Betul Mandi Bhav: बैतूल मंडी भाव 1 सितंबर 2025 : सोयाबीन गिरे, सरसों-मक्का चढ़े; कल अवकाश
Betul Mandi Bhav: बैतूल कृषि उपज मंडी मध्यप्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण मंडियों में से एक है। यहां हर दिन हजारों किसान अपनी उपज लेकर आते हैं और खरीदारों के साथ लेन-देन करते हैं। किसानों की मेहनत और बाजार की मांग के आधार पर रोजाना मंडी के दाम बदलते रहते हैं।
हाल ही में 30 अगस्त 2025 (शनिवार) और 1 सितंबर 2025 (सोमवार) के मंडी भाव के आंकड़े सामने आए हैं। इन दोनों दिनों की तुलना करने पर हमें साफ नजर आता है कि किन फसलों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई और कहां गिरावट दर्ज की गई।
कुल आवक में बड़ा अंतर
30 अगस्त को बैतूल मंडी में कुल 2005 बोरे कृषि उपज की आवक हुई थी। वहीं 1 सितंबर को यह आंकड़ा लगभग दोगुना होकर 5633 बोरे तक पहुंच गया। इसका मतलब है कि किसानों ने सोमवार को बड़ी मात्रा में उपज मंडी पहुंचाई। आवक बढ़ने का सीधा असर कुछ फसलों के दामों पर पड़ा, क्योंकि आपूर्ति बढ़ने से कई जगह भाव नीचे आ गए।
सोयाबीन : किसानों की सबसे बड़ी फसल
पीला सोयाबीन पीला बैतूल क्षेत्र की प्रमुख फसल है। 30 अगस्त को पीले सोयाबीन की आवक 592 बोरी रही।
- न्यूनतम भाव: 3600 रुपये
- अधिकतम भाव: 4701 रुपये
- औसत (प्रचलित) भाव: 4481 रुपये
1 सितंबर को आवक बढ़कर 1215 बोरे हो गई।
- न्यूनतम भाव: 3951 रुपये
- अधिकतम भाव: 4701 रुपये
- औसत भाव: 4411 रुपये
आवक बढ़ने से प्रचलित भाव में करीब 70 की गिरावट दर्ज की गई। किसानों को उम्मीद थी कि बढ़ी हुई मांग के चलते दाम स्थिर रहेंगे, लेकिन मंडी में माल अधिक आने से रेट नीचे आ गए।
गेहूं : स्थिरता और हल्की गिरावट
30 अगस्त को गेहूं की आवक 1169 बोरे थी और औसत भाव 2681 रहा। 1 सितंबर को आवक तीन गुना बढ़कर 3469 बोरे पहुंच गई। औसत भाव घटकर 2670 हो गया। गेहूं के भाव में बड़ी गिरावट नहीं हुई, लेकिन ज्यादा आवक का असर साफ दिखाई दिया।
मक्का : हल्की तेजी
30 अगस्त को मक्का की आवक 211 बोरे रही और औसत भाव 2140 रुपये रहा। 1 सितंबर को आवक 894 बोरे रही और औसत भाव बढ़कर 2162 हो गया। मक्का में आवक बढ़ने के बावजूद भाव ऊपर गए। यह संकेत है कि खरीदारों की मांग अधिक रही।
चना : स्थिर भाव
30 अगस्त को चने की आवक मात्र 6 बोरे थी। औसत भाव 4701 रुपये दर्ज हुआ। 1 सितंबर को आवक बढ़कर 11 बोरे हो गई। औसत भाव फिर भी लगभग वही 4700 रुपये पर टिके रहे। इससे पता चलता है कि चने के बाजार में अभी स्थिरता बनी हुई है।
सरसों : कीमतों में मजबूती
30 अगस्त को सरसों की आवक 2 बोरे रही और भाव 5500 रुपये पर स्थिर रहे। 1 सितंबर को आवक बढ़कर 6 बोरी हुई और औसत भाव 5725 रुपये तक पहुंच गए। सरसों में भाव बढ़ने की वजह मांग में मजबूती रही।
उड़द : हलचल कम
30 अगस्त को उड़द की 3 बोरे आवक हुई थी, औसत भाव 5400 रहा। 1 सितंबर को 3 बोरी आई और औसत भाव 5400 रुपये पर रहे।
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मूंग : भाव में गिरावट
30 अगस्त को मूंग की आवक 3 बोरे रही और औसत भाव 7141 रहा। 1 सितंबर को 10 बोरे आई और औसत भाव 6500 तक पहुंचे। मूंग के भाव में गिरावट से किसान चिंतित नजर आए।
गुल्ली : आवक और भाव गिरे
गुल्ली की बात करें तो 30 अगस्त को 39 बोरे आई और औसत भाव 4750 रहे। 1 सितंबर को आवक घटकर 24 बोरे रह गई और औसत भाव घटकर 4500 रुपये हो गए।
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तुअर : मात्र एक बोरे आवक
तुअर 30 अगस्त को नहीं आई थी। 1 सितंबर को केवल 1 बोरी आई और भाव 4000 रुपये दर्ज हुए।
आवक बढ़ने से घटते हैं दाम
किसानों का कहना है कि मंडी में आवक बढ़ने से दाम घटने का डर हमेशा बना रहता है। इस बार भी ऐसा ही हुआ। खासकर सोयाबीन और गेहूं में किसानों को उम्मीद के अनुसार दाम नहीं मिले। वहीं मूंग और सरसों जैसे कुछ उत्पादों ने किसानों को राहत दी।
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विशेषज्ञों की राय
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार बैतूल मंडी में आवक का सीधा असर भावों पर पड़ता है। जब मंडी में ज्यादा माल आता है तो खरीदार दाम नीचे करने की कोशिश करते हैं। वहीं कम आवक होने पर दाम बढ़ जाते हैं।
बैतूल मंडी में 1 सितंबर 2025 को आवक और भाव की स्थिति

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