Dairy Loan Scheme 2025: डेयरी शुरू करने सरकार देती है 10 लाख तक आसान लोन, मिलती है 50 प्रतिशत सब्सिडी
Dairy Loan Scheme 2025: भारत सरकार ने किसानों और ग्रामीण युवाओं की आमदनी में इजाफा करने के लिए पशुपालन डेयरी लोन योजना 2025 की शुरुआत की है। यह योजना उन लोगों के लिए खास अवसर लेकर आई है जो अपना डेयरी व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। सरकार इस योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का लोन और अधिकतम 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी उपलब्ध करा रही है।
आत्मनिर्भर बनने का मिलता अवसर
डेयरी उद्योग भारत की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देता है। दूध और उससे बने उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है, ऐसे में सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक लोग इस व्यवसाय से जुड़ें। योजना का मकसद न केवल किसानों को आर्थिक सहयोग देना है बल्कि रोजगार के नए रास्ते भी खोलना है। युवाओं के लिए यह योजना आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान करती है।
आसान प्रक्रिया से 10 लाख लोन
पशुपालन डेयरी लोन योजना 2025 के तहत सबसे बड़ी सुविधा यह है कि आवेदक को 10 लाख रुपये तक का लोन आसान प्रक्रिया के जरिए मिल सकता है। इस पर सरकार 50 प्रतिशत तक सब्सिडी देती है, जिससे व्यवसाय शुरू करने का बोझ आधा हो जाता है।
लोन की अदायगी के लिए पांच से सात साल का समय दिया गया है। ब्याज दरें भी कम रखी गई हैं ताकि किसानों और ग्रामीणों पर अतिरिक्त दबाव न पड़े। साथ ही योजना के तहत डेयरी व्यवसाय से जुड़ी आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा।

योजना का लाभ लेने इन्हें पात्रता
इस योजना का लाभ हर नागरिक को नहीं मिल सकता, इसके लिए कुछ मानदंड तय किए गए हैं। आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए और उसकी आयु 18 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए। पशुपालन या डेयरी क्षेत्र का बुनियादी अनुभव होना आवश्यक है।
इसके अलावा आवेदक के पास लोन चुकाने की क्षमता होनी चाहिए और वह किसी भी बैंक की डिफॉल्टर सूची में शामिल नहीं होना चाहिए। पिछले पांच वर्षों में किसी बैंक से लिया गया लोन बकाया नहीं होना चाहिए।
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आवेदन प्रक्रिया और दस्तावेज
योजना के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया सरल रखी गई है। आवेदक नजदीकी बैंक शाखा या अधिकृत सरकारी कार्यालय जाकर आवेदन पत्र भर सकता है। आवेदन के साथ एक विस्तृत व्यवसाय योजना प्रस्तुत करनी होगी।
जरूरी दस्तावेजों में आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, बैंक पासबुक की प्रति और निवास प्रमाण पत्र शामिल हैं। साथ ही डेयरी प्रोजेक्ट की विस्तृत रिपोर्ट भी जमा करनी होगी। बैंक द्वारा दस्तावेजों की जांच और वेरिफिकेशन के बाद लोन स्वीकृत किया जाता है और सब्सिडी की राशि सीधे खाते में पहुंच जाती है।

डेयरी व्यवसाय से कितनी आय संभव
डेयरी क्षेत्र को आज की तारीख में सबसे सुरक्षित और लाभकारी व्यवसायों में गिना जाता है। एक छोटी डेयरी यूनिट से भी प्रति माह 25 हजार से 50 हजार रुपये तक की आय संभव है। समय के साथ अनुभव और विस्तार से यह आय और बढ़ सकती है।
भविष्य की संभावनाओं की बात करें तो दूध के अलावा दही, घी, पनीर जैसे उत्पादों की खपत लगातार बढ़ रही है। आधुनिक तकनीक का उपयोग कर डेयरी व्यवसाय को और ज्यादा लाभदायक बनाया जा सकता है। सरकार भी नई तकनीक अपनाने वालों को अतिरिक्त प्रोत्साहन दे रही है।
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महिलाओं के लिए बेहतर मौका
इस योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ने से युवाओं का पलायन कम होगा और स्थानीय स्तर पर आय के साधन विकसित होंगे। डेयरी उद्योग से जुड़े सहायक कारोबार जैसे पशु चारा, दवाइयां, मशीनरी और उपकरणों की मांग भी बढ़ेगी।
महिलाओं के लिए भी यह योजना बड़ा अवसर है क्योंकि डेयरी का काम घर से आसानी से किया जा सकता है। इससे ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकेंगी। सरकार का अनुमान है कि इस योजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब पांच लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से दिया गया है। योजना की शर्तें समय-समय पर बदल सकती हैं। सही और ताजा जानकारी के लिए संबंधित सरकारी विभाग या नजदीकी बैंक से संपर्क करना जरूरी है।
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