Ashtanga Namaskara Benefits : फेफड़ों को स्वस्थ रखने के साथ-साथ आपके आत्मविश्वास को भी बढ़ाएगा ये आसन
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Ashtanga Namaskara Benefits : सूर्य नमस्कार योगासनों में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है, इसे सर्वांग व्यायाम भी कहा जाता है। केवल इसका ही नियमित रूप से अभ्यास करने से व्यक्ति को सम्पूर्ण योग व्यायाम का लाभ पहुंचाने में समर्थ है। इसके अभ्यास से व्यक्ति का शरीर निरोग और स्वस्थ होकर तेजस्वी हो जाता है। ‘सूर्य नमस्कार’ स्त्री, पुरुष, बाल, युवा तथा वृद्धों के लिए भी उपयोगी बताया गया है।
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए योग हमारे जीवन में बहुत जरूरी है। नियमित रूप से योग का अभ्यास करने से शरीर की कई समस्याएं दूर होती हैं। मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, हाई शुगर, थायराइड, पीरियड्स प्रॉबलम्स जैसी समस्याओं को कम करने के लिए योग का सहारा लेना चाहिए। योगासन से शरीर की समस्याएं प्रभावी रूप से दूर होती हैं। इसके अलावा कुछ ऐसे आसन हैं, जिनका अभ्यास महिलाओं को नियमित रूप से करना चाहिए। इन आसन को करने से पीठ दर्द, पेट दर्द, कमर दर्द, पीरियड्स आदि कई प्रकार की समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। साथ ही शरीर को कई अन्य फायदे होते है।
शारीरिक और मानसिक रोगों से मुक्त रहने और बचाव के लिए योग सबसे आसान तरिका है। महिला हो या पुरुष, योग सभी के लिए फायदेमंद होता है। रोजाना योग करना एक अच्छी आदत है। इससे न सिर्फ शारीरिक रूप से स्वस्थ रहेंगी साथ ही मानसिक रूप से भी फायदा मिलेगा।

अष्टांग नमस्कार (Ashtanga Namaskara Benefits)
सूर्य नमस्कार में समाहित 12 योगासनों में सबसे महत्वपूर्ण आसन अष्टांग नमस्कार है। इस आसन का अभ्यास अक्सर लोग विशेष तौर पर ना करके मात्र सूर्य नमस्कार के अंतर्गत करते हैं। अष्टांग नमस्कार के अभ्यास से होने वाले लाभों को जानने के बाद आप विशेष तौर से इस आसन का अभ्यास अपनी दिनचर्या में अवश्य शामिल करेंगे। सूर्य नमस्कार, भारतीय परंपरा को समृद्ध बनाने में इस मुद्रा का विशेष योगदान रहा है। यही कारण है की अष्टांग नमस्कार को सूर्य नमस्कार के 12 आसनों में समाहित किया गया है। आज भी ऋषि-मुनियों तथा ईश्वर की प्रतिमा के सामने भारतीय लोग नम्रता से भूमि को स्पर्श करते हुए प्रणाम करते हैं तथा अपना आदर सम्मान व्यक्त करते हैं। सूर्य नमस्कार में यह छठा आसन है।
अष्टांग नमस्कार योग करने का सही तरीका
- सबसे पहले योग मैट पर पेट के बल लेट जाएं। फिर दोनों हाथ कमर के पास ले आएं।
- हाथों को पसलियों के पास ले आएं और गहरी सांस बाहर की तरफ छोड़ें।
- इसके बाद हथेलियों के बल ऊपर उठाने की कोशिश करें।
- इस दौरान कोशिश करें कि आपके दोनों पैर, घुटने, हथेलियां, सीना और ठोड़ी जमीन को छूते रहें।
- योगासन करते समय आपके सभी अंग हवा में रहेंगे।
- अपने हिप्स और पेट वाले हिस्से को हल्का सा उठाकर रखने की कोशिश करें।
- अभ्यास के दौरान सांस को रोककर रखेंगे और फिर सांस को खींचते हुए सामान्य हो जाएंगे।
- फिर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आ जाएं।
अष्टांग नमस्कार योग के फायदे (Ashtanga Namaskara Yoga benefit)
- अष्टांग नमस्कार योग का अभ्यास करने से आपके शरीर का लचीलापन बढ़ता है और साथ ही रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है। इससे शरीर की मांसपेशियों में संतुलन बना रहता है। साथ ही इससे मसल्स एक्टिव रहती है। इसके अलावा यह मसल्स को टोन बनाता है।
- अष्टांग नमस्कार योग आपके अंगों को मजबूत बनाता है। साथ ही इसे हाथ, पैर, घुटने, हिप्स और कमर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद मिलती है। इस आसन का नियमित अभ्यास करने से आपका इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। साथ ही आपकी बॉडी सुडौल होती है।
- इस योगासन के अभ्यास से आपकी मानसिक क्षमता बढ़ती है और साथ ही एकाग्रता बढ़ाने में भी मदद मिलती है।
- शारीरिक संतुलन के लिए भी आप अष्टांग नमस्कार योग का अभ्यास कर सकते हैं।
- इस योगासन का अभ्यास करने से आपका पाचन तंत्र ठीक रहता है और साथ ही इससे पेट की मांसपेशियां मजबूत होती है।
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