chital hunt : चीतल का शिकार करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, ससुर के पास रखी थी भरमार बंदूक की नाल
♦ उत्तम मालवीय, बैतूल
chital hunt : बैतूल जिले की तावड़ी रेंज में 5 मार्च को वन्य प्राणी चीतल का शिकार किया गया था। इस मामले में वन विभाग ने अब ढाई महीने बाद 2 आरोपियों को गिरफ्तारी किया है। आरोपियों के पास से अवैध भरमार बंदूक भी बरामद की गई है।
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार तावड़़ी वन परिक्षेत्र अंतर्गत वन्य प्राणी चीतल का शिकार मार्च महीने में किया गया था। शिकार में लिप्त अपराधियों को पकड़ने हेतु वन मंडल अधिकारी (पश्चिम) बैतूल वरुण यादव तथा उप वन मंडल अधिकारी तावड़ी के निर्देशानुसार वन परिक्षेत्र अधिकारी तावड़ी अतुल भोयर द्वारा दल गठित किया गया था।
इस दल ने 19 मई को ग्राम गदाखार पहुंचकर प्रकरण में पूछताछ के लिए मुन्ना उइके निवासी गदाखार और दिनेश पिता संतूलाल निवासी गदाखार को परिक्षेत्र कार्यालय तावड़ी मुख्यालय पर लाया। आरोपियों की निशानदेही पर शिकार में उपयोग की गई भरमार बंदूक की नाल उसके ससुर के घर से जब्त की गई।
आरोपियों की उपस्थिति में अभियोजन साक्ष्य के बयान तथा अपराधी के बयान वन मंडल अधिकारी तावड़ी की उपस्थिति में दर्ज किए गए। पूछताछ के दौरान मुन्ना उइके द्वारा वन्य प्राणी चीतल का शिकार करना कबूल किया गया। इसके अतिरिक्त प्रकरण में दिनेश पिता संतूलाल ने शिकार में मुन्ना को सहयोग देना स्वीकार किया।
जंगली सुअर के शिकार मामले में फरार 5 आरोपी भी गिरफ्तार
पुख्ता आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करके प्रकरण की विवेचना की गई। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जहां से उन्हें जेल भिजवा दिया गया। दोनों आरोपियों पर वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम की धारा 2, 9, 39, 51 तथा 52 के तहत मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
इन वन कर्मियों का रहा विशेष सहयोग
प्रकरण की जांच में अतुल भोयर वन परिक्षेत्र अधिकारी तावड़ी, मनमोहन सिंह परते परिक्षेत्र सहायक पाट, जोगीलाल उइके, सूरतराम सरयाम, सुनील पंडोले, सुखदेव मेश्राम, महेश वाड़िवा, विवेक तिवारी, गरासया डावर, आवेश खान, सुरेंद्र डढोरे, धर्मेंद्र बिलवार, सौम्य धुर्वे का विशेष सहयोग रहा।



