Coal India BONUS 2022: कोल इंडिया कर्मियों की बल्ले-बल्ले, दिवाली पर मिलेगा 76,500 रुपए बोनस, रांची में हुई बैठक में लिया गया निर्णय

Coal India BONUS 2022: कोल इंडिया के 2.28 लाख कर्मियों के परफॉर्मेंस लिंक्ड रिवार्ड (पीएलआर बोनस) पर फैसला हो गया है । एटक कोल फेडरेशन (AITUC Coal Federation) के पदाधिकारी सह पूर्व जेबीसीसीआई सदस्य कॉमरेड कृष्णा मोदी ने बताया की इस वर्ष कर्मियों को 76,500 रुपए बोनस के रूप में मिलेगा । पिछले वर्ष 72,500 रुपए मिला था। कोल इंडिया की सभी अनुषंगी कंपनियों के कर्मियों को 1 अक्टूबर तक राशि का भुगतान हो जायगा।
बुधवार को रांची सीएमपीडीआई में कोल इंडिया (Coal India) और चारों ट्रेड यूनियनों के साथ बोनस को लेकर बैठक हुई। बैठक की शुरुवात में प्रबंध ने सबसे पहले 64,500 रुपए का प्रस्ताव दिया। जिसे यूनियनों ने खारिज करते हुए एक लाख की मांग की। बहुत उतार-चढ़ाव के बाद दोनों पक्षों ने 76,500 पर सहमति जताई। इससे पहले यूनियन प्रतिनिधियों ने उत्पादन में अधिक लाभ, श्रम शक्ति में कमी की दलील देते हुए कम से कम 80,000 बोनस की मांग की थी।
कब कितना बोनस मिला
कोलकर्मियों को वर्ष 2014-15 में 48,500 रुपए, वर्ष 2015-16 में 54,000 रुपए, वर्ष 2016-17 में 57,000 रुपए, वर्ष 2017-18 में 60,500 रुपए, वर्ष 2018-19 में 64,700 रुपए, वर्ष 2019-20 में 68,500 रुपए और वर्ष 2020-21 में 72,500 रुपए बोनस दिया गया था।

कोल इंडिया लिमिटेड का परिचय…
कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) राज्य के स्वामित्व वाली कोयला खनन निगम नवंबर, 1975 को अस्तित्व में आया । अपनी स्थापना के वर्ष में 79 मिलियन टन (एमटी) का साधारण उत्पादन करने वाला कोल इण्डिया लिमिटेड आज दुनिया का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक तथा 2,48,550 (1 अप्रैल, 2022 के अनुसार) की जनशक्ति के साथ सबसे बड़े कॉर्पोरेट नियोक्ता में से एक है। भारत के आठ (8) राज्यों में फैला सीआईएल, अपनी अनुषंगी कंपनियों के 84 खनन क्षेत्रों में माध्यम से प्रचालनरत है । कोल इंडिया लिमिटेड की 318 खदानें (1 अप्रैल, 2022 के अनुसार), जिनमें से 141 भूमिगत, 158 खुली खदानें और 19 मिश्रित खदानें हैं तथा सीआईएल अन्य संस्थान यथा- कार्यशालाएं, प्रशिक्षण केंद्र, अस्पतालों आदि का भी संचालन करता हैं। सीआईएल के 21 प्रशिक्षण संस्थान और 76 व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र भी हैं। भारतीय कोयला प्रबंधन संस्थान (आईआईसीएम) अत्याधुनिक प्रबंधन प्रशिक्षण का एक सर्वोत्कृष्ट केंद्र है, जो भारत का सबसे बड़ा कॉर्पोरेट प्रशिक्षण संस्थान है तथा सीआईएल के अधीन संचालित है, जो विभिन्न विषयों पर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन करता है।
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सीआईएल एक महारत्न कंपनी
राज्य के स्वामित्व वाले उद्यमों का परिचालन विस्तार एवं वैश्विक दिग्गज के रूप में उभरने हेतु भारत सरकार द्वारा विशेषाधिकार प्राप्त निकाय है। यह देश के तीन सौ से अधिक केंद्रीय सार्वजनिक उद्यमों की श्रेणी में शामिल कुछ चुनिंदा दस उद्धमों मे से एक है ।
सीआईएल की पूर्ण स्वामित्व वाली दस भारतीय अनुषंगी कंपनियां, जिसमें ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल), भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल), सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल), वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल), साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल), नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल), महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल), सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (सीएमपीडीआईएल), गैर-पारंपरिक/स्वच्छ और नवकरणीय ऊर्जा के विकास के लिए सीआईएल नवरणीय ऊर्जा लिमिटेड तथा सौर फोटोवोल्टिक मॉड्यूल के विकास के लिए सीआईएल सोलर पीवी लिमिटेड कार्यरत है ।
- इसके अलावा, सीआईएल की मोजाम्बिक में एक विदेशी अनुषंगी कंपनी, कोल इंडिया अफ्रीकाना लिमिटाडा (सीआईएएल) है।
- इसके अलावा सीआईएल की चार और संयुक्त उद्यम कंपनियां – हिंदुस्तान उर्वरक और रसायन लिमिटेड, तालचेर फर्टिलाइजर्स लिमिटेड, सीआईएल एनटीपीसी ऊर्जा प्राइवेट लिमिटेड तथा कोल लिग्नाइट ऊर्जा विकास प्राइवेट लिमिटेड है ।
- असम की खदानों अर्थात नॉर्थ ईस्टर्न कोलफील्ड्स (एनईसी) का प्रबंधन प्रत्यक्ष रुप से सीआईएल द्वारा किया जाता है।
- कोल इंडिया लिमिटेड की अनुषंगी कंपनी महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड की चार (4) अनुषंगी कंपनियां, एसईसीएल की दो (2) अनुषंगी कंपनियां तथा सीसीएल की एक (1) अनुषंगी कंपनी है।

