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बैतूल को 424 करोड़ की योजना की सौगात, 267 गांवों को मिलेगा भरपूर पानी

  • उत्तम मालवीय, बैतूल © 9425003881
    पेयजल समस्या को लेकर बैतूल विधायक निलय विनोद डागा की दूरदृष्टि अब विधानसभा क्षेत्र में जमीनी स्तर पर साकार होती हुई नजर आ रही है। श्री डागा के प्रयास से बैतूल विधानसभा की 424 करोड़ की समूह जल प्रदाय योजना को प्रशासकीय स्वीकृति मिल गई है। इस योजना से आगामी समय में बैतूल ब्लॉक के 186 व आठनेर ब्लॉक के 81 ग्रामों को भरपूर शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा।

    विधानसभा क्षेत्र के इन ग्रामों में नासूर बन चुकी पेयजल समस्या का निराकरण करने के लिए विधायक निलय ने विधायक बनते ही प्रयास शुरू कर दिए थे। उन्होंने पूर्व पीएचई मंत्री सुखदेव पांसे के साथ मिलकर बैतूल व मुलताई विधानसभा में समूह जल प्रदाय योजना को मूर्त रूप देने प्रयास किये थे। उसी समय पीएचई मंत्री ने योजना को सैद्धान्तिक सहमति दी थी। उसके बाद ही योजना को जमीनी स्तर पर लाने के लिए डीपीआर बनी, अभी प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई।

    पूर्व कलेक्टर तेजस्वी नायक का रहा विशेष योगदान

    एक समय ऐसा था जब विधानसभा के ग्रामों में लोग पेयजल संकट से जूझते थे। वर्तमान में इन ग्रामों में स्वीकृत समूह जल प्रदाय योजना वरदान साबित हो रही है। योजना के जमीनी स्तर पर साकार होते ही क्षेत्र के ग्रामीणों को भरपूर शुद्ध पेयजल मिलेगा। इस योजना की स्वीकृति के लिए पूर्व पीएचई मंत्री व वर्तमान मुलताई विधायक सुखदेव पांसे विधायक निलय विनोद डागा सहित बैतूल में पूर्व कलेक्टर रहे व वर्तमान में जल निगम के प्रबंध संचालक (एमडी) तेजस्वी नायक के विशेष योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। बैतूल कलेक्टर रहते हुए उनका आदिवासी अंचल से एक आत्मिक लगाव था। इसलिए उन्होंने इस योजना को स्वीकृति दिलाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर पूरा प्रयास किया।

    पूर्व में इन परेशानियों से जूझते थे ग्रामीण

    विगत वर्षों में शासन द्वारा करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी विधानसभा क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही थी। जनता बूंद- बूंद के लिए परेशान हो रही थी। कभी मोटर जल जाने के कारण तो कभी टूट-फूट हो जाने से ग्रामीणों को कई कई दिनों तक पेयजल संकट का सामना करना पड़ता था। वहीं पंचायतों के खुद के वित्तीय स्रोत न होने से बिजली बिल के कारण ग्रामीण पेयजल संकट से जूझते थे, लेकिन अब इससे ग्रामीणों को निजात मिलेगी।

    क्षेत्र के ग्रामीणों ने माना इनका आभार

    योजना को स्वीकृति मिलने पर लाभान्वित ग्रामों के हजारों ग्रामीणों ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, विधायक निलय विनोद डागा, पूर्व पीएचई मंत्री सुखदेव पांसे एवं पूर्व कलेक्टर तेजस्वी नायक का आभार व्यक्त किया है। आभार व्यक्त करने वालों में सरपंच ब्रिंदा कैलाश राजपूत, यतीन्द्र सोनी, माधुरी बाबूलाल पंवार, गब्बर गोचरे, मंशाराम इवने, सुशीला सिरसाम, देवराव पटेल, भरत तोमर, खुशहाल भागबोले, उमराव सैलूकर, ललित बारंगे, ममता कांवरे, भावराव धोटे, प्रकाश धोटे, मनोज धोटे, मनोज गायकवाड़, रतनेश देशमुख, मिथलेश चौहान, संजय दरवाई, तरूण कालभोर, भीम पंवार, राजेन्द्रु साठे, जितेंद्र महाजन, राजू चौबे, बब्बा राठौर, नारायण सरले, प्रमोद कापसे, रम्मू राजपूत, राजेश बारस्कबर, अजय नावंगे, सुभाष राठौर, रघुनाथ राने, केवल ठाकुर, बबलू यादव, ओमप्रकाश यादवा, शंकर तुमराम, प्रकाश माथनकर, आशीष सोनारे, गणेश यादव, सुनील सातपुते, आनंद वागद्रे, पंकज वंजारे, महेन्द्र पंडोले, पिंटू साहू, रवीन्द्र दवंडे, गजानंद खंडागले, गजानंद खलदकर, भद्दू झर्रे, गोकुल पंवार, रामसेवक जितपुरे,मोहन यादव, प्रफुल्ल काले, धर्मेन्द्र खाकरे, योगेश वराठे, ऋिषि नरवरे, मंशुलाल उईके, मोहन टिकमे, मंटू पटेल, मोनू पंवार, संजय खांडवे, खुशीराम लिल्होरे, गोकुल नरवरे, तुलसीराम पारधे, सुरेन्द्र सिंह चंदेल, तिलक गोरिया, नितेश धुर्वे, राजा साहू, विजय राने, सुनील देशमुख, सुनील धुर्वे, रामाधर यादव, रिंकू पटेल, गणेश भरतपुरे, प्रकाश कनाठे, सुशील कनाठे, रामनाथ देशमुख, शुभम चढ़ोकार, कमलेश सोलंकी, कमलेश अड़लक, कृष्णा गीद, हीरालाल सोनारे, वामन भालेकर, कमल पटेल, भूरा झपाटे, प्रयाग झरबड़े, यशवंत साकरे, गिरीश साबले सहित अनेक ग्रामीण शामिल हैं।

  • उत्तम मालवीय

    मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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