MPPSC Recruitment 2023: उच्च शिक्षा विभाग में प्रोफेसर समेत नॉन टीचिंग 4 हजार से ज्यादा पदों पर हो रही भर्ती, एमपीपीएससी को भेजा प्रस्ताव

MPPSC Recruitment 2023 : मध्यप्रदेश के सरकारी कॉलेजों में थोक में खाली पड़े पदों की समस्या का जल्द ही समाधान होने वाला है। वहीं उच्च शिक्षा विभाग में भर्ती शुरू होने का लंबे समय से इंतजार कर रहे युवाओं को भी बड़ी राहत मिलने वाली है। विभाग द्वारा भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इसके लिए जिन पदों पर एमपीपीएससी के जरिए भर्ती होना है, उसका प्रस्ताव भी एमपीपीएससी को भेज दिया गया है। दूसरी ओर अराजपत्रित पदों पर भर्ती कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से की जाएगी। उसे भी जल्द ही प्रस्ताव भेजने की तैयारी है। (MPPSC Recruitment 2023)
इस संबंध में मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विभाग में जल्द ही 4 हजार से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती होगी। विभाग में 2053 रिक्त पदों पर भर्ती के लिये रोस्टर फाइनल कर एमपीपीएससी को भर्ती का प्रस्ताव ऑनलाइन भेजा जा चुका है।
मंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पहले चरण में सहायक प्राध्यापक के विभिन्न विषयों के 1669 पद, ग्रंथपाल के 255 एवं क्रीड़ा अधिकारी के 129 रिक्त पदों पर भर्ती होगी। उन्होंने बताया कि अराजपत्रित संवर्ग के रिक्त पद कर्मचारी चयन मंडल से भरे जायेंगे।
उम्मीद जताई गई है कि एमपीपीएससी के माध्यम से की जाने वाली भर्ती की अधिसूचना इसी दिसंबर महीने में जारी हो जाएगी। वहीं शेष पदों के लिए अगले साल अप्रैल महीने में अधिसूचना जारी की जाएगी। बताया जाता है कि हाल ही में उच्च शिक्षा विभाग आयुक्त कर्मवीर शर्मा की अध्यक्षता में पिछले दिनों बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय और नर्मदापुरम संभाग के 83 कॉलेजों की समीक्षा बैठक हुई थी। इसमें स्टाफ की कमी की समस्या मुख्य रूप से सामने आई थी।
गौरतलब है कि प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में प्रोफेसर समेत अन्य स्टाफ की कमी लंबे समय से चल रही है। भर्ती नहीं होने से एक ओर पहले से ही कई पद रिक्त पड़े थे। दूसरी ओर हर साल नए कॉलेज खोले जा रहे थे। इनमें अतिरिक्त पद अलग सृजित हो रहे थे। नए कॉलेजों में स्टाफ की व्यवस्था पहले से ही स्टाफ की कमी से जूझ रहे कॉलेजों से ही प्रोफेसरों और अन्य स्टाफ को भेजकर करना पड़ रहा था। वहीं अतिथि विद्वानों के भरोसे पढ़ाई चल रही थी। यह भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकारी कॉलेजों में स्टाफ की स्थिति सुधरने की उम्मीद जताई जा रही है।