CIL उत्पादन और विकास
सीआईएल ने 4.4% की वृद्धि दर्ज करते हुए 622.63 मिलियन टन का अब तक का सर्वश्रेष्ठ उत्पादन आंकड़े, 15.2% की क्रमिक वृद्धि दर्ज करते हुए 661.9 मिलियन टन का अब तक का उच्चतम उठाव तथा 1.6% की वृद्धि दर्ज करते हुए 1366 एमसीयूएम का अब तक का उच्चतम अधिभार निकासी (ओबीआर) के कीर्तिमान के साथ वर्षांत किया है ।
एमसीएल 150 मिलियन टन कोयला उत्पादक कंपनियों के विशेष क्लब में शामिल होने वाली सीआईएल की दूसरी अनुषंगी कंपनी बनी । बीसीसीएल, एनसीएल और एमसीएल ने विगत वर्ष की तुलना में क्रमशः 24%, 6% और 14% की वृद्धि के साथ वित्त वर्ष 22 के अपने-अपने उत्पादन लक्ष्य हासिल किए है ।
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2021-22 के दौरान कोयला और कोयला उत्पादों का प्रेषण 662.566 मिलियन टन रहा है तथा बिजली उपयोगिताओं (विशेष फॉरवर्ड ई-नीलामी सहित) को प्रेषण 540.571 मिलियन टन हुआ है। बिजली घरों में कुल कोयला स्टॉक 25.627 मिलियन टन (28 दिन) 31.3.2022 तक रहा है ।

CIL परियोजनाएं
915.36 मिलियन टन की वार्षिक क्षमता वाली 116 खनन परियोजनाएं चालू हैं, जिन्होंने वर्ष 2021-22 में 456.28 मिलियन टन का उत्पादन किया है । इसके अलावा, 379.25 मिलियन टन की वार्षिक क्षमता वाली 161 पूर्ण खनन परियोजनाएं हैं।
वित्त वर्ष 20-21 और वित्त वर्ष 21-22 में 52 नई खनन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। वित्त वर्ष 2024-25 तक सीआईएल के कुल कोयला उत्पादन को बढ़ाकर 1 बिलियन टन करने के लक्ष्य के अंतर्गत इन परियोजनाओं से वित्त वर्ष 24-25 में 102 मिलियन टन अतिरिक्त उत्पादन प्राप्त करने की उम्मीद है।



