महिला कर्मचारियों का लैंगिक उत्पीड़न करने वाले जिला पंचायत के तकनीकी विशेषज्ञ को 3 माह का कठोर कारावास

विशेष न्यायालय (एट्रोसिटी एक्ट) बैतूल ने शनिवार को सुनाया महत्वपूर्ण फैसला

  • उत्तम मालवीय, बैतूल © 9425003881

    विशेष न्यायालय (एट्रोसिटी एक्ट) बैतूल ने जिला पंचायत बैतूल के अधीन जल गृहण मिशन में टीम मेम्बर के पद पर कार्यरत महिला कर्मचारियों का लैंगिक उत्पीड़न करने वाले आरोपी शोहराब रिजवान वल्द अब्बास अहमद खान (47) निवासी हीरापुर, जिला बालाघाट को धारा 354 (घ) (1) (i) के अपराध का दोषी पाते हुये तीन माह के कठोर कारावास एवं 500 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक शशिकांत नागले द्वारा पैरवी की गयी। प्रकरण की पैरवी में एडीपीओ अमित कुमार राय एवं अभय सिंह ठाकुर द्वारा सहयोग प्रदान किया गया। लिखित तर्क में अधिवक्ता श्री भूमरकर की भूमिका रही है।

    विशेष लोक अभियोजक शशिकांत नागले ने बताया कि जिला पंचायत बैतूल के अधीनस्थ जल ग्रहण मिशन के अंतर्गत टीम मेम्बर के रूप में कार्यरत दो महिला कर्मचारियों ने जिला पंचायत बैतूल में इस आशय का आवेदन पत्र आरोपी के विरूद्ध प्रस्तुत किया कि आरोपी आईडब्ल्यूएमपी जिला पंचायत बैतूल में तकनीकी विशेषज्ञ के पद पर पदस्थ है और सभी परियोजनाओं का काम देखता है। पीड़िताओं ने अपने आवेदन में लेख किया कि आरोपी उनको बुरी नियत से छेड़छाड़ कर, अभद्र टिप्पणी कर एवं मोबाईल पर अश्लील मैसेज कर बार-बार लैंगिक उत्पीड़न कर परेशान कर रहा है। पीड़िताओं की शिकायत पर जिला पंचायत बैतूल द्वारा एक जांच समिति गठित की गयी।

    जांच समिति ने अपनी जांच में महिला कर्मचारियों द्वारा लगाये गये आरोपों को सही होना पाया एवं जांच समिति की अध्यक्ष के द्वारा आरोपी के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट लेख किये जाने हेतु पुलिस अधीक्षक बैतूल को पत्र लेख किया गया। इसके आधार पर पुलिस थाना कोतवाली बैतूल में घटना की प्रथम सूचना रिपोर्ट पुलिस थाना कोतवाली बैतूल में लेख की गयी। पुलिस के द्वारा आवश्यक अनुसंधान उपरांत अभियोग पत्र आरोपी के विरुद्ध न्यायालय के समक्ष विचारण हेतु प्रस्तुत किया। विचारण में विशेष लोक अभियोजक ने मेहनत एवं लगन से अपना मामला संदेह से परे प्रमाणित किया, जिसके आधार पर न्यायालय द्वारा आरोप को दण्डित किया गया।

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