RTI penalty Betul: आरटीआई में नहीं दी जानकारी, सीएमओ पर 25 हजार का ठोंका जुर्माना
RTI penalty Betul: बैतूल। सूचना के अधिकार के तहत जानकारी नहीं उपलब्ध कराने पर राज्य सूचना आयुक्त डॉ. वंदना गांधी ने संबंधित अधिकारी पर 25 हजार का जुर्माना लगाया है। मामला बैतूल जिले के घोडाडोंगरी का है। जिसमें आरटीआई कार्यकर्ता दिलीप अग्रवाल ने सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी थी। इसे कार्यालय की गोपनीय दस्तावेज बताकर जानकारी देने से इंकार कर दिया था।
इस संबंध में दिलीप अग्रवाल द्वारा अपील की गई। इस पर पर फैसला दिया गया था कि कार्यालय के दस्तावेज गोपनीय जानकारी की श्रेणी में नहीं आते हैं। इसलिए आवेदक को जानकारी उपलब्ध कराई जाएं। उसके बावजूद आयोग के निर्देशों का पालन नहीं किया गया। इस पर आयोग द्वारा अब तत्कालीन सीएमओ केएस उईके पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
आयोग ने दिए थे यह आदेश
गौरतलब है कि आयोग द्वारा 17 जून 2025 को पारित आदेश में आदेशित किया गया था कि लोक सूचना अधिकारी आदेश प्राप्ति के 15 दिवस के भीतर अपीलार्थी को बिंदुवार प्रमाणित जानकारी नि:शुल्क स्पीड पोस्ट के माध्यम से उपलब्ध कराएं और पालन प्रतिवेदन आयोग को प्रेषित किया जाना सुनिश्चित करें। इस अवधि के पश्चात् लोक सूचना अधिकारी केएस उईके को धारा 20 (1) के तहत जारी कारण बताओ सूचना पत्र पर विचार उपरांत निर्णय लिया जाएगा।
अपीलार्थी ने की कार्यवाही की मांग
जानकारी नहीं देने पर अपीलार्थी द्वारा 17 जुलाई को प्रस्तुत आवेदन में आयोग के आदेश की निरंतर अवहेलना किए जाने एवं आदेश के बावजूद जानकारी उपलब्ध नहीं कराए जाने की जानकारी दी। साथ ही सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 20 के अंतर्गत कार्यवाही किए जाने का अनुरोध किया गया।
आयोग ने पाया- अवहेलना की गई
सुनवाई में आयोग ने पाया कि आयोग के आदेश दिनांक 17.06.2025 का पालन लोक सूचना अधिकारी केएस उईके द्वारा नहीं किया गया। इस प्रकार लोक सूचना अधिकारी द्वारा आयोग के आदेश की अवहेलना किया जाना न्यायोचित नहीं है। आयोग के आदेश का पालन सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 19 (7) के अंतर्गत बाध्यकारी है।
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पच्चीस हजार रुपये का किया जुर्माना
इस प्रकार लोक सूचना अधिकारी द्वारा जानबूझकर अपीलार्थी को सूचना उपलब्ध नहीं करवाया जाना स्पष्ट होता है। जिसके अनुक्रम में केएस उईके, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका परिषद, घोड़ाडोंगरी, जिला बैतूल वर्तमान लोक सूचना अधिकारी को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 20 (1) के तहत रूपए 25,000 की शास्ति अधिरोपित की जाती है।
एक माह में जमा करें जुर्माने की राशि
आयोग ने आदेश दिया कि वे शास्ति की राशि एक माह के भीतर नियमानुसार आयोग कार्यालय में जमा कर रसीद सहित जानकारी प्रस्तुत करें। अधिरोपित शास्ति राशि समय सीमा में जमा नहीं किए जाने के फलस्वरूप मध्यप्रदेश सूचना का अधिकार (फीस तथा अपील) नियम 2005 की धारा 8 (6) अनुसार कार्यवाही की जाएगी।
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