District Hospital Betul : जिला अस्पताल की बीमार व्यवस्थाओं पर सर्जिकल स्ट्राइक शुरू; डॉक्टर के बाद स्टुवर्ड दीपक भार्गव भी निलंबित

▪️उत्तम मालवीय, बैतूल
District Hospital Betul :आखिरकार लंबे इंतजार के बाद ही सही जिला अस्पताल (District Hospital Betul) की बीमार और अपंग व्यवस्थाओं पर सर्जिकल स्ट्राइक (surgical strike) शुरू हो गई है। सोमवार को कुछ घंटे पहले ही सीजर के लिए रिश्वत लेने और इलाज के लापरवाही के आरोप में एक महिला चिकित्सक डॉ. वंदना धाकड़ (Female Doctor Dr. Vandana Dhakad) को निलंबित किया गया है। अब कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस (Collector Amanbir Singh Bains) ने जिला अस्पताल के स्टुवर्ड दीपक भार्गव (Steward Deepak Bhargava) को निलंबित कर दिया है। इन्हें जिला अस्पताल में मिली अव्यवस्थाओं के लिए सस्पेंड किया है।
कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस ने जिला पंचायत सीईओ अभिलाष मिश्रा (Zilla Panchayat CEO Abhilash Misrha) के निरीक्षण के दौरान जिला अस्पताल के प्रसूता वार्ड में अत्यंत गंदगी पाई जाने, पीने के पानी के पास साफ-सफाई न होने, साफ-सफाई कर्मचारी एवं सिक्युरिटी गार्ड मौके पर उपस्थित नहीं मिलने, मांगने पर ड्यूटी संबंधी रोस्टर प्रस्तुत नहीं किए जाने के आरोप में जिला चिकित्सालय में पदस्थ स्टुवर्ड भार्गव को निलंबित करने के आदेश दिए हैं। निलंबन अवधि में उक्त कर्मचारी का मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सेहरा नियत किया गया है।
गौरतलब है कि तेज तर्रार आईएएस अभिलाष मिश्रा (IAS Abhilash Mishra) के इस निरीक्षण के दौरान कदम-कदम पर न केवल अव्यवस्थाएं नजर आईं बल्कि कई अनियमितताएं भी सामने आई थी। आलम यह था कि श्री मिश्रा द्वारा पूछे जाने वाले सवालों का जिला अस्पताल के मुखिया (सिविल सर्जन) जवाब दे पा रहे थे ना स्वास्थ्य विभाग के मुखिया (सीएमएचओ) के पास ही कोई जवाब थे। दोनों अफसर अधिकांश सवालों पर गोलमोल जवाब देते नजर आए। यह संकेत भी इस दौरान मिले कि अधिकांश सिक्योरिटी गार्ड और सफाई कर्मचारियों का कागजों पर ड्यूटी करते हुए ही हर महीने भुगतान हो रहा है।
जिला अस्पताल की शिकायतों की जांच के लिए गठित टास्क फोर्स के अध्यक्ष एवं सीईओ जिला पंचायत श्री मिश्रा ने शनिवार देर रात करीब 10 से 11 बजे के बीच जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर अस्पताल प्रबंधन की क्लास ली थी। इस दौरान उन्होंने ट्रामा सेंटर के प्रसूता वार्ड में साफ-सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाए जाने एवं सिक्योरिटी गार्ड की नामौजूदगी पर नाराजगी जाहिर करते हुए उक्त दोनों कर्मचारियों को बदलने के निर्देश दिए थे। साथ ही अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं को सुधार लाने के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एके तिवारी को निर्देश देते हुए सिविल सर्जन डॉ. अशोक बारंगा को कारण बताओ नोटिस जारी करने को भी कहा था।
निरीक्षण के दौरान सीईओ जिला पंचायत ने सिविल सर्जन से यह भी कहा कि वे अस्पताल में मरीजों के आने-जाने के रास्ते से ही प्रवेश करें, ताकि वहां की व्यवस्थाओं में सुधार लाया जा सके। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को भी ताकीद किया गया कि वे रात में भी जिला अस्पताल का निरीक्षण करें। सीईओ जिला पंचायत ने यहां मरीजों के परिजनों से भी बात की। साथ ही पूछा कि उपचार में कोई असुविधा तो नहीं है।
उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए कि अस्पताल में मरीजों के लिए उपचार सुविधाएं नि:शुल्क है। किसी भी मरीज से बाहर से कोई भी उपचार सामग्री न बुलाई जाए। अस्पताल में चिकित्सकों एवं स्टाफ का ड्यूटी चार्ट स्पष्ट रूप से अंकित रहे। साथ ही ड्यूटी चार्ट में संबंधित का मोबाइल नंबर भी अंकित हो। जिला अस्पताल में रात्रि के दौरान अतिरिक्त स्टाफ की ड्यूटी लगाई जाए, ताकि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को उचित सेवाएं दी जा सके। रात्रि के दौरान कॉल-ऑन-ड्यूटी डॉक्टर का रिस्पांस शीघ्रता से हो।
इस दौरान उन्होंने अस्पताल के रैफरल रजिस्टर एवं ड्यूटी रजिस्टर की भी जांच की। अस्पताल में पर्याप्त संख्या में डस्टबिन रखने के भी निर्देश दिए। सीईओ जिला पंचायत श्री मिश्रा ने जिला अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि किसी भी तरह की शिकायत मिलने पर वे तत्काल अस्पताल पहुंचेंगे एवं दोषियों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।



