Today Betul Mandi Bhav : कृषि उपज मंडी बैतूल में आज दिनांक 15, अक्टूबर, 2022 को विभिन्न जिंसों के भाव इस तरह रहे –

120 दिन में पक जाती है गेंहू की ये किस्में, मिलता है सबसे ज्यादा उत्पादन

डीबीडब्ल्यू- DBW 187
गेहूं की इस किस्म को अनुसंधान संस्थान, करनाल के द्वारा साल 2019 में तैयार किया गया था. यह किस्म पीली व भूरी रोली प्रतिरोधी की तरह दिखती है. इसमें उच्च लौह तत्व के साथ चपाती की गुणवत्ता पाई जाती है. अगर हम इसके पकने की बात करें, तो यह 120 दिन में पूरी तरह से पककर तैयार हो जाती है. गेहूं की यह किस्म लगभग 100 सेमी तक बढ़ती है. यह किस्म प्रति हेक्टेयर 64.70 क्विंटल तक उत्पादन देती है.
लोक-1
गेहूं की यह किस्म जल्दी पक जाती है. देखा जाए तो यह पछेती व बुवाई की परिस्थितियों में सबसे अच्छी किस्म मानी जाती है. यह किस्म काला धब्बा रोग से अधिक प्रभावित होती है. इस किस्म की पूरी फसल 100 दिनों तक तैयार हो जाती है और वहीं यह 40-45 प्रति हेक्टेयर उत्पादन देती है.
डब्ल्यू एच 147
गेहूं की यह किस्म बुवाई से लेकर सिंचित क्षेत्रों तक सभी के लिए अच्छी मानी जाती है. इसके दाने बेहद सख्त होने के साथ- साथ बड़े आकार वाले होते हैं. इनके दानों का रंग शरबती व अंबर होता है. इस किस्म की फसल बाजार में सबसे अच्छी बिकती है. लोग भी इसके गेहूं के आटे की रोटी को सबसे अधिक खाना पसंद करते हैं. अगर हम इसकी फसल के पकने की बात करें तो यह 125-130 दिन में पूरी तरह से पक जाती है.
एचआई HI-1620 (पूसा गेहूं 1620)
गेहूं की यह किस्म भारतीय अनुसंधान क्षेत्रीय केंद्र, इंदौर में साल 2019 में विकसित की गई है. इसके 1000 दानों का वजन करीब 40-45 ग्राम तक होता है. इसके गेहूं की रोटी बहुत अच्छी होती है. यह पकने में 125-140 दिनों तक का समय लेती है.



