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MP Mandi News : अब सीधे ट्रॉली से ही नीलाम होगी किसानों की उपज, ढेर लगाने की नहीं होगी जरूरत, किसानों को होगा फायदा

मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में किसानों को ज्यादा से ज्यादा फायदा दिलाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। पहले यहां पर जिस दिन उपज बेची, उसी दिन भुगतान सुनिश्चित करने के लिए शिकायत निवारण प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। अब एक और नई व्यवस्था किसानों के हित में लागू की गई है। इसमें अब किसानों को उनके द्वारा लाई जाने वाली उपज का मंडी परिसर में ढेर नहीं लगाना होगा। उनकी उपज को ट्रॉली से ही नीलाम कर दिया जाएगा। इससे किसानों को बहुत आसानी होगी।

अभी तक होता यह है कि किसान मंडी में अपनी उपज लाता है। यहां पर वह अपनी उपज का ढेर लगाता है। इसके बाद व्यापारी और मंडी कर्मचारी हर ढेर पर पहुंचते हैं और बोली लगाते हैं। इस बीच यदि अचानक बारिश हो गई तो किसान की उपज खराब हो जाती है। पूरी मेहनत के बावजूद उसे उपज के वाजिब दाम नहीं मिल पाते, क्योंकि अचानक मौसम बदलने पर किसान अपनी उपज को सुरक्षित नहीं कर पाते। उसके पास न तो इतना समय होता है और ना ही संसाधन होते हैं।

वर्तमान व्यवस्था के कारण मंडी परिसर भी हमेशा खचाखच भरा होता है। सभी तरफ किसानों का अनाज रखा होता है। यही नहीं, उपज की बोली लग जाने और नीलाम हो जाने के बाद भी वह घंटों तक वहीं रखा रहता है। उसकी तौलाई और पैकिंग में खासा समय लगता है। इससे किसान के साथ ही मंडी के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी व्यवस्था बनाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इधर किसानों को भी उपज लेने के बाद उसे वाहन से उतारने के लिए हम्मालों की मदद लेना होता है। इसमें भी उन्हें काफी खर्च करना पड़ता है। अब इन सबकी जरूरत नहीं पड़ेगी।

अब कृषि उपज मंडी बैतूल (krishi upaj mandi betul) में भी ट्राली सिस्टम (trolly system) से नीलामी एवं तौल करने का निर्णय लिया गया है। मंडी समिति बैतूल के सचिव एसके भालेकर ने बताया कि कृषकों की सुविधा के दृष्टिगत सोमवार 26 सितंबर से मंडी प्रांगण में कृषि उपज को खुली ट्राली/वाहन (ट्राली सिस्टम) से ही नीलामी एवं तौल कार्य की व्यवस्था की गई है। कृषकों से अपील की गई है कि वे मंडी प्रांगण में अपनी खुली कृषि उपज को ट्राली/वाहन के माध्यम से विक्रय हेतु लेकर आएं, ताकि शीघ्र नीलामी एवं तौल कार्य पूर्ण किया जा सके।

नई व्यवस्था के लागू होने पर किसानों की उपज ट्रॉली में ही रहेगी। इसी ट्रॉली में व्यापारी किसानों की उपज का मुआयना करेंगे और बोली लगाएंगे। सौदा होने पर ट्रॉली से ही उपज निकलवा कर उसकी तौल करवाएंगे। इससे उपज को निकालकर मंडी में ढेर लगाने का किसानों का समय भी बचेगा। ढेर नहीं लगाने से जगह भी कम लगेगी। मंडी पहुंचने और ढेर लगाने के बाद यदि अचानक मौसम में बदलाव आता है तो किसान की उपज खराब भी नहीं होगी। ट्रॉली में उपज होने से या तो ट्रॉली को ही सुरक्षित जगह पर ले जाया जा सकेगा या फिर उसी में ढंक कर उपज को सुरक्षित किया जा सकेगा।

बताया जाता है कि प्रदेश की अधिकांश मंडियों में पहले से ही यह व्यवस्था है। लेकिन, अभी तक बैतूल में यह व्यवस्था लागू नहीं हो पाई थी। इससे किसानों की फजीहत होती रहती थी। अब बैतूल में भी यह व्यवस्था लागू हो जाने से किसानों को खासी सहूलियत हो जाएगी। मंडी सचिव बताते हैं कि यह व्यवस्था लागू करने के बाद जरूरत के अनुसार इसमें जो भी सुधार जरूरी होंगे, वे किए जाएंगे। हमारा मुख्य उद्देश्य यही है कि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी न हो।

उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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