश पीड़ित प्रतिकर योजना के अंतर्गत 100000 रुपये की राशि पीड़िता को प्रदान किये जाने हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बैतूल को लेख किया है।



