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MSP Par Moong Kharidi: एमएसपी पर मूंग और मूंगफली खरीदी को केंद्र सरकार ने दी मंजूरी, इन राज्यों में होगा उपार्जन

MSP Par Moong Kharidi: बीते कई दिनों से मध्यप्रदेश में मूंग की समर्थन मूल्य पर खरीदी को लेकर उहापोह की स्थिति बनी हुई है। प्रदेश सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीदी करने से इंकार कर दिया गया है। दूसरी ओर किसान और किसान संगठनों द्वारा खरीदी करने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई जा रही है ताकि किसानों को नुकसान न उठाना पड़े।

इस बीच केंद्र सरकार ने ग्रीष्मकालीन मूंग और मूंगफली की खरीदी समर्थन मूल्य पर किए जाने को लेकर महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने ग्रीष्मकालीन फसल सीजन 2025-26 के लिए हरियाणा, उत्तर प्रदेश और गुजरात राज्यों में मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत कुल 54,166 मीट्रिक टन मूंग की खरीद को मंजूरी दी है।

एमपी के किसानों को मिली मायूसी (MSP Par Moong Kharidi)

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के किसानों को पूरी उम्मीद थी कि भले ही राज्य सरकार ने अभी खरीदी करने से इंकार कर दिया है, लेकिन किसानों के द्वारा की जा रही मांग को देखते हुए सरकार किसानों के हित में निर्णय लेगी। उन्हें पूरा भरोसा था कि समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीदी होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे एमपी के किसानों के हाथ मायूसी ही लगी है।

यूपी में खरीदी जाएगी मूंगफली (MSP Par Moong Kharidi)

दूसरी ओर केंद्र सरकार ने मूंग की खरीदी 3 राज्यों से ही करने का फैसला लिया है। दूसरी ओर सरकार ने ग्रीष्मकालीन फसल सीजन 2025-26 के लिए उत्तर प्रदेश में मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत 50,750 मीट्रिक टन मूंगफली की खरीद को मंजूरी दी है। यहां बड़े पैमाने पर मूंगफली का उत्पादन होता है और किसान खरीदी का बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।

तुअर खरीदी की अवधि में इजाफा (MSP Par Moong Kharidi)

इनके अलावा केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बैठक में राज्य के किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए आंध्र प्रदेश में तुअर (अरहर) खरीद की अवधि को 26 जून 2025 तक 15 दिन और बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। आंध्रप्रदेश में कई किसान अपनी उपज नहीं बेच पाए थे। जिससे अवधि बढ़ाने की मांग हो रही थी।

आयात पर निर्भरता कम करने पहल (MSP Par Moong Kharidi)

किसानों को प्रोत्साहित करने और दालों के आयात पर देश की निर्भरता को कम करते हुए दालों के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के लिए, सरकार ने खरीद वर्ष 2024-25 के लिए संबंधित राज्य के उत्पादन के 100 प्रतिशत तक पीएसएस के तहत तुअर (अरहर), उड़द और मसूर की खरीद की अनुमति दी है।

केंद्रीय नोडल एजेंसियों के जरिए खरीद (MSP Par Moong Kharidi)

इसके अलावा, केंद्रीय बजट 2025 में, सरकार ने इस पहल को अतिरिक्त चार वर्षों, 2028-29 तक जारी रखने की घोषणा की, जिसमें इन दालों की खरीद राज्य के उत्पादन के 100त्न तक केंद्रीय नोडल एजेंसियों, अर्थात् NAFED और NCCF के माध्यम से की जाएगी, जिसका उद्देश्य दाल उत्पादन में राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता प्राप्त करना है।

क्या है केंद्र की पीएम आशा योजना (MSP Par Moong Kharidi)

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने एकीकृत योजना प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) को लागू किया है। जिसमें मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस), मूल्य कमी भुगतान योजना (पीडीपीएस), बाजार हस्तक्षेप योजना (एमआईएस) और मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) शामिल हैं।

कृषि उपज के लिए लाभकारी मूल्य (MSP Par Moong Kharidi)

इस पहल का व्यापक उद्देश्य किसानों की कृषि उपज के लिए सुनिश्चित और लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना है, जिससे उनकी आय की रक्षा हो और बाजार में उतार-चढ़ाव के खिलाफ उनकी आजीविका सुरक्षित रहे।

कब होती है पीएसएस के तहत खरीदी (MSP Par Moong Kharidi)

पीएसएस योजना को तब लागू किया जाता है जब अधिसूचित दलहन और तिलहन तथा खोपरा के बाजार मूल्य चरम कटाई अवधि के दौरान अधिसूचित एमएसपी से नीचे चले जाते हैं, ताकि किसानों को लाभकारी मूल्य प्रदान किया जा सके। (MSP Par Moong Kharidi)

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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