Madhya Pradesh Rain Alert: मध्यप्रदेश में कई जिलों में बारिश का अलर्ट, एक्टिव है 4 सिस्टम
Madhya Pradesh Rain Alert: मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई का समय नजदीक है, लेकिन बारिश का सिलसिला अभी थमा नहीं है। प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर अगले चार दिन तक जारी रहने की संभावना है। शुक्रवार को भोपाल, इंदौर, जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग के जिलों में बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं वर्षा भी हो सकती है।
चार सिस्टम कर रहे असर
मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में बने 4 मौसमीय तंत्र प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर रहे हैं। पूर्वी बिहार और उसके आसपास हवा के ऊपरी हिस्से में चक्रवात बना हुआ है। इसी तरह मराठवाड़ा क्षेत्र पर भी ऊपरी हवा का चक्रवात सक्रिय है। इसके अलावा दक्षिणी उत्तर प्रदेश से लेकर अन्य इलाकों तक द्रोणिका खिंचाव बनी हुई है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी आने के कारण प्रदेश के कई जिलों में बारिश हो रही है।

अगले चार दिन तक बरसात का दौर
मौसम विभाग ने कहा कि फिलहाल प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। हालांकि हल्की से मध्यम वर्षा का क्रम चार दिन तक चलता रहेगा। गुरुवार को दो अलग-अलग टर्फ और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन की सक्रियता के कारण कुछ जिलों में तेज बारिश हुई थी। शुक्रवार को यह सिस्टम कमजोर पड़ने की संभावना है, जिससे तेज बरसात थम सकती है।
विदाई की ओर मानसून
प्रदेश में अब मानसून धीरे-धीरे लौटने लगा है। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि राजस्थान के आधे हिस्से से मानसून की वापसी हो चुकी है। गुजरात, पंजाब और हरियाणा के कई जिलों से भी मानसून लौट चुका है। गुरुवार को भी उत्तर भारत के कुछ इलाकों से मानसून की विदाई दर्ज की गई। यदि यही रफ्तार रही तो आने वाले दिनों में मध्यप्रदेश के कई जिलों से भी मानसून लौटने की स्थिति बन सकती है।

एक और दौर की संभावना
वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की विदाई के पहले प्रदेश में एक और दौर तेज बारिश का आ सकता है। यह दौर पूरे प्रदेश को प्रभावित कर सकता है। हालांकि फिलहाल इसकी संभावना कम है और अगले कुछ दिनों में हल्की बरसात ही देखने को मिलेगी।
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पिछले 24 घंटे में कई जिलों में बरसात
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में बारिश दर्ज की गई है। कहीं हल्की बौछारें पड़ीं तो कहीं मध्यम दर्जे की वर्षा हुई। किसानों के लिए यह बरसात फायदेमंद मानी जा रही है क्योंकि खरीफ फसलों की बढ़वार के लिए नमी की जरूरत थी। वहीं कुछ स्थानों पर लगातार हुई बारिश से खेतों में पानी भर गया है, जिससे कटाई की तैयारियों पर असर पड़ सकता है।
अब तक सामान्य से ज्यादा पानी
इस साल प्रदेश में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। आंकड़ों के मुताबिक अब तक औसतन 43.2 इंच बारिश हो चुकी है जबकि इस अवधि तक सामान्यत: 35.8 इंच पानी गिरना चाहिए था। यानी प्रदेश में करीब 7.4 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है।
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औसत कोटा पहले ही पूरा
मध्यप्रदेश की सामान्य औसत बारिश करीब 37 इंच है। यह कोटा इस बार पिछले सप्ताह ही पूरा हो गया था। इसका मतलब है कि राज्य में मानसून ने अपनी जिम्मेदारी निभाई है और किसान पानी की कमी की चिंता से काफी हद तक मुक्त हो गए हैं।
इन जिलों में कम बरसात
हालांकि पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश हुई है, लेकिन कुछ जिलों की स्थिति संतोषजनक नहीं है। इंदौर और उज्जैन संभाग को अब तक सबसे कम पानी मिला है। बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन और शाजापुर उन पांच जिलों में शामिल हैं जहां सबसे कम वर्षा दर्ज की गई है। यहां औसत से कम पानी गिरा है, जिसकी वजह से फसलों पर असर पड़ सकता है।
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