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बेहद खौफनाक : बैल को ढूंढने जंगल गए किसान पर वन्य जीव का हमला, तीखे नाखूनों से नोच कर निकाल ली दोनों आंखें

Credit : Jagran

• निखिल सोनी, आठनेर

bear attack on farmer : जिले में विभिन्न कार्यों से जंगल में गए और खेतों में काम रहे लोगों पर वन्य जीवों के हमले आए दिन होते हैं। इन हमलों में लोग बुरी तरह घायल हो जाते हैं तो कुछ की जान पर बन आती है। वैसे तो किसी हिंसक वन्य जीव (predatory wildlife) का हमला ही बेहद भयानक होता है।

लेकिन, हाल ही में हुए एक हमले जैसे खौफनाक हमले की घटना जिले में शायद ही आज तक हुई हो। इस हमले में हमलावर हिंसक वन्य जीव ने पीड़ित की दोनों आंखें ही अपने नुकीले नाखूनों से नोच कर बाहर खींच ली (both eyes removed)। गंभीर रूप से पीड़ित व्यक्ति का नागपुर के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है।

यह दर्दनाक घटना बैतूल जिले के प्रभात पट्टन ब्लॉक की ग्राम पंचायत रजापुर के ग्राम डुढर की है। ग्राम के अनिल कुबड़े ने बताया कि डुढर निवासी और माझी किसान सैनिक जयराम मरकाम का खेत जंगल से सटा हुआ है। दो दिन पहले 22 अगस्त को उसके मवेशी जंगल में गए थे।

शाम तक भी एक बैल वापस नहीं आया। इस पर वह बैल को देखने के लिए जंगल में गया था। इस दौरान भालू ने उस पर हमला कर दिया।उसकी दोनों आंखें जड़ से निकाल ली गई थी। शरीर के अन्य हिस्सों पर भी जख्म थे। हमले में जयराम बेहोश हो गया। इसके बाद भालू चला गया।

करीब दो घंटे बाद होश आया तो जयराम की हालत ऐसी भी नहीं थी कि वह खड़ा हो सके। आंखों से कुछ दिख नहीं रहा था। यह अच्छा था कि उसके पास मोबाइल था, पर वह काल भी नहीं कर पा रहा था। इधर कुछ देर बाद बैल तो आ गया, पर जयराम वापस नहीं आया। यह देखकर परिवार के लोगों ने उसे फोन किया। इस पर किसी तरह मोबाइल रिसीव कर उसने पूरी घटना की जानकारी दी।

इसके बाद ग्रामीणों को लेकर परिजन जंगल में निकले। जंगल में जाकर देखा तो परिजनों के होश उड़ गए। ग्रामीण जयराम जंगल में लहूलुहान हालत में पड़ा था। अनिल के मुताबिक इस क्षेत्र में भालू अक्सर आते रहते हैं। परिजन तत्काल ही घायल अवस्था में तड़प रहे जयराम को अस्पताल ले गए।

वहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर अवस्था होने से नागपुर रेफर किया है। वहां फिलहाल इलाज चल रहा है। इधर परिजनों का कहना है कि वन विभाग से अभी तक कोई मदद नहीं मिल पाई है। उन्होंने वन विभाग और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है ताकि इलाज ठीक से हो सके।

गौरतलब है कि कल 23 अगस्त को सावलमेंढा क्षेत्र के जंगल में भी भालू के हमले की एक घटना हुई है। यहां बड़गांव निवासी सुदामा पिता नारायण (35) मवेशी चराने गया था। इस बीच भालू ने हमला कर दिया। इस हमले में सुदामा भी बुरी तरह जख्मी हो गया है। उसे भी परिजन इलाज के लिए नागपुर ले गए हैं।

उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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