स्वास्थ्य अपडेट

Anulom-Vilom: अनुलोम-विलोम प्राणायाम को रोज करने से सेहत को मिलते है कई अनगिनत फायदे

Anulom-Vilom, anulom vilom benefits, anulom vilom in hindi, anulom vilom steps, anulom vilom ratio, 100 benefits of anulom vilom, 50 benefits of anulom vilom miracles of anulom vilom, 15 minutes anulom vilom benefits

Anulom-Vilom: अनुलोम-विलोम प्राणायाम को रोज करने से सेहत को मिलते है कई अनगिनत फायदे
Source: Credit – Social Media

Anulom-Vilom: ये योगासनों में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। इसे ऊॅंंचाई बढ़ाने वाला व्यायाम भी कहा जाता है। केवल इसका ही नियमित रूप से अभ्यास करने से व्यक्ति को सम्पूर्ण योग व्यायाम का लाभ मिल जाता है। इसके अभ्यास से व्यक्ति का शरीर निरोग और स्वस्थ होकर तेजस्वी हो जाता है। ये योग स्त्री, पुरुष, बाल, युवा तथा वृद्धों के लिए भी उपयोगी बताया गया है।

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए योग हमारे जीवन में बहुत जरूरी है। नियमित रूप से योग का अभ्यास करने से शरीर की कई समस्याएं दूर होती हैं। मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, हाई शुगर, थायराइड, पीरियड्स प्रॉबलम्स जैसी समस्याओं को कम करने के लिए योग का सहारा लेना चाहिए। योगासन से शरीर की समस्याएं प्रभावी रूप से दूर होती हैं। इसके अलावा कुछ ऐसे आसन हैं, जिनका अभ्यास महिलाओं को नियमित रूप से करना चाहिए। इन आसन को करने से पीठ दर्द, पेट दर्द, कमर दर्द, पीरियड्स आदि कई प्रकार की समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। साथ ही शरीर को कई अन्य फायदे होते हैं।

शारीरिक और मानसिक रोगों से मुक्‍त रहने और बचाव के लिए योग सबसे आसान तरीका है। महिला हो या पुरुष, योग सभी के लिए फायदेमंद होता है। रोजाना योग करना एक अच्‍छी आदत है। इससे न सिर्फ शारीरिक रूप से स्‍वस्‍थ रहेंगी साथ ही मानसिक रूप से भी फायदा मिलेगा।

Anulom-Vilom: अनुलोम-विलोम प्राणायाम को रोज करने से सेहत को मिलते है कई अनगिनत फायदे
Source: Credit – Social Media

अनुलोम-विलोम

अनुलोम-विलोम एक विशिष्ट प्रकार का योग है, जिसमें श्वास को नियंत्रित करके अभ्यास किया जाता है। इसे प्राणायाम भी कह सकते हैं। इस श्वास अभ्यास को रोजाना करने से तनाव कम होता है और बेहतर श्वास व रक्त परिसंचरण को बनाए रखने में मदद मिलती है। अनुलोम विलोम का अभ्यास करने के कई फायदे हैं।

अनुलोम-विलोम का तरीका (Anulom-Vilom)

इस आसन को करने के लिए भी सबसे पहले शरीर को एकदम से सीधा रखते हुए ध्यानपूर्वक में बैठ जाएं। बाएं हाथ से ज्ञान मुद्रा बनाकर दाएं हाथ के अंगूठे से दाईं नासिका को बंद करें और बाईं नासिका से श्वास भरें। अब बाई नासिका बंद करें और दाईं नासिका से श्वास छोड़ें। इस क्रिया को अब दूसरी नाक से दोहराएं।

अनुलोम विलोम प्राणायाम (नाड़ी शोधन प्राणायाम) के लाभ

  • मन को शांत और केंद्रित करने के लिए यह एक बहुत अच्छी क्रिया है।
  • भूतकाल के लिए पछतावा करना और भविष्य के बारे में चिंतित होना यह हमारे मन की एक प्रवृत्ति है। नाड़ी शोधन प्राणायाम मन को वर्तमान क्षण में वापस लाने में मदद करता है।
  • नाड़ियों की शुद्धि करता है और उनको स्थिर करता है, जिससे हमारे शरीर में प्राण ऊर्जा का प्रवाह हो।
  • श्वसन प्रणाली व रक्त-प्रवाह तंत्र से सम्बंधित समस्याओं से मुक्ति देता है।
  • शरीर का तापमान बनाए रखता है।
  • मन और शरीर में संचित तनाव को प्रभावी ढंग से दूर करके आराम देने में मदद करता है।
  • मस्तिष्क के बाएँ और दाएँ गोलार्ध को एक समान करने में मदद करता है, जो हमारे व्यक्तित्व के तार्किक और भावनात्मक पहलुओं से जोड़ता है।

स्वास्थ्य अपडेट की ताजा ख़बरें (Hindi News) अब हिंदी में पढ़ें | Trending खबरों के लिए जुड़े रहे betulupdate.com से | आज की ताजा खबरों (Latest Hindi News) के लिए सर्च करें betulupdate.com

उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

Related Articles

Back to top button